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गुरुवार, 20 अगस्त 2020

धोनी नए भारत के महत्वपूर्ण हस्ताक्षरों में से एक : मोदी

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नयी दिल्ली, 20 अगस्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को पत्र लिखकर उनके योगदान को सराहते हुए कहा है कि वह नए भारत के महत्वपूर्ण हस्ताक्षरों में से एक हैं। धोनी ने इसके लिए श्री मोदी का आभार व्यक्त किया है। भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक धोनी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन शाम सात बज कर 29 मिनट पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी। प्रधानमंत्री ने बुधवार को धोनी को लिखे दो पेज के पत्र में पूर्व कप्तान को भावुक संदेश दिया और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को सराहा। पूर्व भारतीय कप्तान ने गुरूवार को प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। श्री मोदी ने न केवल धोनी की क्रिकेट मैदान पर उनकी उपलब्धियों के लिए सराहना की बल्कि उन्होंने भारत और विश्व में खेलों के लिए जो किया उसे भी सराहा। उन्होंने कहा, “आपने अपने ही अंदाज में वीडियो जारी कर संन्यास की घोषणा की जो पूरे देश में जबरदस्त चर्चा का विषय बन गया। हालांकि 130 करोड़ भारतीय इससे निराश जरूर हुए लेकिन वे सभी दिल से आपके आभारी हैं जो आपने डेढ़ दशक में भारतीय क्रिकेट के लिए किया है।” धोनी ने भी प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए ट्वीट कर कहा, “कलाकार, सैनिक और खिलाड़ी... सराहना के लिए क्या यादगार शब्द हैं जिससे पता चलता है कि आपकी कड़ी मेहनत और बलिदान को देखा गया है और सराहा गया है। धन्यवाद प्रधानमंत्री जी आपकी सराहना और शुभकामनाओं के लिए।” भारत को अपनी कप्तानी में दो विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी तथा नंबर एक टेस्ट रैंकिंग दिलाने वाले धोनी ने 15 अगस्त को संन्यास की घोषणा कर अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने 2007 में टी-20 विश्व कप, 2011 में एकदिवसीय विश्व कप और 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती और टीम इंडिया को 600 दिनों तक टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक रखा। श्री मोदी ने धोनी के क्रिकेट में योगदान को सराहते हुए लिखा, “डियर महेंद्र, आपका नाम इतिहास में विश्व के बल्लेबाजी दिग्गजों, महान कप्तानों और सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपरों में शुमार किया जाएगा। मैच को फिनिश करने का आपका स्टाइल और 2011 विश्व कप को छक्के से समाप्त करना लोगों के दिलो-दिमाग पर हमेशा अंकित रहेगा। आपको मात्र एक खिलाड़ी के रूप में आंकना सही नहीं होगा बल्कि आपके व्यापक प्रभाव से ही आपको सही रूप से आंका जाएगा।”


झारखंड के रांची के धोनी ने अपने हेलीकाप्टर छक्के से भारत को श्रीलंका के खिलाफ 2011 में वनडे विश्व कप में 28 साल बाद विश्व चैंपियन बनाया था। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर समझे जाने वाले धोनी ने 350 एकदिवसीय मैचों में 10,773 रन बनाये। प्रधानमंत्री ने लिखा, “एक छोटे शहर से निकलकर आप राष्ट्रीय परिदृश्य पर छा गए। आपने अपनी पहचान खुद बनायी और सबसे महत्वपूर्ण देश को गौरवान्वित किया। आप नए भारत के महत्वपूर्ण हस्ताक्षरों में से एक रहे हैं जहां परिवार का नाम युवा का भाग्य तय नहीं करता है बल्कि वे अपना नाम और अपना भाग्य खुद बनाते हैं।” श्री मोदी ने लिखा, “आपका मैदान में कूल अंदाज युवाओं को प्रेरित करता है। दबाव के क्षणों में युवाओं पर भरोसा करने का आपका अंदाज देश की युवा पीढ़ी को प्रेरित करता है। 2007 के टी-20 विश्व कप का फाइनल इसका प्रबल उदहारण है। आज की युवा पीढ़ी निर्णायक क्षणों में अपना धैर्य नहीं खोती है और यह बात हमने आपकी पारियों और मैचों में देखी थी। आप कैसा भी हेयरस्टाइल रखें लेकिन जीत या हार में आपका धैर्य और संतुलन हर युवा के लिए एक सबक है।” प्रधानमंत्री ने धोनी के भारतीय सेना के साथ जुड़ाव का विशेष रूप से उल्लेख किया। श्री मोदी ने धोनी के पत्नी साक्षी और बेटी जीवा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना आपके लिए इतनी ऊंचाई तक पहुंचना मुश्किल था। उन्होंने कहा, “हमारे युवा आपसे सीखेंगे कि प्रोफेशनल और निजी प्राथमिकताओं में संतुलन कैसे बैठाया जाता है। मुझे याद है कि एक टूर्नामेंट जीतने के बाद आप कैसे अपनी बेटी के साथ खेल रहे थे जबकि बाकी टीम साथी जीत का जश्न मना रहे थे।” मोदी ने धोनी को भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

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