जमशेदपुर : प्रधानमंत्री से प्रेरित होकर बीटेक छात्र ने देसी जुगाड़ से बनाया पीपीई मास्क - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

जमशेदपुर : प्रधानमंत्री से प्रेरित होकर बीटेक छात्र ने देसी जुगाड़ से बनाया पीपीई मास्क

कोरोना से लड़ाई को लेकर लगे लॉकडाउन में हर भारतीय नागरिक गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने में लगा है. वहीं जमशेदपुर के एक बीटेक छात्र ने भी पीपीई मास्क बना कर लोगों की मदद करने का बीड़ा उठाया है.
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जमशेदपुर (आर्यावर्त संवाददाता) : देश में कोरोना से निपटने के लिए सरकार और प्रशासन लगातार काम कर रहा है. लोगों को मास्क पहनने और सेनेटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए कहा जा रहा है. वहीं देश के प्रधानमंत्री के स्वदेशी कपड़े का मास्क पहनने के लिए कहने पर, उनसे प्रेरित होकर जमशेदपुर के बीटेक के छात्र विवेक राज ने जुगाड़ से पीपीई मास्क बनाया है. विवेक ने बताया है कि एक पीपीई मास्क बनाने में मात्र 10 रुपये की लागत आई है. देश में कोरोना से जंग में मेडिकल टीम के साथ सरकार लगातार काम कर रही है. इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है. सोशल डिस्टेंस का पालन किया जा रहा है. मास्क पहनना जरूरी हो गया है. वहीं बाजार में मास्क की कमी देखी जा रही है. इधर देश के प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान बाजार में बिकने वाले मास्क के बदले घरेलू मास्क यानी गमछा को मुंह पर लपेट कर जनता को संबोधित किया. जमशेदपुर के हरहरगुट्टू का रहने वाले बीटेक के छात्र विवेक राज ने लॉकडाउन में घर में बैठे जुगाड़ से पीपीई मास्क बनाया है. बाजार में बिकने वाले ट्रांसपेरेंट सेलोफिन पेपर किसी भी बॉक्स के कार्डबोर्ड के जरिये विवेक ने अपने घर में पीपीई मास्क बना डाला. चेहरे को सामने से ढकने के लिए मापदंड के अनुसार सेलोफिन पेपर को काटकर उसके तीन तरफ पतला कार्डबोर्ड काटकर स्टेपल किया जाता है, और दोनों तरफ पूरे सिर के नाम के स्ट्रीप काटकर स्टेपल किया जाता है. विवेक ने बताया है कि एक पीपीई मास्क बनाने में 10 रुपये के लगभग खर्च हो रहा है. उसने इसे आर्थिक लाभ के लिए नहीं बल्कि सभी लोगों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया है. विशेष कर उनके लिए जो लोगों के सीधे संपर्क में आते हैं. वो अगर इसका इस्तेमाल करें तो उनका पूरा चेहरा इस मास्क से ढका रहेगा. विवेक राज की इस मुहिम में उसका पूरा परिवार साथ दे रहा है. विवेक अपने इस पीपीई मास्क को जिला स्तर के पदाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने वाले हैं. उसका मानना है कि कोरोना वायरस अभी कुछ वर्षों तक रहेगा तब तक जिंदगी बचाने और अपने कम्युनिटी को सुरक्षित रखने के लिए यह पीपीई मास्क कारगर साबित होगा. अपने बेटे की नई उपलब्धि को देख पिता राजेश कुमार बहुत खुश हैं. उनका कहना है कि वर्तमान स्थिति में आज सबों को मिलकर देश का साथ देने की जरूरत है और सस्ते पीपीई मास्क से लोगों को वायरस से बचा सकेंगे. आपको बता दें कि जानकारी के मुताबिक मेडिकल में. पीपीई की कीमत 5 सौ के करीब है. वहीं विवेक को भरोसा है कि 10 रुपये वाली देसी पीपीई मास्क से कोरोना संकट से बचने में मदद मिलेगी.

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