बिन समझौता और बिन आश्वासन के ही नर्सिंग स्टाफ हड़ताल तोड़ काम पर लौट - Live Aaryaavart

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शनिवार, 25 जुलाई 2020

बिन समझौता और बिन आश्वासन के ही नर्सिंग स्टाफ हड़ताल तोड़ काम पर लौट

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पटना। आज दिनभर पटना एम्स परिसर में ड्रामा चला। दूसरे दिन भी नर्सिंग स्टाफ हड़ताल जारी रखी।कुछ मुद्धों पर एम्स अधिकारियों ने सहमति जतायी। बिन समझौता और बिन आश्वासन के ही  नर्सिंग स्टाफ हड़ताल तोड़ काम पर लौट आयीं।नर्सिंग स्टाफ के काम पर वापस लौटा देख बेड पर पड़े मरीजों के चेहरे भी खिल उठे और एक बार फिर से कोरोना की लड़ाई में सभी अपनी भागीदारी निभाने लगे। मरीजो के इलाज में हो रही परेशानियों और स्टाफ की सैलरी बढ़ाने , बेदी एंड बेदी कम्पनी के बंधन से मुक्त कर एम्स के अधीन करने की डिमांड पूरा करने में एम्स निदेशक के हाथ खड़े कर देने के बाद हडताली स्टाफ बैकफुट पर आये और हड़ताल के दौरान टर्मिनेट किये गये स्टाफ को वापस ड्यूटी पर लेने के वादे के बाद हड़ताल समाप्त कर काम पर लौट गये। इससे पहले एम्स अधिकारियों ने गुरुवार की देर शाम जिन आठ से दस स्टाफ को वार्ता के लिए बुलाया था उन्हें बुलवाकर हड़ताल कराने में दोषी मानकर काम से हटाने का फैसला सुना दिया था। हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग स्टाफ की अपनी 6 सूत्री मांग थी जिनमे टर्मिनेट किये गए स्टाफ को वापस बुलाने की मांग को लेकर हड़ताल जारी रही । हड़ताली कर्मचारियों की मांग थी कि हमारा वेतन नियम के अनुसार हर वर्ष 10 प्रतिशत बढ़ाया जाए साथ ही मेडिकल सुविधा और नियमित भी किया जाये । हड़ताली कर्मियों का साफ़ कहना था की कम से कम हमारे जॉब की गारंटी को एम्स प्रशासन को मानना ही पड़ेगा तब ही काम पर लौटेंगे।एम्स निदेशक ने हड़ताल तोड़ने के लिए वैसे स्टाफ को वापस ले सकते है जिन्हें हड़ताल के लिए दोषी मानते हुए हटाया गया है तब इसके बाद हड़ताल पर रहे नर्सिंग स्टाफ बैकफुट पर आ गये । हड़ताली नर्सिंग स्टाफ ने अपनी मांगो का पत्र एम्स प्रशासन को लिखित दिया और हटाए गये स्टाफ को काम पर वापस लेने के फैसले के बाद हड़ताल को समाप्त करते हुए काम पर लौटने का फैसला किया ।

एम्स निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह ने कहा की जो जायज मांगे थी उन्हें तो हमने पहले दिन से ही मान लिया था लेकिन जो मांगें हमारे बस में नही है ,उसे कैसे पूरा किया जा सकता है।एम्स निदेशक ने कहा की  हड़ताल के दौरान जिन्हें हटाने का फैसला लिया गया था उन्हें वापस काम पर ले लेंगे इसके बाद सभी हड़ताली स्टाफ अपने अपने काम पर वापस लौट गये ।एम्स अस्पताल अधीक्षक डॉ सीएम सिंह ने कहा की कॉन्ट्रेक्ट पर कम्पनी के जरिये काम पर बहाल किये गये नर्सिंग स्टाफ की सेवा स्थायी करने और समान काम के लिए समान वेतन की मांग नहीं मानी जा सकती है । उनकी सैलरी जो सरकार के गाइड लाइन के अनुसार बढती है उसे बढ़ाया जाता रहेगा । हड़ताल समाप्ति के लिए कोई दवाब या उनकी गैर वाजिब मांगो को मानने के सम्बन्धी कोई आश्वासन भी नही दिया गया है ।जिन्हें काम से हटाया गया था उनके बारे में निर्णय लेने के लिए एम्स निदेशक विचार कर रहे हैं । नर्सिंग स्टाफ के काम पर वापस लौटा देख बेड पर रहने वाले मरीजो के चेहरे भी खिल उठे और एक बार फिर से कोरोना की लड़ाई में सभी अपनी भागीदारी निभाने लगे ।एम्स निदेशक डॉ पीके सिंह , एम्स अस्पताल अधीक्षक डॉ सीएम सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने एम्स के लगभग तमाम विभागों में घूम घूम कर स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लिया। 

