बिहार में प्रतिदिन 10000 टेस्टिंग तक हुआ - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 16 जुलाई 2020

बिहार में प्रतिदिन 10000 टेस्टिंग तक हुआ

  • इसमें प्रसार कर 20 हजार करने पर बल
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि डेडीकेटेड कोविड अस्पताल,कोविड हेल्थ सेंटर एवं कोविड केयर सेंटर्स में आइसोलेशन बेड्स की संख्या अविलम्ब बढ़ायी जाय ताकि कोरोना संक्रमित मरीजों को किसी तरह की कठिनाई न हो ......
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पटना,16 जुलाई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव के साथ कोविड-19 से बचाव के लिये किये जा रहे कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश किया कि प्रतिदिन 10000 टेस्टिंग कैपेसिटी का लक्ष्य प्राप्त हो चुका है और अब टेस्टिंग की क्षमता को बढ़ाते हुए प्रतिदिन 20,000 करने का लक्ष्य प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि डेडीकेटेड कोविड अस्पताल,कोविड हेल्थ सेंटर एवं कोविड केयर सेंटर्स में आइसोलेशन बेड्स की संख्या अविलम्ब बढ़ायी जाय ताकि कोरोना संक्रमित मरीजों को किसी तरह की कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कुछ अन्य अस्पतालों को चिन्हित कर नई सुविधायें भी सृजित किये जायें। साथ ही उपलब्ध सुविधाओं को अतिरिक्त क्षमता सृजित करने की भी कार्रवाई की जाय। उन्होंने कहा कि आवश्कतानुसार हेल्थ इन्फ्रास्टक्चर बढ़ाने एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए समुचित कार्रवाई की जाय। उन्होंने कहा कि आॅक्सीजन बेड्स की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित की जाय और अभी मरीजों को प्रोटोकाॅल के अनुरूप जो सुविधाएं दी जा रही है, उसे पूर्ण रूप से सुनिश्चित करते हुए वहां साफ-सफाई एवं सेनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था रखी जाय।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों को रजिस्ट्र्ेशन के समय पैम्फलेट के रूप में एक एडवाइजरी भी जाय ताकि वे जान सकें कि उन्हें किस प्रकार से होम आसोलेशन में रहना है। साथ ही इसका लगातार अनुश्रवण भी किया जाय। मुख्यमंत्री ने निर्देश किया कि वैसे मरीज जिनमें कोरोना संक्रमण के स्पष्ट लक्षण है या जो हाई रिस्क काॅन्टैक्ट वाले हैं, वे किसी भी चिन्हित जगह पर जाकर अपनी जांच करा सकें, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। साथ ही चिन्हित जगहों पर  एंटीजन टेस्ट की भी व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से राज्य का रिकवरी रेट राष्ट्र्ीय औसत से बेहतर है। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है, वे पैनिक न हों। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित लगातार स्वस्थ होकर अपने घर जा रहे हैं। आज भी 588 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौटे है। लोग धैर्य रखें,सचेत रहें एवं सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ ही मास्क का प्रयोग जरूर करें। इस बीच पटना में बेकाबू हुआ कोरोना, 224 नए संक्रमित मिले, कंटेनमेंट जोन की संख्या हुई 114 रू पटना जिले में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को 242 नए संक्रमितों की पहचान हुई। वहीं जिले में कंटेनमेंट जोन भी बढ़ाये जा रहे हैं। पिछले 5 दिनों में कंटेनमेंट जोन बढ़कर 114 हो गया है। पहले कंटेनमेंट जोन की संख्या 90 थी। पटना जिले में सबसे अधिक पटना सदर और दानापुर अनुमंडल में 38-38 कंटेनमेंट जोन हैं। इसके बाद पटना सिटी अनुमंडल में 23 पालीगंज में 8 तथा मसौढ़ी में 7 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।

कंटेनमेंट जोन में 15 हजार 938 घर हैं जबकि इन इलाकों में रहने वालों की संख्या 77 हजार 27 है। पटना सदर अनुमंडल अंतर्गत 38 कंटेनमेंट जोन में घरों की संख्या 332 तथा व्यक्तियों की संख्या 1499 है। दानापुर अनुमंडल के 38 कंटेनमेंट जोन में घरों की संख्या 4545 तथा व्यक्तियों की संख्या 22 हजार 61 है। मसौढ़ी के 7 कंटेनमेंट जोन में व्यक्तियों की संख्या 1943 तथा घरों की संख्या 9249 है। पालीगंज अनुमंडल के आठ कंटेनमेंट जोन में घरों की संख्या 2379 तथा व्यक्तियों की संख्या 14 हजार 241 है। सबसे अधिक दानापुर अनुमंडल क्षेत्र में बनाए गए कंटेनमेंट जोन में लोग रह रहे हैं इसीलिए जिला प्रशासन ही क्षेत्र में विशेष ध्यान दे रहा है। पटना जंक्शन पर कोरोना मरीजों के इलाज के लिए रखे गये कोविड कोच के मरीज और सभी प्रकार के मेंटेनेंस और देखरेख समेत पटना जंक्शन पर कोरोना से बचाव और सभी प्रकार के एहतियात के लिए कोविड कमेटी का गठन किया गया है। दानापुर डीआरएम सुनील कुमार के निर्देश पर बनाई गई कमिटी के प्रमुख स्टेशन डायरेक्टर डॉ. नीलेश कुमार बनाये गये हैं। स्टेशन डायरेक्टर ने बताया कि कोच पूरी तरीके से इलाज के लिए तैयार हैं। पटना डीएम का आदेश मिलते ही कोविड कोच को जिला जिला प्रशासन को हैंडओवर कर दिया जायेगा। सभी जरूरी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। करबिगहिया छोर स्थित पी आर एस बिल्डिंग को कंट्रोल रूम में पूरी तरीके से परिवर्तित किया जा चुका है। वहीं स्टेशन पर पर्याप्त मात्रा में पीपीई रखने का निर्देश है। सभी रेल कर्मियों के नियमित थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी कराई जा रही है। डीआरएम लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कोविड कोच की सफायी, बिजली, पानी, समेत जरूरी सुविधा के लिए सबकी जिम्मेवारी तय की गयी है।

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