स्वास्थ्य : नींबू मिश्रित गर्म पानी का सेवन कर काबू पाया जा सकता है घातक कोरोना पर - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 14 अप्रैल 2020

स्वास्थ्य : नींबू मिश्रित गर्म पानी का सेवन कर काबू पाया जा सकता है घातक कोरोना पर

lemon-with-hot-water-help-corona
संपूर्ण मानवता आज कोरोना रूपी त्रासदी से त्राहिमाम कर रही है और बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि अब तक विश्व का कोई भी देश इसकी वेक्सिन या दवा इजाद नहीं कर पाया है। विभिन्न हलकों में ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि कोरोना वायरस के इतने व्यापक रूप से फैलने के पीछे चीन तथा चंद बड़ी दवा कंपनियों की गहरी साजिश है, जो लोगों में डर पैदा कर मोटी कमाई करने की जुगत में लगे हुए हैं। कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह दावा कर रहे हैं कि कोरोना उतना घातक वायरस नहीं है, जितना उसके बारे में लोगों को आतंकित किया जा रहा है। इस संदर्भ में मैं अपने अनुभव के आधार पर कुछ सुझाव देना चाहता हूँ, शायद इससे हम इस घातक वायरस पर जल्द काबू पा सकें।

कोरोना वायरस के लक्षणों के बारे में कहा जाता है कि सबसे पहले यह मनुष्य के गले में अपनी पैठ जमाता है। चार-पाँच दिनों तक गले में मौजूद कफ के साथ रहने के दौरान वंशवृद्धि कर कोरोना वायरस धीरे-धीरे पीडि़त व्यक्ति की श्वासनली तथा फेफड़ों पर अपना कब्जा जमाना शुरू करता है, जिससे रोगी को सर्दी, खांसी, कफ, थकान, बुखार, श्वास व भूख कम होने आदि की समस्या होने लगती हैै और बाद में यह संक्रमण बेकाबू होकर रोगी की जान ले लेता है।

मेरा यह वर्षों का अनुभव रहा है कि किसी भी प्रकार के वायरस का प्राथमिक स्तर पर ही हमारी रसोई में नित्य उपयोग किये जाने वाले नींबू से आसानी से इलाज किया जा सकता है। नींबू की चंद बूंदें हथेली पर डालकर हाथों को संक्रमणमुक्त किया जा सकता है। किसी भी व्यक्ति को जरा सी भी सर्दी, कफ या खाँसी की समस्या महसूस हो तो एक गिलास गर्म पानी (जितना चाय बनाते वक्त उबालकर गर्म करते हैं) में एक नींबू निचोड़कर पीने दिया जाये तो रोगी को तत्काल फायदा मिलता है तथा गला पूरी तरह कफ मुक्त होने के साथ ही वायरस कफ के साथ गले से निकलकर पेट में चला जाता है। पेट में मौजूद एसिड, गर्म पानी तथा नींबू में मौजूद कार्बोलिक एसिड वायरस को पूरी तरह खत्म कर देते हैं। शोधकत्र्ताओं का कहना है कि यह वायरस 30-35 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा की गर्मी में स्वमेव खत्म हो जाता है। ऐसे में नींबूयुक्त गर्म पानी के संपर्क में आते ही यह वायरस स्वमेव खत्म हो जाता है। इस तरह दिन में तीन-चार बार नींबू युक्त गर्म पानी पीने से सर्दी पूरी तरह ठीक हो जाती है तथा कोरोना के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है। जिन लोगों को सर्दी, खांसी न भी हो वे भी नि:संकोच नींबूयुक्त गर्म पानी पीकर कोरोना के भय से मुक्त हो सकते हैं। 

यह हम सभी जानते हैं कि हमारे शरीर में रोगों से लडऩे की प्रकृृति प्रदत्त क्षमता होती है। यही वह दौर होता है, जब शरीर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता के बल पर वायरस के प्रभाव से मुक्त होने का प्रयास करता है। जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होती है, वे इसके प्रकोप से बच जाते हैं परंतु जिनके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उनके लिए यह मारक बन जाता है। ऐसे में जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, वे विटामीन 'सीÓ युक्त खाद्य का अधिक सेवन कर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा लें तो वे स्वमेव कोरोना को पराजित कर सकते हैं। 

दुनिया भर में कोरोना से जूझ रहे चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने जो प्रयोग किये हैं, उनके आधार पर यह बात भी उभर कर सामने आई है कि शरीर पर कोरोना का दुष्प्रभाव बढऩे के साथ ही रोगी की भूख कम होकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। ऐसी हालत में अगर एक नींबू को काटकर उसमें गोलमिर्च व सेंधा नमक लगाकर चूल्हे पर गर्म कर रोगी को चूसने दिया जाये तो फिर पेट की बदहजमी और भूख की समस्या का निदान हो जाता है और रोगी की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढऩे से वह कोरोना वायरस के कहर से जल्द ही मुक्त हो सकता है।

महोदय, आपने देशवासियों को थाली व ताली बजाकर तथा दीपक जलाकर कोरोना के कहर के विरुद्ध एक होकर लडऩे का जो संदेश दिया है, उससे देशवासियों का मनोबल काफी बढ़ा है। आप अगर इसी भांति देशवासियों को यह संदेश दें कि जिस व्यक्ति को भी मामूली सी सर्दी, कफ, बुखार की शिकायत हो, वे तत्काल गर्म पानी में नींबू डालकर पी लें तो कोरोना के कहर से देश को काफी हद तक सुरक्षित किया जा सकता है। आशा है आप मेरी भावनाओं को समझकर देश के व्यापक हित में देशवासियों से यह अपील कर कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में जीत हासिल करने की दिशा में ठोस कदम आगे बढ़ायेगें।

भारत सरकार द्वारा सन् 2010 में रुपये का नया सिंबल गृहित करने के बाद मैंने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर इसका वास्तु दोष सुधारने की सलाह दी थी, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा उसकी अनदेखी करने के कारण तब से लेकर अब तक देश की अर्थनीति दिन-ब-दिन मंदी की ओर ही अग्रसर है और डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिरता जा रहा है। देश की अर्थनीति को सुधारने के लिए रुपये के सिंबल का भी वास्तु दोष सुधारना अत्यंत जरूरी है।  



राजकुमार झाँझरी
अध्यक्ष, रि-बिल्ड नॉर्थ ईस्ट
गुवाहाटी
फोन :94350-10055
मेल : rebuildnortheast@gmail.com

कोई टिप्पणी नहीं: