बिहार : पांचवां दिन भी जारी है उपवास - Live Aaryaavart

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सोमवार, 4 मई 2020

बिहार : पांचवां दिन भी जारी है उपवास

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पटना,04 मई , बिहार में कोटा से छात्रों की वापसी का मामला पूरी तरह से राजनीतिक रंग दिखाने लगी है। सबसे पहले पटना विश्वविद्यालय के छात्रों ने पटना विश्वविद्यालय गेट पर कोटा के छात्रों को वापस लाने की मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष मनीष कुमार और उनके साथी छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये सभी छात्र लॉकडाउन 2.0 के दौरान पटना विश्वविद्यालय गेट के सामने कोटा के छात्रों को वापस लाने के लिए धरने पर जा बैठे ही थे, लेकिन बैठने के साथ ही वहां पीरबहोर पुलिस पहुंच गई और छात्रों को गिरफ्तार कर ली। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच जमकर झड़प भी हुई। बता दें कि राजस्थान के कोटा में लॉकडाउन की वजह से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, असम, बिहार समेत कई प्रदेशों के बच्चे फंस गए थे। यह बच्चे यहां कोचिंग करते हैं। बिहार को छोड़कर बाकी सभी प्रदेशों ने अपने बच्चों को वापस बुला लिया है, लेकिन बिहार की नीतीश सरकार ने बच्चों को वापस न बुलाने का फैसला किया। इसके विरोध में छात्र नेता सड़क पर उतरे थे। जहां छात्रों को सड़क पर बैठते-बैठते  छात्रों को पुलिस ने लॉकडाउन का नियम पालन करने के जुल्म में गिरफ्तार कर जेल भेज दी। इसको भुनाने का प्रयास विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता विकास चन्द्र उर्फ गुड्डू बाबा शुरू कर दिया। 30 अप्रैल 2020 से गुड्डू बाबा ने अपने निवास स्थान कुर्जी बालूपर, गंगा नगर, मकान नम्बर-27 में उपवास शुरू कर दिए। जो आज पांचवां दिन भी जारी है। उनके समर्थन पर जिलों में सत्याग्रह जारी है। अपने निवास स्थान पर एक दिवसीय उपवास पर बैठे हैं विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता विकास चन्द्र उर्फ गुड्डू बाबा। गुड्डू बाबा की मांग है कि पटना विश्वविघालय के गिरफ्तार छात्र नेताओं को बेशर्त रिहा किया जाए। इस मांग के समर्थन में छोटी पटन देवी के सामाजिक योद्धा बाबा विवेक  जी उपवास पर बैठे। उन्होंने कहा कि राज्य के 38 जिलों में सामाजिक योद्धा उपवास पर हैं।

बताते चले कि पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष मनीष कुमार व अन्य छात्र नेताओं को शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर प्रवासी छात्रों एवं श्रमिकों को बिहार लाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान पटना पुलिस द्वारा द्वारा छात्र नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। छात्र नेताओं पर आरोप है कि लाॅकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जिया उड़ा रहे थे।  इस अनैतिक गिरफ्तार के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता विकास चंद्र गुड्डू बाबा आज अनशन पर रहे। उन्होंने कहा कि गत मंगलवार के दिन पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष व जनतांत्रिक पार्टी के छात्र शांतिपूर्ण तरीके से पटना विश्वविद्यालय की गेट पर देश के अन्य भागों में फंसे बिहारी छात्रों और मजदूरों को वापस बिहार बुलाने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। इसकी विधिवत सूचना जिला प्रशासन को भी उनके द्वारा दी गई थी। बावजूद इसके छात्रों को गिरफ्तार किया गया और अपराधियों की तरह उन्हें जेल भेजा गया। गुड्डू बाबा ने कहा कि राज्य सरकार के इशारे पर की गई यह कार्रवाई अमानवीय है। भारत के नागरिकों का मौलिक अधिकार है कि वह सांकेतिक रूप से किसी भी चीज का विरोध कर सकते हैं पर सरकार और प्रशासन तानाशाही तरीके से उनकी आवाज को दबाना चाहती है। उसी के विरोध में वे अनशन पर बैठे हैं। अगर छात्रों को अविलंब रिहा नहीं किया गया तो उनके द्वारा आमरण अनशन प्रारंभ किया जाएगा। विकास चंद्र गुड्डू बाबा के आह्वान पर सीवान, छपरा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, बेतिया, मोतिहारी,गया ,भोजपुर, बक्सर, औरंगाबाद, बेगूसराय, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, अररिया, में सामाजिक योद्धाओं की टीम ने भी अनशन प्रारंभ किया है। यह अनशन आज 10ः00 बजे से शाम 4ः00 बजे तक चला।

कौन हैं विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा!
बताते चलें प्रमुख समाजसेवी और गंगा बचाओ अभियान के संस्थापक विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा पटना विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं की बिना शर्त रिहाई को लेकर  उपवास पर बैठे गुड्डू बाबा। यह वही गुड्डू बाबा है जो पिछले 20 सालों से 73 जनहित याचिकाओं के माध्यम से बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में  प्रशासनिक बिंदुओं पर सवाल उठाते हुए उन्हें सही और सुदृढ़ कराने का प्रयास किया। बीच में उन्होंने युवा समाजसेवियों को जोड़ने के लिए समाजिक योद्धा सम्मान का भी आयोजन किया। जो कि बिहार के जीरादेई डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जन्म स्थली से शुरू होकर मोतिहारी के सुगौली ,बांका ,भोजपुर मुजफ्फरपुर ,भागलपुर जमुई में आयोजित हुआ। इस आयोजन में विकास वैभव से लेकर बहुत सारे प्रशासनिक  पदाधिकारी गण और जनसेवक मुख्य अतिथि  के तौर पर शामिल हुए।  बाबा का कहना है यूथ ही क्रांति ला सकता है। वर्ष 2020 में बिहार की राजनीति में यूथ की अच्छी भूमिका होनी चाहिए और आज युवाओं को उन्होंने आवाज दी है, जागो उठो और क्रांति का आगाज करो।  यह गौतम बुद्ध की धरती ,बाबा वीर कुंवर सिंह की धरती ,देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की धरती, कर्पूरी ठाकुर की धरती जन नायक जयप्रकाश नारायण की धरती पुकार कर रही है चित्कार के कह रही है युवाओं जागो उठो और क्रांति का आगाज करो। अन्त में गुड्डू बाबा कहते हैं कि पड़ोस में सुशीला जी रहती हैं जब उनको मालूम हुआ कि बाबा सुबह से ही उपवास पर बैठे हैं। तो वह अपने हाथों से घर में केक बनायी। वह बाबा को भेंट कर कही कि बाबा आपका उपवास तुड़वाने के लिए केक बनाकर लायी हूं। तब बाबा ने कहा कि आज भी अच्छे और नेक इंसानों की कमी नही है, इस भेंट के लिए सुशीला जी को बहुत-बहुत आभार व धन्यवाद व्यक्त किये।

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