विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 07 मई - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 7 मई 2020

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 07 मई

कलेक्टर द्वारा रेल्वे स्टेशन का जायजा  स्पेशल ट्रेन से मजदूर पहुंचेगे शुक्रवार को विदिशा 

vidisha news
कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने बताया कि लॉकडाउन अवधि के दरम्यिन विदिशा जिले के प्रवासी मजदूर जो आंध्रप्रदेश हैदराबाद में रह गए है और वे विदिशा आना चाहते है वे सभी स्पेशल ट्रेन से आज शाम को हैदराबाद से रवाना होंगे और शुक्रवार आठ मई को विदिशा आएंगे। कलेक्टर डॉ पंकज जैन, पुलिस अधीक्षक श्री विनायक वर्मा ने आज संयुक्त रूप से विदिशा रेल्वे स्टेशन पर प्रवासी मजदूरो के आगमन अवसर पर किए जाने वाले प्रबंधो का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्री लोकेन्द्र सरल, एसडीएम श्री संजय जैन के अलावा रेल्वे के अन्य अधिकारी साथ मौजूद थे। 

मुख्यमंत्री प्रवासी मजदूर सहायता योजना के तहत 1011 के खातो में राशि जमा हुई

मध्यप्रदेश के अन्य राज्यों में लॉकडाउन अवधि के दरम्यिन रह रहे प्रवासी मजदूरो को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में प्राप्त दिशा निर्देशो के अनुपालन में विदिशा जिले के 1011 हितग्राहियों के बैंक खातो में क्रमशः एक-एक हजार रूपए की राशि मुख्यमंत्री प्रवासी मजदूर सहायता योजना के तहत जमा की गई है। सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक डॉ पीके मिश्रा ने बताया कि विदिशा जिले के 1110 मजदूर अन्य राज्यों में लॉकडाउन अवधि के दौरान फंसे हुए है। उनके मोबाइल नम्बरों पर सम्पर्क हुआ है। मुख्यमंत्री प्रवासी मजदूर सहायता योजना 2020 के अंतर्गत पात्र पाए गए 1011 व्यक्तियों के बैंक खातो में एक एक हजार रूपए की राशि जमा कराई जा चुकी है।

नौ क्षेत्र कंटेनमेंट जोन से मुक्त हुए

कलेक्टर डॉ पंकज जैन के द्वारा जिले में 12 कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए थे जिसमें से दो कंटेनमेंट जोन पांच मई को मुक्त हुए है। गुरूवार सात मई को नौ कंटेनमेंट जोन मुक्त होने का आदेश जारी किया गया है। अब ग्राम कथरी ग्राम पंचायत नगमापिपरिया तहसील व विकासखण्ड बासौदा एक मात्र कंटेनमेंट जोन शेष बचा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केएस अहिरवार ने बताया कि चिकित्सा अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारियों के द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन में सर्वे एवं प्रतिदिन फालोअप के आधार पर सभी कंटेनमेंट जोन में 28 दिन तक कोई भी अन्य व्यक्ति संक्रमित चिन्हित नही पाया गया है। जिला स्तरीय आरआर टीम द्वारा जिन नौ कंटेनमेंट जोन को मुक्त करने का निर्णय लिया है। उनमें बासौदा (वार्ड नम्बर 15 एवं वार्ड नम्बर 22), विदिशा शहर में (स्वर्णकार कालोनी, लुंहागीपुरा, मुगलटोला, किले अन्दर, चौपडा) तथा लटेरी अनुविभाग क्षेत्र में (वीरपुर), ग्यारसपुर अनुविभाग क्षेत्र में (ग्राम झिरनिया) शामिल है। 

संभावित मरीजो के सर्वे एवं लाइनलिस्टिंग के निर्देश

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केएस अहिरवार ने मरीजो के सर्वे एंव लाइनलिस्टिंग के संबंध में समस्त विकासखण्ड कम्यूनिटी मोबिलाइजर एवं बीईई को दिशा निर्देश जारी किए है। तदानुसार कोविड-19 के अंतर्गत जिले में परिदृश्य को ध्यानगत रखते हुए ग्राम वार्ड स्तर पर घर-घर सर्वे कर बीमारी की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु क्षेत्र में उल्टी, दस्त, सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, गले में दर्द, टीव्ही, कैंसर, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों एवं विगत 15 दिवस में ग्राम वार्ड में हुई मृत्यु कारण सहित की नामजद जानकारी की सूची तैयार कर आशा, आशा सहयोगियो के माध्यम से विकासखण्ड कार्यालय में बीसीएम द्वारा जानकारियों संग्रहित कर सायं चार बजे तक जिला कम्यूनिटी मोबिलाईजर, एएसओ को भिजवाना सुनिश्चित करें। 

9076 आवेदनो का निराकरण 

लॉकडाउन अवधि के दौरान टोल फ्री नम्बर 181 पर प्राप्त 9274 प्राप्त शिकायतों में से अब तक 9076 का निराकरण किया जा चुका है जबकि टोल फ्री नम्बर 104 पर 1853 शिकायते दर्ज हुई है जिनमेंं से 1722 शिकायतो का निराकरण किया जा चुका है जिला मुख्यालय पर संचालित कंट्रोल रूम दूरभाष क्रमांक 07592-237880 पर 882 शिकायते प्राप्त हुई है। जिनका शत प्रतिशत निराकरण किया गया है इसके अलावा 622 आमजनों के द्वारा विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त की गई।

डिजिटल मोड में गतिविधियाँ समय की माँग : श्री टंडन
राज्यपाल द्वारा राजभवन की डिजिटल गतिविधियों की समीक्षा
राज्यपाल श्री लाल जी टंडन द्वारा कोविड-19 वायरस संक्रमण का मुकाबला करने के लिए राजभवन में नई कार्य संस्कृति विकसित की जा रही है। राजभवन सचिवालय के साथ अन्य गतिविधियों के संचालन में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कार्यप्रणाली का विकास किया जा रहा है। सचिवालयीन कार्य को ऑनलाइन संचालित करने के साथ ही विभिन्न गतिविधियों को डिजिटल मोड में संचालित किया जा रहा है। राज्यपाल श्री टंडन ने राजभवन के डिजिटलीकरण कार्य की आज समीक्षा की। राज्यपाल श्री टंडन ने स्वयं कम्प्यूटर पर राजभवन के न्यूज लेटर प्रवाह के डिजिटल अंक का अवलोकन किया। उसके परिवर्धन और परिवर्तन के आवश्यक निर्देश दिए। वेबसाइट के यूनिवर्सिटी मॉनीटरिंग सिस्टम के डैशबोर्ड की समीक्षा की। राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि जनतांत्रिक मूल्यों की मजबूती का आधार पारदर्शिता है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों, अभिनव प्रयासों और पहल की जानकारी के प्रसार से प्रेरणा और प्रोत्साहन का वातावरण निर्मित होता है। उन्होंने कहा कि सारा विश्व अभूतपूर्व संकट कोविड-19 के संक्रमण का सामना कर रहा है। इससे बचने का अभी तक कोई टीका और उपचार की औषधि नहीं बनी है। इसलिए सावधानी ही एकमात्र तरीका है। सामाजिक और व्यक्तिगत दूरी बनाकर इसके संक्रमण को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि समय की माँग है कि हम अपनी जीवन शैली और कार्य शैली में परिवर्तन लाएं। कार्यों को अधिक से अधिक डिजिटल मोड में करने का प्रयास करें। ऑनलाइन कार्यशैली को विस्तारित कर शारीरिक सम्पर्क और समूह में एकत्रण के अवसरों को भी कम किया जाए। उन्होंने कहा कि संकट अवधि में प्रदेश के विश्वविद्यालयों द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में किए गए कार्यों को प्रवाह के आगामी अंकों में विशेष स्थान दिया जाए। विश्वविद्यालयों द्वारा आईसीटी तकनीक के प्रभावी उपयोग और जन जागृति के क्षेत्र में जो उत्कृष्ट उपलब्धियाँ अर्जित की है, वह सराहनीय है। उनका प्रसार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालयों की भूमिका को नया स्वरूप प्रदान करेगा। राज्यपाल को बताया गया कि न्यूज लेटर प्रवाह के प्रथम अंक में 6 माह की राजभवन की गतिविधियों का संकलन किया गया। दूसरे अंक में जनवरी से मार्च त्रैमास की राजभवन की गतिविधियों, कार्यक्रमों को न्यूज लेटर में संयोजित किया गया है। अंक में विशेष रूप से प्रदेश के विश्वविद्यालयों की उपलब्धियाँ, नवाचार और अनुसंधानों का विवरण दिया गया है। प्रवाह के डिजिटल अंक राजभवन की वेबसाइट www.governor.mp.gov.in पर उपलब्ध है। उनको बताया गया कि राज्यपाल के फेसबुक पेज के फॉलोअरों की संख्या में विगत 8 माह में 16 हजार बढ़ गई है। इसी तरह वेबसाईट पर डेढ़ लाख से अधिक हिट्स भी मिल रहे हैं। राजभवन के आईटी प्रकोष्ठ प्रभारी श्री जितेन्द्र पाराशर ने बताया कि यूनिवर्सिटी मॉनीटरिंग सिस्टम के अंतर्गत विश्वविद्यालयों से सौ से अधिक प्रकार की जानकारियाँ पोर्टल पर प्राप्त की जा रही हैं। इन जानकारियों के आधार पर विश्विद्यालयों के द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रभावी समीक्षा होगी। उल्लेखनीय है कि श्री टंडन द्वारा कोविड-19 के विरूद्ध जंग के प्रयासों की निरन्तर निगरानी की जा रही है। इसी तारतम्य में राजभवन के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाईल में आरोग्य सेतु एप को डाऊन लोड कराने, सामाजिक दूरी को कार्य संस्कृति का अंग बनाने के लिए राजभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ इन हाऊस वीडियो कांफ्रेंसिंग भी विगत दिनों की है। सचिवालय की गतिविधियों को ऑन लाइन मोड में किया जा रहा है।

बंद आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी फिर से गति श्रम सुधारों पर महत्वपूर्ण घोषणाएँ
मध्यप्रदेश ऐसी पहल करने वाला पहला राज्यमुख्यमंत्री श्री चौहान ने दी श्रम कानूनों में परिवर्तन की जानकारी
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाकर रोजगार के अवसरों में वृद्धि, नये निवेश को प्रोत्साहित करने और श्रमिकों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से श्रम सुधारों की घोषणा की है। श्री चौहान ने कहा कि इन श्रम सुधारों से कोविड महामारी से प्रभावित उद्योगों एवं व्यवसायों को पुन: पटरी पर लाने के साथ ही आर्थिक क्षेत्र की चुनौतियों को अवसर में बदला जा सकेगा। कोरोना के विश्वव्यापी संकट ने अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला है। अब धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य होती जा रही है। प्रदेश में अब आर्थिक गतिविधियों की पुन: शुरूआत हो गयी है। बदली हुई परिस्थितियों में पुराने उद्योग अपने स्थान परिवर्तन पर विचार कर रहे है। वहीं नये उद्योग अपने लिये अनुकूल वातावरण वाले स्थान को प्राथमिकता दे रहे है। बंद आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिये श्रम सुधारों को लागू करने वाले मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज फेसबुक लाइव के माध्यम से श्रम कानूनों में किए गए परिवर्तनों की जानकारी दीं। उन्होने कहा कि कोरोना संकट के पश्चात उद्योगों को जरूरी रियायतें देने के लिए उठाए गए कदम कारखाना मालिकों को और श्रमिकों के मध्य परस्पर सहयोग का वातावरण निर्मित करेंगे। विभिन्न तरह की अनुमतियों के लिए उद्योग क्षेत्र को बड़ी राहत प्रदान की गई है। प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है और दफ्तरों के चक्कर लगाने के काम से मुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि पूरे विश्व में कोरोना का संकट है। हमारा देश और प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। हमें लड़कर कोरोना को पराजित करना है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था पर जो बुरा प्रभाव पड़ा है उसे कम करने के लिए और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी इस दिशा में प्रभावी नेतृत्व कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में आर्थिक गतिविधियों की पुन: शुरूआत की गई है। नए उद्योगों को अनुकुल वातावरण उपलब्ध करवाया जा रहा है। श्रम सुधार करने के पीछे मुख्य उद्देश्य अन्य स्थानों से स्थानंतरित हो रहे उद्योगों और नए स्थापित होने वाले उद्योगों को आकर्षित करना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में सरलता से नए उद्योग लग सकेंगे, लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और श्रमिकों के हितों की रक्षा होगी। उद्योग जगत में विश्वास का वातावरण बनेगा।

