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मंगलवार, 11 अगस्त 2020

पायलट की राहुल गांधी से बातचीत के बाद संकट का पटाक्षेप होने के आसार बने

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जयपुर, 10 अगस्त, राजस्थान में चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच निष्कासित उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की कांग्रेस आलाकमान से बातचीत के बाद विवाद के सुलझाने के लिये तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, इसके साथ ही करीब एक महीने से चल रहा राजनीतिक संकट के पटाक्षेप होने के आसार बन गये हैं। श्री पायलट ने आज दिल्ली में श्री राहुल गांधी और श्रीमती प्रियंका गांधी से मुलाकात की और सारी बातें उनके सामने रखीं। विवाद के बिंदु उनके सामने रखे। इन पर श्री गांधी ने नरम रुख अपनाते हुए विवाद के मुख्य बिंदुओं पर विचार के लिये तीन सदस्यीय समिति के गठन की बात रखी। जयपुर में श्री पायलट ने पत्रकारों को बताया कि पूरे प्रकरण के दौरान बहुत सी बातें कही गयीं। कुछ व्यक्तिगत बातें कहीं गयी, लेकिन हमने संयम बनाये रखा। राजनीति में व्यक्तिगत बातों के लिये कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने पांच वर्ष तक मेहनत करके राज्य में सरकार बनाई। इसमें सभी भागीदार हैं, लेकिन मुझे लगा कि कुछ आपत्तियां थीं। हमने बहुत सारी बातों को उनके समक्ष रखा। इस तीन सदस्यीय समिति की बैठक बहुत जल्द होगी जिसमें सभी बिंदुओं पर विचार किया जायेगा। उन्हें उम्मीद है कि इसमें सभी समस्याओं का समाधान होगा। श्री पायलट ने कहा कि कई सैद्धांतिक मुद्दे थे। हमें वादों पर खरा उतरना था। पार्टी पद देती है। पार्टी पद लेती भी है। मुझे पद की लालसा नहीं, लेकिन मैं चाहता था मान सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में करीब 20 वर्ष से काम कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि जिन लाेगों ने मेहनत की है उन्हें पर्याप्त सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि आज से एक वर्ष पहले हम ने कुछ बातें तय की थीं। श्री गहलोत मुख्यमंत्री बने। हमने पार्टी में कई बातें बताई हैं। सरकार ने और पार्टी ने जो वादे किये हैं, वो निभाने बहुत जरूरी हैं। हमने कभी भी इस प्रकार की भावना, भाषा या आचरण का इस्तेमाल नहीं किया। हम लोग कांग्रेस के नाम पर सत्ता में आये थे और हम चाहते हैं कि हमने जनता से जो वायदे किये थे उन्हें पूरा किया जाये।

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