मोदी ने बदली राजनीतिक कार्यसंस्कृति : नड्डा - Live Aaryaavart

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शनिवार, 19 सितंबर 2020

मोदी ने बदली राजनीतिक कार्यसंस्कृति : नड्डा

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नयी दिल्ली, 18 सितंबर, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए शुक्रवार को कहा कि दबाव की राजनीति में नहीं आकर उन्होंने देश में राजनीतिक कार्यसंस्कृति को बदल दिया है और गरीबों व पिछड़ों के अधिकारों की हमेशा रक्षा की है। उन्होंने कृषि सुधारों से संबंधित विधेयकों को इसका उदाहरण बताया। नड्डा ने भाजपा के मुखपत्र ‘कमल संदेश’ द्वारा प्रकाशित विशेषांक ‘नए भारत के प्रणेता’ का विमोचन करने के बाद अपने संबोधन में कहा, ‘‘कृषि से जुड़े जो तीनों विधेयक लोकसभा में पारित हुए हैं वे सही मायने में किसानों को बिचौलियों और तमाम अवरोधों से मुक्त करेंगे। इस कृषि सुधार से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नए-नए अवसर मिलेगे, जिससे उनका मुनाफा बढ़ेगा और किसान सशक्त होंगे।’’ नड्डा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब लोकसभा ने बृहस्पतिवार को कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक पारित कर दिया। आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक पहले ही पारित हो चुका है। इन विधेयकों के विरोध में देश के कुछ हिस्सों खासकर कृषि प्रधान पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं जबकि भाजपा का सबसे पुराना सहयोगी शिरोमणि अकाली दल खफा हो गया है। पार्टी की नेता एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने तीनों विधेयकों को ‘‘किसान विरोधी’’ बताते हुए बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने अपने घोषणापत्र में यह वादा किया था कि किसानों को एपीएमसी से बाहर निकाल कर लायेंगे और आवश्यक वस्तु अधिनियम को बदलेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग इन कृषि विधेयकों का विरोध कर रहे हैं, वे वास्तव में किसान और उनके उत्पाद की बिक्री के बीच में मौजूद बिचौलियों की भाषा बोल रहे हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं सरकारी खरीद अर्थात् एपीएमसी की व्यवस्था बनी रहेगी। विधेयक किसानों को कई और विकल्प प्रदान कर उन्हें सही मायने में सशक्त करने वाले हैं। इसके तहत एक परिस्थितिकी तंत्र के निर्माण का प्रावधान किया गया है जिसमें किसान कानूनी बंधनों से आजाद होंगे।’’ नड्डा ने कहा कि किसानों को उपज बेचने का विकल्प देकर उन्हें सशक्त बनाया गया है लेकिन कुछ लोग जानबूझ कर किसानों को गुमराह कर रहे हैं ताकि किसान लाभ न उठा सकें। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले भी कहा है कि हमें दबाव की राजनीति में नहीं आना है और हमारी सरकार वह काम करती रहेगी जो देश के गांव, गरीब और किसान के लिए जरूरी हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में हर क्षेत्र में आज बदली हुई तस्वीर दिख रही है।’’ भाजपा अध्यक्ष ने याद दिलाया कि आयुष्मान भारत योजना को लागू करते समय भी उसका जमकर विरोध किया गया था लेकिन आज वही आयुष्मान भारत योजना देश के गरीबों के लिए सबसे बड़ी वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और आर्थिक सुधारों से लेकर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने हेतु लाये गए बदलावों को जो देश और दुनिया ने देखा है, वह ‘अकल्पनीय और अद्भुत’ है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी ने राजनीतिक कार्यसंस्कृति को बदल कर रख दिया है। पहले की सरकारें विकास का रिपोर्ट कार्ड रखने की जगह जाति आधारित वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति करती थी लेकिन मोदी जी ने राजनीति में विकास, सेवा, जन-कल्याण और जनता के लिए समर्पण की संस्कृति का शुभारंभ किया।’’

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