बिहार : चुनाव आयोग के निर्देशों से अफसर हलकान - Live Aaryaavart

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रविवार, 30 अगस्त 2020

बिहार : चुनाव आयोग के निर्देशों से अफसर हलकान

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पटना, कोविड-19 काल में देश का पहला आम विधान सभा आम चुनाव वाले बिहार में आयेग के नये निर्देशों से परेशान हो रहे। पारम्परिक चुनाव कराने का अनुभव-प्रशिक्षण तो उन्हें है, पर महामारी के दौरान चुनाव कराने का अनुभव नहीं है। नतीजा, बूथों की संख्या तो बढ़ायी ही गयी चिकित्सीय व्यवस्था व विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशों का भी ख्याल रखा जा रहा है। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि अन्य चुनावों से बहुत भिन्न रहेगा, ये चुनाव। प्रशासनिक स्तर पर नये अनुभवों के दौर से गुजरना पड़ रहा है-अधिकारियों को। मसलन, बूथों पर सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन कराना तथा यह भी सुनिश्चित कराना कि संक्रमण बढ़े नहीं। इसके अतिरिक्त,कोरोना मरीजों की बढ़ रही संख्या व उनके मतदान के अधिकार को सुनिश्चित कराने के लिए पीपीई किटस पहनकर उन्हें मतदान कराना होगा। चुनाव आयोग ने कहा है कि मरीजों की पहचान थर्मल स्क्रीनिंग के माध्यम से करायी जाए। संदिग्ध मरीज को टोकन देकर मतदान के अंतिम समय में उन्हें बुलाया जाए। मतदान केन्द्रों पर आशा कार्यकर्ता, पारा मेडिकल स्टाफ तथा सेनिटाईजेशन की व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाए। निर्देश में कहा गया है कि चुनावी सभाओं की निगरानी सेक्टर हेल्थ रेगुलेटर करेंगे। वे देख कर गारंटी देंगे कि सोशल डिस्टेशिंग का पालन किया गया या नहीं। नामांकन प्रकिया में बदलाव का निर्देश देते हुए कहा गया है कि उस समय केवल दो ही व्यक्ति मौजूद रहेंगे। पांच कीजगह दो ही वाहन की अनुमति मिलेगी। रोड-शो के लिए पांच वाहन ही वर्जित होंगे। पहले 10 वाहनों का प्रावधान था। लंबित मामलों की मांगी लिस्ट आयोग ने डीएम व एसपी को निर्देश दिया है कि वे सप्ताह भर के अंदर अपराधियों की सूची भेजते हुउ वांक्षित की अरेस्टिंग हो जानी चाहिए। इस संबंध में वैसे वांक्षितों की सूची भी मांगी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बताएं कि कितने बूथ बाढ़ प्रभावी क्षेत्रों में रहेंगे तथा वहां के मतदाताओं के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी। हालांकि तबतक पानी उतर जाने की संभावना को देखते हुए कहा गया है कि विकल्प के तौर पर नावों की भी व्यवस्था करें।

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