रेलवे को राजस्व बढ़ाने, लागत घटाने, सुरक्षा बढ़ाने पर ध्यान देने की जरूरत : गोयल - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 17 जुलाई 2020

रेलवे को राजस्व बढ़ाने, लागत घटाने, सुरक्षा बढ़ाने पर ध्यान देने की जरूरत : गोयल

need-to-improve-railway-goyal
नयी दिल्ली ,16 जुलाई,  रेल मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि भारतीय रेलवे को राजस्व बढ़ाने, लागत घटाने, परिचालन में सुरक्षा बढ़ाने और रेल कर्मियों के कल्याण पर अधिक ध्यान दिये जाने की जरूरत है। श्री गोयल रेलकर्मियों की पहली ऑनलाइन संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस संगोष्ठी में रेल राज्य मंत्री सुरेश सी अंगड़ी, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव, रेलवे की यूनियनों एआईआरएफ और एनएफआईआर के नेतागण - सर्वश्री राखल दासगुप्ता, गुम्मन सिंह, शिवगोपाल मिश्रा और वी राघवैय्या तथा अन्य एसोसिएशनों के प्रमुख मौजूद थे। श्री गोयल ने लॉकडाउन अवधि में लगातार कर्तव्यपालन के लिए जीजान से काम करने वाले रेलकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऊंचे से लेकर सबसे निचले स्तर तक के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरी तत्परता एवं जिम्मेदारी से काम किया। इस समय रेलवे महामारी के कारण संकटपूर्ण स्थिति से गुजर रही है। उन्होंने रेलवे कर्मचारी महासंघों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे रेलवे को इस स्थिति से उबारने के लिए योगदान करें। रेल मंत्री ने रेलवे कर्मचारी महासंघों से राजस्व बढ़ाने, लागत को न्यूनतम करने, मालवहन में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाने और रेलवे परिचालन को तेजगति वाला बनाने के लिए नये सुझाव देने का आह्वान किया और रेल कर्मियों की सुरक्षा एवं कल्याण पर भी ध्यान देने का आग्रह करते हुए कहा कि इस बारे में यूनियनों एवं अधिकारियों को सामूहिक प्रयास करने होंगे। रेल मंत्री ने इस बारे में आम कर्मचारियों से भी रेलवे की आय बढ़ाने एवं कर्मचारी कल्याण के नये आइडिया जानने की जरूरत महसूस की। रेल राज्य मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल 167 साल से लगातार चलती रही लेकिन महामारी के कारण उसे रुकना पड़ा। रेलकर्मियों ने योद्धाओं की तरह से काम किया। इससे विश्वास होता है कि रेलकर्मी भारतीय रेलवे को विश्व की सर्वश्रेष्ठ रेलवे बनाने के लिए मेहनत से काम करेंगे।

कोई टिप्पणी नहीं: