धोनी के भरोसे से मिली कप्तानी : विराट कोहली - Live Aaryaavart

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सोमवार, 1 जून 2020

धोनी के भरोसे से मिली कप्तानी : विराट कोहली

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नयी दिल्ली, 31 मई, भारत के तीनों फॉर्मेट के कप्तान विराट कोहली का कहना है कि उनके पूर्ववर्ती महेंद्र सिंह धोनी के भरोसे के कारण ही उन्हें टीम इंडिया की कप्तानी मिली। विराट ने अपने टीम साथी और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के साथ यूट्यूब पर बातचीत में कहा कि धोनी उनकी मैच परिस्थितयों को पढ़ने की क्षमता से काफी प्रभावित थे और कप्तानी हासिल करने में धोनी का यही भरोसा उनके पक्ष में गया। 31 वर्षीय विराट 2014-15 में धोनी के ऑस्ट्रेलियाई दौरे में टेस्ट सीरीज के बीच में कप्तानी छोड़ने के बाद कप्तान बने थे। उन्होंने 2017 के शुरू में सीमित ओवरों की कप्तानी भी संभाली थी। वह भारत के तीनों फॉर्मेट के कप्तान होने के साथ-साथ टीम के शीर्ष बल्लेबाज भी हैं। विराट धोनी को पीछे छोड़कर भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान भी बन चुके हैं।अपनी कप्तानी में भारत के लिए 55 मैचों में 33 मैच जीत चुके विराट ने कहा कि विकेटकीपर धोनी के साथ स्लिप्स में फील्डिंग करते हुए गेंदों के बीच में वह धोनी से बराबर बात करते रहते थे जिससे उन्हें कप्तान का भरोसा जीतने में मदद मिली। विराट ने कहा, “ जब आप अपने कप्तान से लगातार बात करते हैं, उनके साथ मैच के हालात पर चर्चा करते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें सलाह देते हैं इससे आपको अपने कप्तान का भरोसा जीतने में मदद मिलती है। मैं हमेशा एमएस के पास रहता था और उनके पास खड़े होकर कहता था कि हम यह कर सकते हैं, हमें यह करना चाहिए, आपका क्या विचार है।”विराट ने कहा, “धोनी कई बातों से इंकार भी कर देते थे लेकिन वह काफी बातों पर चर्चा भी करते थे। मुझे लगता है कि उन्हें इस बात का भरोसा मिला होगा कि उनके बाद मैं कप्तानी संभाल सकता हूं। उन्होंने मुझे लम्बे समय तक देखा कि मैं परिस्थितियों को कैसे समझता हूं और मुझे कप्तान बनाने में उनका यही भरोसा मेरे पक्ष में गया। ” क्रिकेट के लिए उन्मादी देश भारत में टीम इंडिया की कप्तानी संभालना काफी जोखिम भरा काम माना जाता है लेकिन विराट ने कांटों भरे इस ताज को बखूबी संभाला है और खुद को देश का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट कप्तान साबित किया है। भारत को अपनी कप्तानी में 2008 में अंडर-19 विश्व कप का खिताब दिला चुके विराट ने कहा, “ मैं इसे इस तरह देखता हूं कि यदि मुझे यह मौका मिलता है तो मुझे कड़ी मेहनत करनी होगी क्योंकि सभी को यह मौका नहीं मिलता है। मैं हमेशा जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहता हूं लेकिन ईमानदारी से कहूं तो भारत का कप्तान बनना मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। ” विराट की कप्तानी में भारत अक्टूबर 2016 से हाल तक टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक रहा था और इस महीने ही ऑस्ट्रेलिया ने भारत को शीर्ष स्थान से अपदस्थ किया था।

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