साझा काव्य संकलन 'काव्य प्रभा' रिलीज हुई - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 1 सितंबर 2020

साझा काव्य संकलन 'काव्य प्रभा' रिलीज हुई

देशभर से 23 रचनाकारों की प्रतिनिधि कविताएं हुई हैं शामिल
  • देशभर से 23 लेखकों ने 'काव्य प्रभा' काव्य संकलन में प्रतिभाग किया
  • अमेजन और फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध है 'काव्य प्रभा' काव्य संकलन

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नई दिल्ली/मेरठ। प्रतिष्ठित प्रकाशन प्राची डिजिटल पब्लिकेशन द्वारा 'काव्य प्रभा' काव्य संकलन को मंगलवार को रिलीज किया गया। 'काव्य प्रभा' काव्य संकलन में देशभर से 23 प्रतिभाशाली कवि और कवयित्री प्रतिभागी रहे। 'काव्य प्रभा' काव्य संकलन स्वयं अपने आप में यूनिक है, क्योंकि इसमें सभी कवियों की प्रतिनिधि रचनाएं है, जो आपको भाव विभोर कर देंगी। काव्य संकलन का संपादन महाराष्ट्र से सुधा सिंह 'व्याघ्र' ने किया।



बता दें कि जून में प्राची डिजिटल पब्लिकेशन और द साहित्य (साहित्यिक वेब पोर्टल) द्वारा 'काव्य प्रभा' के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई थी। जिसके उपरान्त रचनाओं का चयन के बाद 23 रचनाकारों को चयनित किया गया और अगस्त में प्रकाशन प्रकिया के बाद 1 सितंबर को रिलीज किया गया। सभी रचनाकारों ने 'काव्य प्रभा' के प्रकाशन पर बेहद खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 'काव्य प्रभा' में शामिल होना बहुत ही अच्छा अनुभव है, जो यादगार रहेगा। 'काव्य प्रभा' काव्य संकलन में महाराष्ट्र से सुधा सिंह ‘व्याघ्र', पल्लवी गोयल, रेनू सक्सेना ‘रेणुका श्री', मीना शर्मा,  बिहार से देवेन्दु ‘देव' राजीव कुमार झा, अभिषेक कुमार ‘अभ्यागत', कुन्दन कुमार, मो. मंजूर आलम, उत्तर प्रदेश से अनुरोध कुमार श्रीवास्तव, शाहाना परवीन, देवेंद्र नारायन तिवारी ‘देवन', शिवम मिश्रा, प्रफुल्ल कुमार पाण्डेय, राजस्थान से आनंद सिंह शेखावत, अभिलाषा चौहान, डॉ. मीनू पूनिया, असम से अनुजा बेगम, हरियाणा से सुखविंद्र सिंह मनसीरत, झारखंड से कृष्ण कुमार द्विवेदी, उत्तराखंड से ऋतु असूजा, बसंती सामन्त, दिनेश सिंह नेगी आदि साहित्यकारों ने प्रतिभाग किया।

काव्य संकलन की संपादिका सुधा सिंह 'व्याघ्र' ने बताया कि संग्रह में हमने युवा व वरिष्ठ लेखकों को जुड़ने का अवसर दिया है, ताकि युवा लेखकों को एक मंच मिल सके और वरिष्ठ साहित्यकारों का सान्निध्य प्राप्त हो सके। वहीं, वरिष्ठ साहित्यकारों को शामिल करने का एकमात्र उद्देश युवा व नवोदित साहित्यकारों उनके अनुभव का लाभ उठा सकें। उन्होने बताया कि 'काव्य प्रभा' काव्य संकलन को पाठकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।

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