जमशेदपुर : ओडिशा से बिहार जाने के लिए पैदल निकले मजदूर, पूर्वी सिंहभूम प्रशासन ने रोका - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 11 मई 2020

जमशेदपुर : ओडिशा से बिहार जाने के लिए पैदल निकले मजदूर, पूर्वी सिंहभूम प्रशासन ने रोका

कोविड-19 के कारण किए गए लॉकडाउन में ओडिशा में फंसे प्रवासी मजदूर बिहार अपने घर जाने के लिए पैदल निकल पड़े. जमशेदपुर पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें रोक दिया.
bihar-labour-hold-in-jamshedpur
जमशेदपुर (आर्यावर्त संवाददाता)  लॉकडाउन में देश के कई प्रदेशों में फंसे प्रवासी मजदूर काम बंद होने के कारण अब पैदल चलकर अपने घर जा रहे हैं. इस दौरान रास्ते में उन्हें रोका जा रहा है. उन्हें क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है. जबकि प्रवासी मजदूरों को उनके प्रदेश तक पहुंचाने के लिए सरकार स्पेशल ट्रेन चलाकर उन्हें भेज रही है. वहीं, कई प्रदेश में काम करने वाले प्रवासी मजदूर सड़क पर पैदल चलकर आते नजर आ रहे हैं. इधर, जमशेदपुर में देर शाम प्रशासन ने ओडिशा से पैदल चलकर आ रहे 24 मजदूरों को रोका है. उन्हें टाटानगर स्टेशन परिसर में खाना खिलाया  है मजदूरों ने बताया है कि वह ओडिशा में मजदूरी का काम करते हैं. लॉकडाउन के कारण काम बंद होने पर ठेकेदार ने कुछ दिन खाना खिलाया और छोड़कर चला गया है. जब तक पैसे थे. उन्होंने वहां अपनी व्यवस्था की थी. अब पैसे भी नहीं है, जिसके कारण 5 दिन पूर्व ओडिशा से पैदल चलना शुरू किया है. सभी मजदूर बिहार के भागलपुर के रहने वाले हैं. अब बिहार जाकर वह वापस नहीं लौटेंगे. इधर, प्रशासन द्वारा मजदूरों को खाना खिलाने के बाद उन्हें क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया है.

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...