दुकानों के समय में वृद्धि
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना ने सोशल डिस्टेंसिंग के महत्व से परिचित करा दिया है। बाजारों में भीड़ न हो इस उद्देश्य से प्रदेश की दुकानों के खुले रहने का समय सुबह 8 से रात्रि 10 के स्थान पर सुबह 6 से रात्रि 12 बजे तक रहेगा। इसके लिए आवश्यक अधिसूचना जारी कर दी गई है। कारखानों में कार्य की पाली आठ घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है। कारखाना मालिक अब खुद शिफ्ट परिवर्तित कर सकेंगे।

मंडी अधिनियम बदला
श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में मंडी अधिनियम में परिवर्तन कर किसानों को घर बैठे उपज विक्रय, निजी मंडियों में फसल बेचने जैसे विकल्प उपलब्ध करवाए गए हैं। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से किसानों को अच्छे दाम मिलेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों के हित से कोई समझोता नहीं होगा। श्रम कानूनों में जो संशोधन किए गए हैं, उसके फलस्वरूप प्रदेश को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विस्तारपूर्वक श्रम सुधारों की जानकारी प्रदान की।

पंजीयन और लाइसेंस सिर्फ एक दिन में
पंजीयन और लाइसेंस का कार्य तीस दिन के स्थान पर एक दिन में होगा। इससे कारखानों दुकानों, ठेकेदारों, बीड़ी निर्माताओं, मोटर परिवहन कर्मकार, मध्यप्रदेश भवन तथा अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम में आने वाली निर्माण एजेंसियों का पंजीयन/लाइसेंस एक दिन में मिलेगा।  लोक सेवा गारंटी अधिनियम में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। कारखाना लाइसेंस नवीनीकरण अब एक साल की बजाय दस साल में कराये जाने का प्रावधान किया गया है।  ठेका श्रम अधिनियम में केलेण्डर वर्ष की जगह संपूर्ण ठेका अवधि के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा।  नए कारखानों का पंजीयन/लाइसेंस जारी करने की आनलाइन व्यवस्था होगी।  स्टार्टअप उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उन्हें सिर्फ एक बार पंजीयन कराना होगा। नवीनीकरण करवाने की जरूरत नहीं होगी।

कारखानों में 12 घंटे की पाली, ओवरटाइम बढ़ा
कारखानों में कार्य करने की पालियां 8 घंटे से बढ़कर 12 घंटे की होंगी। सप्ताह में 72 घंटे की ओवरटाइम मंजूरी दी गई है। कारखाना नियोजक उत्पादकता बढ़ाने के लिए सुविधानुसार शिफ्टों में परिवर्तन कर सकेंगे। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।

एक ही रजिस्टर, एक ही रिटर्न
कारखानों में कार्य की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए श्रम कानूनों के अंतर्गत 61 रजिस्टर रखने और 13 रिटर्न दाखिल करने की जगह एक ही रजिस्टर और एक ही रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था की गई है। रिटर्न फाइल करने के लिए स्व-प्रमाणन हो सकेगा।

नहीं होंगे, बार-बार निरीक्षण कारखाना अधिनियम में तीन माह के लिए फेक्ट्री इंस्पेक्टर के निरीक्षण से मुक्ति होगी। 
नियोजक अपने द्वारा चुने गए थर्ड पार्टी निरीक्षक से कारखाने का निरीक्षण करवा सकेंगे। पहले थर्ड पार्टी निरीक्षक को पंजीकृत करने का कार्य मुम्बई से होता था। अब यह अधिकार श्रमायुक्त मध्यप्रदेश को होगा। इसी तरह 50 से कम श्रमिकों को नियोजित करने वाली संस्थाओं को अलग-अलग श्रम कानूनों में निरीक्षण की परिधि से बाहर कर दिया गया है। अब इनमें निरीक्षण केवल श्रमायुक्त की अनुमति से शिकायतों के आधार पर हो सकेगा।

ट्रेड युनियन और कारखाना प्रबंधक सुविधा से विवाद हल करेंगे
मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम के प्रावधानों को आगामी आदेश तक शिथिल कर दिया गया है। अब कारखानों में ट्रेड युनियन और कारखाना प्रबंधक अपनी सहूलियत से विवादों का हल कर सकेंगे। इसके लिए लेबर कोर्ट नहीं जाना होगा।  पहले से चल रहे उद्योगों के लिए औद्योगिक विवाद अधिनियम के अंतर्गत दंड की विभिन्न धाराओं में कंपाउंडिंग का प्रावधान किया जा रहा है। इससे विवादों का हल न्यायालय जाए बगैर हो जाएगा। यह प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।

