बिहार : परंपरागत सीटों को नहीं छोड़ेगी भाजपा - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 21 अगस्त 2020

बिहार : परंपरागत सीटों को नहीं छोड़ेगी भाजपा

जदयू में शामिल हो रहे नेताओं को झटका
bjp-will-not-left-treditional-seat
पटना : आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल प्रेस वार्ता कर भाजपा ओरदेश कार्यसमिति की बैठक के बारे में जानकारी दे रहे थे। सवाल-जवाब के दौरान उन्होंने ऐसी बातें कह दी, जिसके कारण जदयू को बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल, जायसवाल ने कहा कि भाजपा उन सीटों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगी, जहां उसके उम्मीदवार 2015 के विधानसभा चुनाव में राजद से हारे थे। जायसवाल का कहना है कि 2015 के चुनाव में भले ही हम हार गए, लेकिन जो हमारी परंपरागत सीटें हैं और जहां हम राजद से हारे हैं, उन सीटों को भाजपा नहीं छोड़ने वाली है। 2020 के चुनाव में भाजपा परंपरागत सीटों को लेकर कोई समझौता नहीं करेगी। भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को ही चुनाव लड़ाएगी। जायसवाल के इस बयान के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बड़ा झटका लगा है। क्योंकि हाल ही में राजद छोड़कर 6 विधायक जदयू में शामिल हुए हैं तथा सभी टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। नीतीश कुमार की भी यही प्लानिंग थी कि जो विधायक राजद उठा कांग्रेस छोड़कर जदयू में शामिल होंगे। उनके लिए एनडीए के सहयोगी दलों पर दवाब बनाकर टिकट कन्फर्म करेंगे। लेकिन, ऐन वक्त पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान के बाद दल बदलने वाले नेता से लेकर जदयू के लिए परेशानी बढ़ना तय है। अब यह भी कहा जा सकता है कि जो विधायक राजद छोड़कर पुनः विधायक बनने के सपने के साथ जदयू में शामिल हुए थे, तो उनके लिए यह एक बड़ा संदेश है भाजपा की तरफ से। 

कोई टिप्पणी नहीं: