स्थानीय उत्पादों के साथ भारत की आवाज भी हो रही है ग्लोबल - मोदी - Live Aaryaavart

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बुधवार, 9 सितंबर 2020

स्थानीय उत्पादों के साथ भारत की आवाज भी हो रही है ग्लोबल - मोदी

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जयपुर, 08 सितम्बर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वर्तमान में हर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की उपस्थिति है तो मीडिया को भी ग्लोबल होने की जरूरत है। श्री मोदी ने मंगलवार को भव्य वर्चुअल समारोह में जयपुर के जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर निर्मित पत्रिका गेट का लोकार्पण और पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी के ग्रंथ सम्वाद उपनिषद एवं अक्षर यात्रा का विमोचन किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि भारत के स्थानीय उत्पाद तो ग्लोबल हो ही रहे हैं भारत की आवाज भी ग्लोबल हो रही है। श्री मोदी ने कहा कि दुनिया भारत को अब ज्यादा ध्यान से सुनती है। समय की मांग यह है कि हमारे अखबारों की और पत्रिकाओं की ग्लोबल प्रतिष्ठा बने और डिजिटल युग में हम इसी तकनीक से पूरी दुनिया में पहुंचें। देशवासी भी स्वस्थ रहें, और अर्थव्यवस्था को भी गति मिले, यह आज देश की प्राथमिकता है। अक्षर यात्रा ग्रंथ के विमोचन के मौके पर उन्होंने कोरोना के खिलाफ लड़ाई को जल्द ही जीतने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि देश की यात्रा भी अक्षर यात्रा बनेगी।



समारोह के विशिष्ट अतिथि राज्यपाल कलराज मिश्र एवं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत थे। श्री मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर खुशी जाहिर की कि पत्रिका समूह ने अपने संस्थापक कर्पूरचन्द्र कुलिश की स्मृति में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार देना शुरू किया है। यह प्रयास वैश्विक मीडिया मंच पर भारत को नई पहचान दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया में जो अलग अलग साहित्य पुरस्कार दिए जाते हैं, भारत की संस्थाएं भी वैसे ही पुरस्कार दें, यह समय की मांग है। मीडिया की लोकतंत्र में अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि महामारी के इस दौर में कोरोना के खिलाफ जागरूकता अभियान में भी भारतीय मीडिया ने जनता की अपूर्व सेवा की है। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यों की विवेचना के साथ सरकारी योजनाओं में जमीनी स्तर की खामियों को उजागर करना और उसकी आलोचना करना हमारी मीडिया बखूबी करता रहा है। कई बार ऐसे मौके भी आते हैं जब मीडिया की आलोचना भी होती है। खास तौर से सोशल मीडिया के दौर में तो यह और स्वाभाविक हो गया है, लेकिन आलोचना से सीखना भी हम सबके लिए उतना ही स्वाभाविक है। इसी वजह से आज हमारा लोकतन्त्र इतना मजबूत हुआ है। पत्रिका गेट एवं विमोचित होने वाले ग्रंथों के बारे में श्री मोदी ने कहा कि जिस तरह हम अपनी विरासत, अपने विज्ञान, अपनी संस्कृति और अपने सामर्थ्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं और उसे स्वीकार कर रहे हैं, उसी आत्मविश्वास को हमें आगे बढ़ाना है। कोरोना काल में पत्रिका समूह की ओर से किए जा रहे जनजागरुकता कार्यक्रमों की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि इस अभियान को अभी और तेज करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज में उसका प्रबुद्ध वर्ग, समाज के लेखक या साहित्यकार पथ प्रदर्शक की तरह होते हैं। स्कूली शिक्षा तो खत्म हो जाती है, लेकिन हमारे सीखने की प्रक्रिया पूरी उम्र चलती है। आज के दौर में यह और ज्यादा जरूरी है कि हमारी नई पीढ़ी गंभीर ज्ञान से दूर न हो जाए। हमें अपने घरों में एक कोना पुस्तकों के लिए अवश्य बनाना चाहिए। उपनिषदों का ज्ञान एवं वेदों का चिंतन केवल आध्यात्मिक और दार्शनिक आकर्षण का ही क्षेत्र नहीं है, वेद और वेदांत में सृष्टि और विज्ञान का भी दर्शन है। श्री मोदी ने कहा कि कार्यक्रम में गुलाब कोठारी द्वारा रचित जिन दो ग्रंथों का विमोचन हुआ उनमें पहला सम्वाद उपनिषद् है। यह उपनिषद् वैदिक परंपरा के रूप में नई पीढ़ी तक उनकी विज्ञान-भाषा शैली में उपलब्ध है। दूसरे ग्रंथ अक्षर यात्राा में वर्णमाला के संपूर्ण परिचय के साथ स्वर व्यंजनों के स्वरूप व प्रत्येक अक्षर का अर्थ भी सरल शैली में बताया गया है। इस लोकार्पण के साथ ही राजस्थान के सभी इलाकों के वास्तुशिल्प एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हुए बनाए गए इस भव्य गेट के रूप में पर्यटकों के लिए नया आकर्षण जुड़ गया। पत्रिका समूह ने जयपुर विकास प्राधिकरण की मिशन अनुपम योजना के तहत पत्रिका गेट का निर्माण कराया है। जयपुर के सबसे व्यस्ततम जवाहरलाल नेहरू मार्ग स्थित जवाहर सर्कल पर बना यह गेट बरबस ही लोगों का ध्यान खींच लेता है। पत्रिका गेट राजस्थान के एकीकृत स्वरूप का प्रतिनिधि स्मारक है जो प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति को दर्शाता है। इसे गेटवे आफ राजस्थान भी कहा जाने लगा है।



इस अवसर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि उन्हें खुशी है कि पत्रिका गेट का लोकार्पण और गुलाब कोठारी के दो ग्रंथों का विमोचन प्रधानमंत्री के सान्निध्य में हो रहा है। यह गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि कर्पूर चंद कुलिश के समय से ही राजस्थान पत्रिका सामाजिक सरोकार निभाता आया है। यह पत्रकारिता में अपने आप में ऐसा संदेश है जिसका अनुसरण सभी को करना चाहिए। पत्रिका ने जेडीए की मंजूरी के बाद जिस रुचि से गेट बनाया गया है, वह राज्य में आने वाले पर्यटकों को राजस्थान की तस्वीर दिखाएगा। समारोह की अध्यक्षता करते हुए पत्रिका समूह के प्रधान संपादक डा़ गुलाब कोठारी ने कहा कि वर्तमान में मीडिया एक महत्वपूर्ण इकाई है, लेकिन वह सरकार और जनता के बीच सेतु बनने के बजाए चौथा पाया बन गया है। कोठारी ने कहा कि राजस्थान पत्रिका कभी चौथा पाया नहीं बनेगा। उन्होंने पुरातन ज्ञान को नूतन स्वरूप में लाकर नई पीढ़ी के साामने लाने की जरूरत बताई और कहा कि पत्रिका इस दिशा में सतत् प्रयासरत है। डा़ कोठारी ने कहा कि श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश ने 1956 में जब इस अखबार की नींव रखी, तब जिन लक्ष्यों और उद्देश्यों को सामने रखा, आज भी वे उन्हें अक्षुण बनाए हुए हैं, चाहे वे निर्भीकता, निष्पक्षकता या सामाजिक समरसता के हों। इस अवसर पर डा़ कोठारी ने प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

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