इस बीच बिहार की राजधानी पटना में कोरोना के एक मरीज ने आत्महत्या कर ली है। मरीज ने एम्स की छत से कूदकर आत्महत्या की। वह कोविड वार्ड में भर्ती था. मृतक मोहम्मदपुर का रहने वाला है। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई।मरीज कोविड वार्ड से बाहर निकलकर छत पर गया और वहां से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।वहीं मरीज के सुसाइड करने से एम्स में हड़कंप मच गया। फुलवारी शरीफ के थानेदार रफीकुर रहमान ने कहा कि एक मरीज ने अस्पताल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली है। वह बिहटा के मोहम्मदपुर का रहने वाला है।मृतक की पहचान बिहटा के मोहम्मदपुर निवासी रोहित कुमार के रूप में की गई है। बता दें कि बिहार में कोरोना महामारी चरम पर है।इस तरह की संकट के बीच में मानव सेवा करने वाली स्टाफ नर्स हड़ताल पर थीं।अपनी स्थायी नौकरी की मांग को लेकर पटना एम्स में संविदा पर तैनात नर्स गुरूवार से काम करना बंद कर दी थीं।  सभी नर्स पटना एम्स अस्‍पताल के बाहर निकलकर सड़क किनारे एकजुट होकर अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही थीं।स्‍थायी नौकरी के अलावा सभी संविदा नर्सों की नौकरी की सुरक्षा, वेतन को बढ़ाने, हेल्थ इंश्योरेंस, स्थायी कर्मचारियों की तरह छुट्टी समेत कई मांग भी शामिल है।पटना एम्स प्रशासन कहना है कि हमने कुछ मांग को मान ली थी इसके बावजूद नर्सों की हड़ताल जारी थी।

पटना एम्स के नर्सिंग स्‍टाफ ने गुरुवार से हड़ताल कर दी थी।इस हड़ताल (Strike) में लगभग 400 नर्सिंग स्टाफ थीं।पटना एम्‍स में कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल   नर्सों ने समान काम के बदले समान वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर थीं.वे निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सिंह से अपनी मांगों पर पहल करने की मांग पर अड़ी थीं।कुछ मुद्धों पर एम्स अधिकारियों ने सहमति जतायी। बिन समझौता और बिन आश्वासन के ही  नर्सिंग स्टाफ हड़ताल तोड़ काम पर लौट आयीं। बता दें कि बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।शुक्रवार को राज्य में 1,820 नए मामले सामने आए।बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या 33,511 हो गई है।पिछले 24 घंटे में 1,873 मरीज ठीकर होकर अपने घर लौटे हैं।इस दौरान 9 मरीजों की मौत हुई है. बिहार में कोरोना से अब तक 221 लोगों की जान जा चुकी है।झउधर, ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में भी कोरोना वायरस के मरीजों का आंकड़ा 13 के पार हो चुका है।भारत में कोरोना का रिकवरी रेट बढ़कर 63.45 फीसदी हो गया है।स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक शुक्रवार सुबह तक देश में 12,87,945 कोरोना वायरस के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।8,17,209 कोरोना मरीज ठीक भी हो चुके हैं।इसके अलावा 30,601 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

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