सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 03 अप्रैल - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 03 अप्रैल

एडीएम ने किया जिला जेल का निरीक्षण

sehore news
कलेक्टर श्री अजय गुप्ता के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री विनोद कुमार चतुर्वेदी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री समीर यादव एवं अनुविभागीय अधिकारी श्री आदित्य जैन के साथ जिला जेल का निरीक्षण करते हुए बंदियों से बातचीत कर उनके हाल जाने। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल में बंदियों के परिजनों से बातचीत करने दी जा रही टेलीफोन सुविधा देखी। बंदियों द्वारा जेल में निरुद्ध बंदियों के लिए सिलाई कर बनाए जा रहे मास्क के कार्य को देखकर काफी सरहा। श्री चतुर्वेदी द्वारा सभी को सोशल डिस्टेंस बनाकर रहने की सलाह भी दी गई। जेल में स्वास्थ्य परीक्षण एवं इलाज के लिए की गई व्यवस्था देखी एवं उपस्थित डॉक्टर श्री तपस आर्य से बंदियों के स्वास्थ्य को लेकर चर्चा की। इस मौके पर जैलर श्री पन्नाला प्रजापति ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए छोटी-मोटी बीमारियों से ग्रस्त बंदियों का अलग वार्ड में रखा गया है। अधिकारियों द्वारा उस वार्ड का भी निरीक्षण किया गया। अंत में उन्होंने जेल की रसोई का भी निरीक्षण किया। 

वृद्धा आश्रम एवं नशामुक्ति केन्द्र में एडीएम ने करवाया मास्क का वितरण

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कलेक्टर श्री अजय गुप्ता के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री विनोद कुमार चतुर्वेदी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री समीर यादव एवं एसडीएम श्री आदित्य जैन के साथ वृद्धा आश्रम पहुंचकर वहां रह रहे वृद्धजनों से बातचीत कर उनके हाल जाने और सभी को मास्क वितरित किए। साथ ही व्यवस्थापक से चर्चा कर जानकारी ली। इसी प्रकार अधिकारियों द्वारा नशामुक्ति केन्द्र का अवलोकन कर वहां इलाज करा रहे युवकों से बातचीत की और मास्क वितरित किए।    

मंडी प्रांगण में फल-सब्जी का क्रय-विक्रय बंद

कृषि उपज मंडी समिति सीहोर के सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि मंडी समिति के फल-सब्जी व्यपारियों द्वारा मंडी प्रांगण में फल-सब्जी में भाग नहीं लेने के कारण 3 अप्रैल 2020 से मंडी प्रांगण में फल-सब्जी का क्रय-विक्रय नहीं किया जाएगा। आगामी सूचना तक मंडी प्रांगण में फल-सब्जी का क्रय-विक्रय नहीं होगा।  

क्षय रोगियों को एक माह की अतिरिक्त दवाईयां उपलब्ध कराई जायेंगी

राज्य शासन ने कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति को देखते हुए समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा है कि लॉकडाउन के दौरान क्षय रोगियों को अतिरिक्त रूप से एक माह की एडवांस औषधियाँ उपलब्ध करायें। नये खोजे गये टी.बी. रोगियों का उपचार पी.एच.आई. स्तर पर किया जाना और समस्त टी.बी. मरीजों को आवश्यक रूप से औषधियाँ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि सभी टी.बी. रोगियों की जाँच सुचारु रूप से की जाये। लॉकडाउन के दौरान औषधियों का वितरण अनिवार्य रूप से किया जाये। जिला क्षय अधिकारी कोई समस्या उत्पन्न होने पर जिला प्रशासन की मदद से स्थानीय स्तर पर उसका समाधान करने का प्रयास करें। अगर राज्य-स्तर से सहयोग की आवश्यकता महसूस होती है, तो राज्य क्षय कार्यालय को सूचित करें। सभी क्षय रोगियों  को तथा पी.एच.आई. स्तर तक एक माह की अतिरिक्त एडवांस औषधियाँ उपलब्ध कराई जाये। ड्रग स्टॉक को निक्षय औषधि सॉफ्टवेयर में प्रतिदिन अपडेट करे। सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि लॉकडाउन के दौरान क्षय कार्यक्रम प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित किया जायें।

कोरोना प्रभावितों और संभावितों के लिए सभी जिलों में टेलीमेडिसिन केन्द्र स्थापित

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के लक्षण महसूस करने वाले व्यक्तियों और होम क्योरेंटाइन में रह रहे व्यक्तियों को घरों पर ही उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने बताया है कि इसके लिये सभी जिलों में टेलीमेडिसिन केन्द्र शुरू किए गए हैं। कोरोना संक्रमण के प्रभावित, संभावित और होम क्योरेंटाइन में रह रहे व्यक्ति वीडियो कालिंग से चिकित्सकों से सीधे संवाद कर सकते हैं। चिकित्सक वीडियो कालिंग की सहायता से व्यक्ति के स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए मोबाइल पर मेडिसिन यूनिट द्वारा संबंधित का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उपचार और दवा उपलब्ध कराएंगे। प्रमुख सचिव ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए चिकित्सकीय परामर्श और उपचार का यह बेहतर विकल्प है। लोगों को उचित चिकित्सकीय परामर्श और संक्रमण की रोकथाम के उपाय के संबंध में सीधे संवाद के लिए सभी जिलों के टेली मेडिसिन केन्द्रों में तीन शिफ्ट में कुशल चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे। अधिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य हैल्पलाइन-104 और जिलों के हैल्पलाइन नम्बर पर बात की जा सकती है।

लॉकडाउन में दुकानदारों के स्टॉक व सामग्री के मूल्यों की होगी मॉनिटरिंग

भारत सरकार के आदेश अनुसार मॉस्क एवं सेनेटाइजर के विक्रय को आवश्यक वस्तु अधिनियम में शामिल किया गया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा सभी जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए है कि वे जिले में मॉस्क व सेनेटाइजर सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करें। जिले में व्यापारी इन आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी न करे इसके लिए इन दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग की जाये। जमाखोरों व काला बाजारी करने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही की जाये। प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने निर्देश दिए गए कि जिलों में डिब्बा बंद वस्तुएं अधिक मूल्य पर न बेची जाये, जिसके लिए खाद्य विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाये। सभी दुकानदारों को उपलब्ध सामग्री का स्टॉक एवं रेट लिस्ट प्रदर्शित करने के लिए भी कहा गया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा द्वार प्रदाय योजना के तहत राशन सामग्री के उठाव के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के प्रदाय केन्द्र दिनरात खुले रखने के निर्देश जारी किए गए है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति से संबंधित गोदाम कार्य दिवसों के साथ साथ अवकाश के दिनों में भी खोलने की व्यवस्था की गई है।

क्वारेंटाइन लोगों को भावनात्मक सहयोग हेतु दिया जायेगा चिकित्सकीय परामर्श
टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 18002330175 पर फोन कर लें सकते हैं सलाह
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग मध्यप्रदेश द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए क्वारेंटाइन किए गए व्यक्तियों को मनोचिकित्सकों व मनोवैज्ञानिकों को चिकित्सकीय परामर्श देने के उद्देश्य से हेल्पलाइन सेवा प्रारंभ की गई है। इसका टोल फ्री नम्बर 18002330175 है। यह हेल्पलाइन सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घण्टे कार्यरत रहेगी। इमोशनल वेलनेस एवं साइक्लोजिकल सपोर्ट के उद्देश्य से स्थापित इस हेल्पलाइन के माध्यम से स्वैच्छिक रूप से पंजीकृत मानसिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता क्वारेंटाइन मरीजों को विशेषज्ञ सलाह देंगे।

भारत सरकार ने कोरोना संक्रमण के रोकथाम हेतु नई एडवाइजरी जारी की

प्रदेश में कोविड-19 (नोबल कोरोना वायरस) बीमारी के पॉजिटिव प्रकरण पाये गये हैं। इन प्रकरणों में निरंतर वृद्धि हो रही है। भोपाल शहर में चार पॉजिटिव प्रकरण पाये गये हैं। यह भी देखा गया है कि ऐसे व्यक्ति भी पॉजिटिव पाये गये हैं जिन्होंने विदेश यात्रा नहीं की थी। अतः जिन क्षेत्रो में पॉजिटिव प्रकरण हैं उनके लिये भारत सरकार द्वारा कंटेनमेंट प्लान बनाया गया है। संचालनालय स्वास्थ विभाग द्वारा जिला स्तर पर कोरोना वायरस संक्रमण को नियंत्रित करने के लिये कोविड कंटेनमेंट एक्शन प्लान बनाया गया है,जिन जिलो में पॉजिटिव केस रिपोर्ट हुये हैं। साथ ही ऐसे संदिग्ध व्यक्ति में कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण शुरू होने से दो दिवस पूर्व की समय-सीमा का पालन कर  ट्रेसिंग किया जाना सुनिश्चित करें और चिन्हित पॉजिटिव के में फर्स्ट कॉन्टेनक्टे (प्रमुख संपर्क) के क्षत्र को चिन्हांकित कर कंटेनमेंट एरिया को मार्किंग करने के निर्देश दिये गये है। लॉक डाउन के दौरान आमजनों को घरों में रहने हेतु निर्देशित कर इस संबंध में प्रचार किया जाये और लोगों को कम्युनिटी सर्विलेन्स द्वारा मॉनिटरिंग की जाए,आवश्यक होने पर मेडिकल मोबाईल युनिट या रेपिड रिस्पां स टीम संबंधित व्यक्तियों (जिन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण परिलक्षित हो रहे है) जांच हेतु सेम्पल कलेक्ट करें। लॉक डाउन किये गये क्षेत्र में रहवासियों का आवागमन न हो इस की सख्त निगरानी रखी जाये। पॉजिटिव केस द्वारा विगत 15 दिनों में यदि किसी भी समारोह/आयोजनों में सम्मिलित हुआ है एवं उस समारोह/आयोजन की तारीख तथा वहां आए समस्त लोगों की सूची, सामाजिक स्थल जैसे मदिरा दुकान, मॉल, सिनेमाघरों में संपर्क में आए संभावित लोगों की लाईन लिस्ट को चिन्हित कर कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के चिन्हांकित फर्स्ट कान्टेक्ट का चिकित्सकीय परीक्षण आर.आर.टी./एम.एम.यू. द्वारा किया जाए। ए.आर.आई./आईएल.आई. रिपोर्टेड प्रकरणों पर सख्त निगरानी रखी जाये। जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा एपीडमिक डिसिज एक्ट 1987 नियम में दिये गये प्रावधान के अंतर्गत आवश्यकता होने पर शासकीय अथावा निजी चिकित्सालय भवन कोरिनटाईन सेन्टर बनाया जाये। सीसीटीव्ही केमरे द्वारा कन्टामिनेंट एरिया में आवाजाही न होने पाए इसकी निगरानी की जाये। विभागीय समन्वय के माध्यम से कंटेन्मेंट एरिया में संभावित संक्रमित लोगों की कान्टेक्ट ट्रेसिंग कर सेल्फ रिपोर्टेड एआरआई/एलआईएल प्रकरणों की जानकारी जिला कंट्रोल टीम को दी जाये तथा टेली काउंसलिंग द्वारा चिकित्सकीय परामर्श दिया जाये।

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