बाबा साहेब ने हमेशा दलित-आदिवासियों के लिये किया काम: मायावती - Live Aaryaavart

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बुधवार, 15 अप्रैल 2020

बाबा साहेब ने हमेशा दलित-आदिवासियों के लिये किया काम: मायावती

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लखनऊ 14 अप्रैल, बहुजन समाज पार्टी(बसपा) अध्यक्ष मायावती ने भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर को उनकी जयन्ती श्रद्धासुमन अर्पित करते हुये कहा कि बाबा साहेब ने अपनी पूरी जिन्दगी दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों एवं अन्य उपेक्षित वर्गाें के लोगों को भी स्वाभिमान के साथ अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए समर्पित की। सुश्री मायावती ने मंगलवार को यहां डॉ0 आंबेडकर को उनकी जयंती ने श्रद्धा सुमन अर्पित किये। उन्होंने कहा कि आज देश के ख़ासकर करोड़ाें दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों एवं अन्य उपेक्षित वर्गाें के मसीहा व भारतीय संविधान के मूल निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती है। बाबा साहेब के अधूरे कार्यो को पूरा करने के लिए आज के ही दिन 14 अप्रैल 1984 को श्री कांशीराम ने बसपा की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब जयन्ती के शुभ अवसर पर पार्टी की ओर से उन्हें हार्दिक श्रद्धा-सुमन अर्पित करती हूँ। उन्होन अपनी पूरी जिन्दगी ख़ासकर यहाँ दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों एवं अन्य उपेक्षित वर्गाें के लोगों को भी स्वाभिमान के साथ अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए समर्पित की है। देश में भी फैले कोरोना वायरस व इसके बचाव में लगे सरकारी लाॅकडाउन की वजह से भी इस बार पार्टी के साथ-साथ, उनके अन्य तमाम अनुयायी भी बाबा साहेब की जयन्ती अपने घरों में ही रहकर मना रहे है। मैं पूरे तहेदिल से उनका आभार प्रकट करती हूँ। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि इस महामारी के चलते पूरे देश में ख़ासकर दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों एवं अन्य उपेक्षित व गरीब लोगों की जो काफी दुर्दशा देखने के लिए मिली है। इनके प्रति केन्द्र व राज्य सरकारों की भी, अभी तक हीन व जातिवादी मानसिकता पूरे तौर से बदली नहीं है। उन्होंने कहा “‘‘यदि इन लोगों ने स्वाभिमान के साथ खुद अपने पैरों पर खड़े होने के लिए बाबा साहेब की बात मानी होती, साथ ही ये लोग जातिवादी व पूँजीवादी पार्टियों के बहकाये में नहीं आये होते तो आज हमें पूरे देश में इस फैली महामारी के दौरान् इनकी ऐसी खराब व दयनीय दुर्दशा देखने के लिए नहीं मिलती। ” उन्होंने कहा कोरोना से पीड़ितों में लगभग 90 प्रतिशत लोग उपेक्षित वर्ग के हैं। उनकी यह शिकायतें हैं कि उनके पास कोई राशन कार्ड आदि नहीं है। उन्हें अभी तक राशन भी नहीं मिल पा रहा है। सरकार को इसका जल्दी ही कोई ना कोई हल जरूर निकालना चाहिये, वरना ये लोग कोरोना से कम बल्कि भूखे रहकर ज्यादा मर जायेंगे।

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