बिहार : एमएलसी रीतलाल यादव जेल बाहर आ गये - Live Aaryaavart

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शनिवार, 29 अगस्त 2020

बिहार : एमएलसी रीतलाल यादव जेल बाहर आ गये

  • एमएलसी रीतलाल यादव जेल बाहर आ गये हैं। मनी लाॅन्ड्रिंग केस में बेउर जेल में बंद रीतलाल यादव को पटना हाईकोर्ट ने जमानत दी थी। पटना हाइकोर्ट ने एमएलसी रीतलाल यादव को मनी लॉन्ड्रिंग मामलें में राहत देते हुए यह स्पष्ट किया कि इस मामलें में उन्हें जेल में नहीं रखा जा सकता है। न्यायमूर्ति शिवाजी पांडेय की खंडपीठ ने रीतलाल यादव की याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था बाद में इस मामले पर फैसला आया...
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दानापुर,29 अगस्त । बिहार में अपराध की दुनिया में रीतलाल यादव का नाम नया नहीं है। दानापुर में भाजपा नेता सत्यनारायण सिन्हा की हत्या के बाद उनका नाम चर्चा में आया था। कभी राजद के साथ उनके बेहतर संबंध भी रहे थे। लेकिन आजकल वे निर्दलीय एमएलसी हैं।पटना के शेर दानापुर के लाल रीतलाल यादव 10 साल बाद  जेल से रिहा हुए। बता दें कि बिहार के बाहुबली निर्दलीय विधान पार्षद रीतलाल यादव को पटना उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली थी ।मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में पटना उच्च न्यायालय विधान पार्षद रीतलाल यादव को राहत देते हुए कहा था कि इस मामले में रीतलाल यादव को और अधिक जेल में नहीं रखा जा सकता है। इसके आलोक में जेल से रिहा हो गये।



बताया जाता है कि पटना स्थानीय प्राधिकार के सीट से विधान पार्षद बने रीतलाल यादव जेल से विधान पार्षद बने थे तथा आजतक जेल में थे। बेटी की शादी जैसे मामलों में उन्हें पैरोल पर कुछ दिनों के लिए छोड़ा गया था।उल्लेखनीय है कि रीतलाल यादव पर इसके अलावा भी कई अपराधिक मुकदमे लंबित हैं।जिनमें अधिकांश मामलों में जमानत मिल चुका है। रीतलाल यादव पटना के दबंग विधान पार्षद हैं।उन्होंने विधान परिषद की स्थानीय प्राधिकार कोटे की सीट पर पटना से निर्दलीय विजय प्राप्त किया था।विधान पार्षद रीतलाल यादव पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा चल रहा था।जिसकी सुनवाई के दौरान उनके वकील योगेश वर्मा ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अधिकतम सजा 7 वर्षों की होती है।जबकि रीतलाल यादव इस मामले में 7 वर्ष से अधिक समय से जेल में रह चुके हैं।दलीलों को सुनते हुए पटना उच्च न्यायालय के खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में अब विधान पार्षद रीतलाल यादव को जेल में नहीं रखा जा सकता है।रीतलाल यादव जेल से बाहर आ जाएंगे। कोर्ट के आदेश से विधान पार्षद लाल यादव के समर्थकों में बेहद खुशी देखी गई।

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