श्रमिकों का चयन और नियोजन
मध्यप्रदेश में अगले एक हजार दिनों में नए उद्योगों और निवेशकों को आमंत्रित करने की दृष्टि से औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 25 जो सुरक्षा से संबंधित है, को छोड़कर शेष प्रावधानों को शिथिल किया गया है। उद्योग मालिक सुविधानुसार श्रमिकों का चयन कर सकेंगे। ऐसे उद्योग जहाँ 100 से कम मजदूर काम करते हैं वहां मध्यप्रदेश औद्योगिक नियोजन के प्रावधानों से छूट दी गई है। अधिकांश छोटे और मंझोले उद्योग उत्पादकता बढ़ाने के लिए आवश्यकता के अनुसार श्रमिक रख सकेंगे।  50 अधिक श्रमिक वाली स्थापनाओं पर लागू औद्योगिक नियोजन अधिनियम अब 100 से अधिक स्थापनाओं पर लागू होगा। इससे छोटे उद्योगों को राहत मिलेगी। इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई है।

पूर्व से लागू श्रम सुधार
औद्योगिक विवाद अधिनियम अब 100 मजदूरों वाली स्थापना की जगह 300 मजदूरों वाली स्थापना पर लागू किया गया है। उद्योगों और स्थापनाओं में कांट्रेक्ट कर्मियों को फिक्स टर्म एम्पालायमेंट की सुविधा दी गई है। श्रम कानूनों में निरीक्षण व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी बनाई गई है।‍विभिन्न सेवाओं के लिए सिंगल विण्डो सिस्टम का इंतजाम है। महिला श्रमिकों को कारखानों में तथा आय.टी. उद्योगों में रात्रिकालीन में कार्य की अनुमति है। विभिन्न श्रम कानूनों में पंजीयन और रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रियाएं ऑनलाइन है। इसके लिए लेबर कोर्ट नहीं जाना होता है।

भारत सरकार को भेजे गए प्रमुख प्रस्ताव
कारखाना अधिनियम में ऐसी इकाइयाँ जो बिजली से चल रही है वहाँ 10 मजदूरों के नियोजन पर पंजीयन कराना होता है। इसकी सीमा 50 तक बढ़ाई जाए। इस प्रावधान से पूर्ण क्षमता का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाया जा सकेगा। कारखाना अधिनियम में बिना बिजली के उपयोग से चलने वाली इकाइयों में बीस मजदूरों के नियोजन पर पंजीयन कराना होता है। श्रमिकों की सीमा हटाने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। ठेका श्रम अधिनियम के अंतर्गत ठेकेदारों को 20 श्रमिक के नियोजन पर पंजीयन कराना पड़ता था। अब 50 श्रमिक नियोजित करने पर पंजीयन कराना होगा। संशोधन से छोटे उद्योगों को कारखाना अधिनियम के अंतर्गत पंजीयन कराने से मुक्ति मिलेगी।  50 से कम श्रमिक नियोजित करने वाले ठेकेदार बिना पंजीयन के भी कार्य कर सकेंगे। इससे छोटे ठेकेदार राहत का अनुभव करेंगे। ठेका श्रम अधिनियम में इस छूट के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। ठेका श्रम अधिनियम, अन्तर्राज्यीय  प्रवासी कर्मकार अधिनियम तथा मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाहियों का समझौते से निराकरण करने के लिए कम्पाउंडिंग की व्यवस्था करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।

उम्मीद की नई किरण प्लाज्मा थैरेपी: मंत्री डॉ. मिश्रा
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वस्थ लोगों से वीडियो कॉलिंग से बात कर हौसला बढ़ाया
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा गृह मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने आज  प्लाज्मा थैरेपी से स्वस्थ होकर घर लौटे मरीजों से वीडियो कॉलिंग से बात कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा थैरेपी के उपचार से कोरोना संकट से निपटने में मदद मिलेगी। डॉ मिश्रा ने कोरोना के उपचार में  प्लाजमा थैरेपी  से मिली  सफलता पर  प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा थैरेपी इस संकट- काल में उम्मीदों की नई किरण के रूप में सामने आई है। अब तक  उपचार की  इस पद्धति से तीन लोग  स्वस्थ होकर अपने घर  जा चुके हैं। मंत्री डॉ मिश्रा ने कहा कि  विगत दिनों  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  डॉ हर्षवर्धन से  उन्होंने प्लाज्मा थैरेपी से उपचार संबंधी  अनुमति  मांगी थी ,  अनुमति मिलने के उपरांत इंदौर और भोपाल में  प्लाज्मा थैरेपी से उपचार किया गया । इसके सुखद और आशातीत परिणाम  अब सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस पद्धति से  हम  कोरोना पीड़ितों का  इलाज कर  उन्हें  स्वस्थ कर सकेंगे। मंत्री डॉ मिश्रा ने प्लाज्मा थैरेपी से स्वस्थ हुए लोगों से आह्वान किया कि वे लोगों में कोरोना से फैली हुई भ्रांतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर प्रदेश और देश की सेवा कर सकते हैं । वे लोगों को जागरूक बनाएं और कोरोना वायरस संबंधी भ्रांतियों को दूर करें। डॉ मिश्रा ने उन्हें सहयोग के लिए आश्वस्त करते हुए कहा कि  यदि उन्हें  कभी भी किसी प्रकार की कोई परेशानी होती है तो वे उनके मोबाइल पर व्यक्तिगत रूप से  सीधे संपर्क  कर सकते हैं।

पुलिस मुख्यालय निभाएगा दिवंगत पुलिसकर्मी परिवार के मुखिया की भूमिका: मंत्री डॉ. मिश्रा 
राज्य स्तरीय पुलिस हेल्प-डेस्क गठित
गृह तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय भोपाल में राज्य स्तरीय पुलिस हेल्प-डेस्क का गठन कर दिया गया है। मंत्री डॉ मिश्रा ने बताया है कि  कर्त्तव्यरत पुलिस अधिकारियों , कर्मचारियों एवं पुलिसकर्मियों के दिवंगत होने पर उनके परिवार के मुखिया की भूमिका अब पुलिस मुख्यालय निभाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का गृह विभाग सारी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगा। डॉ मिश्रा ने बताया कि विगत दिवस पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में हुए निर्णय अनुसार  पुलिस हेल्प - डेस्क का गठन कर दिया गया है ।यह डेस्क दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों से समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं का निराकरण करेगी। इसकी जिम्मेदारी सहायक महानिरीक्षक(कार्मिक) श्री प्रशांत खरे और उप - पुलिस अधीक्षक (कल्याण) श्री महेंद्र राय को सौंपी गई है। दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजनों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए अब अनावश्यक रूप से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा । परिजन मुख्यालय में पदस्थ श्री खरे के दूरभाष क्रमांक 94253 43017 या श्री राय के दूरभाष क्रमांक 7999 122166 अथवा पुलिस मुख्यालय भोपाल के  कार्यालयीन दूरभाष क्रमांक 0755-2440037, 2501105 ,2443315  पर संपर्क कर अपनी समस्याओं से अवगत करा सकेंगे। समस्याओं का शीघ्रता  से निराकरण किया जाएगा।

स्पेशल ट्रेनो से मजदूर पहुंचेगे आज विदिशा 

कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने बताया कि प्रदेश के प्रवासी मजदूरों को लेकर तीन स्पेशल ट्रेने शुक्रवार आठ मई को विदिशा आएंगी। उन्होंने बताया कि उक्त ट्रेनो का स्टापेज पहले भोपाल था कि जगह अब विदिशा स्टापेज किया गया है।  कलेक्टर डॉ जैन ने बताया कि शासन द्वारा दूसरे राज्यों में कार्यरत मजदूरो को प्रदेश में लाने और अपने घर तक भेजने के प्रयास  किए जा रहे है। ततसंबंध में रेल्वे विभाग द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई गई जानकारी अनुसार तीन राज्य क्रमशः केरल, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश राज्य के शहरो से कुल तीन ट्रेने शुक्रवार को विदिशा पहुंचेगी। जिसमें 1150 और 1250 एवं 1250 मजदूर ट्रेनो से विदिशा स्टेशन पर उतरेंगे और सभी मजदूरो को उनके गृह जिला भिजवाने हेतु बसो के प्रबंध सुनिश्चित किए गए है। 

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