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रविवार, 30 अगस्त 2020

बेतिया : जिले में वेजिटेबल आउटलेट से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ : डीएम

सब्जी, दाल, तेल, मसाले का पर्याप्त मात्रा में उत्पादन इसी जिले में कराने की दिशा में चल रहा है कार्य..
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बेतिया,30 अगस्त। कोविड-19 से उत्पन्न आपदा को अवसर में बदलने के जिला प्रशासन द्वारा बहुत सारे कारगर उपाय किये जा रहे हैं। इस दिशा में जिला प्रशासन को लगातार सफलताएं भी मिल रही है। लॉक डाउन के दौरान जिले में वापस लौटे कामगारों/श्रमिकों को उनके हुनर के अनुसार इसी जिले में  विभिन्न रोजगार भी मुहैया करा दी गयी है। कई श्रमिक अब उद्यमी भी बन गए हैं तथा अपने आसपास के कई श्रमिकों को रोजगार भी दे रहे हैं। इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा कृषि/सब्जी उत्पादन क्षेत्र में भी ज्यादा से ज्यादा लोगों की भलाई के लिए कार्ययोजना बनाकर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार आज समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों के अध्यक्षों को संबोधित कर रहे थे।



जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के चिन्हित स्थलों पर वेजिटेबल आउटलेट का अधिष्ठापन कराने हेतु जिला प्रशासन की पूरी टीम कार्य कर रही है। इसके साथ ही सब्जी उत्पादकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले तथा खरीददारों को सस्ती दर पर ताजा सब्जियां उपलब्ध हो सके इसके लिए आज 02 वाहनों को मैनाटॉड, बगहा-01 प्रखंडों में रवाना किया गया है। शेष अन्य प्रखंडों के हाट-बाजारों में अविलंब ताजी सब्जियां पहुंचाने की कार्रवाई की जाय।  उन्होंने कहा कि जिले में इस तरह की शुरुआत ऐतिहासिक  कदम है। इस कदम के लक्ष्य तक पहुंच जाने से राष्ट्रीय स्तर पर बेतिया जिला की पहचान बनेगी। जिला प्रशासन की परिकल्पना है कि सब्जी उत्पादकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले तथा खरीददारों को सस्ती तथा ताजी सब्जियां मुहैया हो सके। उन्होंने कहा कि पश्चिम चम्पारण जिला कृषि प्रधान जिला है। को-ऑपरेटिव के माध्यम से इस परिकल्पना को साकार करना है। 

जिलाधिकारी ने जिला सहकारिता पदाधिकारी को निदेश दिया कि सब्जी, दाल, तेल, मसाले तथा अन्य उत्पादों को जिला में सालभर का कितना डिमांड है, इसका सर्वे कराये। जिले में कम उत्पादन होने वाले सामग्रियों का पर्याप्त मात्रा में उत्पादन इसी जिले में हो इसके लिए प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सब्जी, दाल, तेल मसाले सहित अन्य उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। पैकेजिंग वर्क में लॉक डाउन के दौरान जिले में वापस आये कामगारों/श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराई जाएगी।  उन्होंने कहा कि किसानों को रियल एडवांटेज दिलाने का प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उदाहरण स्वरूप जिलाधिकारी ने कहा कि सिर्फ टमाटर की खेती/बिक्री ही नहीं की जाएगी बल्कि फूड प्रोसेसिंग/खाद्य प्रसंस्करण की भी शुरुआत की जाएगी, जैसे टमाटर से बनने वाले अन्य विभिन्न उत्पादों जैसे purree, sauce आदि का उत्पादन भी इसी जिले में कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। इस कार्य में सभी कृषकों की भी सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।

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