मधुबनी : हेलेन जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 30 जून 2020

मधुबनी : हेलेन जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

helen-anniversiry-madhubani
मधुबनी : निःशक्तता राज्य आयुक्त पटना के निदेशानुसार 140वीं हेलेन केलर जयंती के अवसर पर 27 जून को जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें दिव्यांगजनों तथा मधुबनी जिला में इससे जुड़े व्यक्तियों, संस्थाओं, सरकारी अधिकारीगण व अन्य के साथ विविध ऑनलाईन मीडिया साधन यथा-विडियो काॅन्फ्रेंसिंग, यूट्यूब, फेसबुक,ट्विटर, व्हाट्सएप्प आदि के माध्यम से म्युचूअल ई0 जनजागरूकता-सह- ई-संवाद, कार्यक्रम का आयोजन कर दिव्यांगजनों को उनके अधिकारों के संरक्षण उनके कल्याणार्थ संचालित योजनाओं का अपने समस्याओं/शिकायतों को ऑनलाईन लोक अदालत के माध्यम से समाधान एवं आगामी बिहार विधानसभा चुनाव-2020 में मतदान का अधिकार के संबंध में जागरूकता किये जाने के उदेश्य से अवगत कराया गया। इस अवसर पर मधुबनी जिला के कुल 33502 दिव्यांगजनों से दिनांक 27.06.2020 को 140 वीं हेलेन केलर जयंती के अवसर पर दिव्यांगजनों के साथ ई-संवाद के माध्यम से हेलेन केलर जयंती के थीम ‘‘शत-प्रतिशत दिव्यांगजन करें अपने मताधिकार का प्रयोग (सरल, सुगम, समावेषी एवं बाधा रहित मतदान) एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में प्रदत्त अधिकार (सुरक्षा, संरक्षण, पूर्ण भागीदारी, हिस्सेदारी एवं प्रोडक्टिव सीटिजन) मिले बिहार के हर दिव्यांगजनों के द्वार-द्वार” के तहत संवाद कर जागरूक किया गया। 140 वीं हेलेन केलर जयंती के अवसर पर दिव्यांगजनों के साथ ई-संवाद के माध्यम से हेलेन केलर जयंती के थीम ‘‘शत-प्रतिशत दिव्यांगजन करें अपने मताधिकार का प्रयोग (सरल, सुगम, समावेशी एवं बाधा रहित मतदान) एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में प्रदत्त अधिकार (सुरक्षा, संरक्षण, पूर्ण भागीदारी, हिस्सेदारी एवं प्रोडक्टिव सीटिजन) मिले बिहार के हर दिव्यांगजनों के द्वार-द्वार” के आलोक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के द्वारा पंचायत स्तर पर गठित दिव्यांगजन समूह, कार्यपालक सहायक, पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी, विकास मित्र, ग्रामीण आवास सहायक के माध्यम से प्रखंड स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक जागरूक कराया गया।

कोई टिप्पणी नहीं: