सशस्त्र बलों का सदैव ऋणी रहेगा देश : नड्डा - Live Aaryaavart

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रविवार, 26 जुलाई 2020

सशस्त्र बलों का सदैव ऋणी रहेगा देश : नड्डा

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नयी दिल्ली, 26 जुलाई, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने रविवार को कहा कि करगिल युद्ध में विषम परिस्थितियों के बावजूद सशस्त्र बलों ने अपनी रणनीति और पराक्रम के कौशल से पाकिस्तान को परास्त किया था। ‘करगिल विजय दिवस’ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा के लिए सशस्त्र बलों ने जो कुर्बानियां दी हैं, देश उसे हमेशा याद रखेगा। ज्ञात हो कि भारतीय सैनिकों के करगिल की चोटियों से पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़ने के बाद 26 जुलाई 1999 को करगिल युद्ध को समाप्त घोषित किया गया था। भारत की जीत का जश्न मनाने के लिए इस दिन को ‘करगिल विजय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। सशस्त्र बलों के कल्याण के लिए भाजपा की प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा रक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने ‘‘वन रैंक, वन पेंशन’’ योजना को क्रियान्वित किया और 33 हजार करोड़ रूपये देकर कमियों को पूरा किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न सीमाओं पर 72 परियोजनाएं पूरी होने की कगार हैं जबिक संप्रग के शासनकाल में इस परियोजनाओं पर कुछ काम नहीं हुआ। नड्डा ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने करगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी लड़ाई लड़ी और यह स्पष्ट कर दिया था कि भारत तब तक युद्धविराम नहीं करेगा जब तक पाकिस्तान को हराकर अपनी सीमाओं को सुरक्षित नहीं कर लेता। चीन के साथ सीमा पर चल रहे गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री मोदी के हालिया लेह दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भी ‘‘जीरो टॉलरेंस ऑफ इंट्रूजन’’ (घुसपैठ के खिलाफ शून्य सहिष्णुता) का अनुसरण करते हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी फौज के मनोबल को बढ़ाए रखने के लिए प्रत्येक दिवाली सीमाओं पर सैनिकों के बीच मनाते हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यह संदेश है कि जो हमारी सीमाओं की सुरक्षा कर रहे होते हैं, जो हमारे प्रहरी सीमा पर खड़े हैं, उनके साथ देश का प्रधानमंत्री खड़ा है। यानी उनके साथ भारत की 130 करोड़ जनता खड़ी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अभी हमने देखा लद्दाख गतिरोध के दौरान। खुद प्रधानमंत्री गए वहां। सारा दिन लगाया। मुलाकात की फौजी भाइयों से और उनकी हौसला अफजाई भी की। हमारे घायल सैनिकों से उनका भी हालचाल भी पूछा।’’ सशस्त्र बलों के पराक्रम और शौर्य की सराहना करते हुए नड्डा ने कहा कि करगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने पर्वतों की ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया था और वह ‘‘लाभ वाली स्थिति’’ में था लेकिन इसके बावजूद सशस्त्र बलों ने चुनौतियों से प्रेरणा लेकर अदम्य साहस व पराक्रम के साथ जीत हासिल की। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत मुश्किल युद्ध था। दुश्मन ऊंचाई पर था। माइनस 10 डिग्री तापमान था और हमने जीत हासिल की। मैं महसूस करता हूं कि आने वाले समय में हमारी पीढ़ी इस बात को याद रखेगी कि हमारे जवान अपनी जान की बाजी लगाकर सीमाओं की, हमारी और देश की सुरक्षा करते हैं।’’

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