कोरोना से 24 घंटे में 36 मौत हुयी और संक्रमण के 1553 नये मामले - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 20 अप्रैल 2020

कोरोना से 24 घंटे में 36 मौत हुयी और संक्रमण के 1553 नये मामले

1553-new-corona-case-in-last-24-hours
नयी दिल्ली, 20 अप्रैल, स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को पिछले 24 घंटों के दौरान देश में कोरोना वायरस से संक्रमण के 1553 नये मामले सामने आये, जबकि संक्रमण के कारण एक दिन में 36 लोगों की मौत हो गयी। स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 17,265 पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़कर 2546 (14.75 प्रतिशत) हो गयी है। देश में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 543 हो गयी है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के पालन को सुनिश्चित किये जाने के कारण देश में संक्रमित मरीजों की संख्या दोगुनी होने की दर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। अग्रवाल ने इसे कोरोना के खिलाफ अभियान के लिये सकारात्मक संकेत बताते हुये कहा कि 25 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के पहले राष्ट्रीय स्तर पर मरीजों की संख्या 3.4 दिन में दोगुनी हो रही थी, अब 19 अप्रैल तक के विश्लेषण के आधार पर यह दर 7.5 दिन हो गयी है। इस दौरान गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि देश में संक्रमण मुक्त इलाकों में सोमवार से लॉकडाउन में आंशिक छूट दिये जाने के मद्देनजर मंत्रालय स्थिति की सतत निगरानी कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिन शहरों में लॉकडाउन के उल्लंघन के मामले सामने आ रहे हैं उनमें इसका पालन सुनिश्चित कराने में मदद और स्थिति के आकलन के लिये मंत्रालय ने छह अंतर मंत्रालयी समूह गठित किये हैं। श्रीवास्तव ने बताया कि संक्रमण की स्थिति में सुधार नहीं होने और लॉकडाउन का शतप्रतिशत पालन नहीं हो पाने वाले जिलों में ये समूह भेजे गये हैं। उन्होंने कहा कि छह सदस्यीय समूह के प्रतिनिधि राजस्थान में जयपुर, मध्य प्रदेश में इंदौर, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और 24 परगना और महाराष्ट्र में मुंबई एवं पुणे सहित कुछ अन्य जिलों में जाकर वस्तुस्थिति की समीक्षा कर लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित करने में मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि समूह में स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन सहित अन्य संबद्ध क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। श्रीवास्तव ने कहा कि इसका मकसद मौजूदा संकट से निपटने के बारे में राज्यों के साथ विशेषज्ञता को साझा करना है। अग्रवाल ने राज्यों में संक्रमण फैलने की गति में सुधार आने की जानकारी देते हुये बताया कि देश के 18 राज्य ऐसे हैं जो मरीजों की संख्या दोगुनी होने के मामले में राष्ट्रीय औसत से काफी आगे निकल गये हैं। अग्रवाल ने इसे संक्रमण फैलने की गति में गिरावट का स्पष्ट संकेत बताते हुये कहा कि आठ से 20 दिन तक की अवधि में जिन राज्यों में मरीजों की संख्या दोगुना हो रही है उनमें दिल्ली में (8.5 दिन), कर्नाटक (9.2 दिन), तेलंगाना (9.4 दिन), आंध्र प्रदेश (10.6 दिन), जम्मू कश्मीर (11.5 दिन), छत्तीसगढ़ (13.3 दिन), तमिलनाडु (14 दिन) और बिहार (16.4 दिन) शामिल हैं। अग्रवाल ने कहा कि जिन राज्यों में मरीजों की संख्या 20 से 30 दिन में दोगुना हो रही है उनमें अंडमान निकोबार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, असम उत्तराखंड और लद्दाख शामिल हैं। जबकि मरीजों की संख्या दोगुनी होने की दर ओडिशा में 39.8 दिन और केरल में 72.2 दिन पर पहुंच गयी है। उन्होंने बताया कि देश में तीन जिलों (पुडुचेरी के माहे, कर्नाटक के कोडागु और उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल) में 28 दिनों से एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं, राजस्थान में डूंगरपुर और पाली, गुजरात में जामनगर और मोरबी तथा उत्तरी गोवा जिलों में पिछले 14 दिन से संक्रमण के किसी मामले की पुष्टि नहीं हुयी है। ऐसे जिलों की कुल संख्या 59 हो गयी है। श्रीवास्तव ने कहा गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को पत्र लिखकर लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के लिये भी कहा गया है। उन्होंने कहा कि पत्र में राज्यों को कुछ इलाकों में लॉकडाउन का उल्लंघन होने की घटनाओं का जिक्र करते हुये स्पष्ट निर्देश भी दिये गये हैं कि इसका पालन सुनिश्चित करने के लिये सख्ती बढ़ा सकते हैं लेकिन लॉकडाउन के दिशानिर्देशों में ढील कतई नहीं दे सकते। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने केरल सरकार द्वारा संशोधित दिशानिर्देश बनाने पर चिंता व्यक्त करते हुये कहा है कि किसी भी राज्य स्थिति में सुधार को देखते हुये केन्द्रीय दिशानिर्देशों का उल्लंघन नहीं करना चाहिये।

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...