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शनिवार, 15 अगस्त 2020

आठ नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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रायपुर, 15 अगस्त, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों के सामने आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। उनमें पाचं इनामी नक्सली थे। बस्तर क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि क्षेत्र के सुकमा जिले में पांच नक्सलियों ने तथा दंतेवाड़ा जिले में तीन नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। पांच नक्सलियों के सर पर कुल 16 लाख रूपए का इनाम है। अधिकारियों ने बातया कि समर्पण करने वाले नक्सलियों में बोड्डू व्यंकटेश उर्फ राजीव भी शामिल है, व्यंकटेश डिविजनल कमेटी का सदस्य है तथा यह पड़ोसी राज्य उड़ीसा में नुवापाड़ा डिविजन में सक्रिय था। उसके सर पर आठ लाख रूपए का इनाम है। उन्होंने बताया कि व्यंकटेश वर्ष 2006 में मिलिशिया सदस्य के रूप में नक्सली संगठन में शामिल हुआ था और बाद में वह वर्ष 2015 में डिविजनल कमेटी सदस्य बन गया। अधिकारियों ने बताया, ‘‘ व्यंकटेश के खिलाफ कई नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। वह वर्ष 2010 में ताड़मेटला नक्सली हमले में भी शामिल रहा है। इस घटना में 76 जवानों की मौत हुई थी। वहीं वर्ष 2006 में एर्राबोर घटना में भी वह शामिल रहा है। इस हमले में 10 एसपीओ और एक वाहन चालक की मौत हो गई थी।’’ 


पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुकमा जिले में जगरगुंडा एलजीएस का कमांडर उण्डाम सन्ना और नक्सलियों के प्लाटून नंबर 12 के सदस्य मड़कम सोनी ने भी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सन्ना के सर पर पांच लाख रूपए तथा सोनी के सर पर एक लाख रूपए का इनाम है। उन्होंने बताया कि सुकमा जिले में आत्मसमर्पण करने वाले दो अन्य नक्सलियों में एक सन्ना मरकाम नक्सलियों के कम्युनिकेशन टीम का सदस्य है तथा पोडियम देवा मिलिशिया डिप्टी कमांडर है। दोनों के खिलाफ वर्ष 2017 में बुरकापाल नक्सली हमले में शामिल होने का आरोप है। इस घटना में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आज के दिन नक्सली काला दिन के रूप में मनाते हैं। इसलिए इस दिन नक्सलियों का समर्पण बहुत मायने रखता है। अन्य नक्सलियों को इनका अनुकरण करना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा दंतेवाड़ा जिले में एक महिला नक्सली समेत तीन नक्सलियों महादेव पोयाम, सुखराम और सुक्की कोहरामी ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने बताया कि पोायाम और सुखराम दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष हैं तथा उनके सर पर एक लाख रूपए का इनाम है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने जिले में चल रहे लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर तथा माओवादी संगठन की खोखली विचारधारा से तंग आकर आत्मसमर्पण किया है।

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