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मंगलवार, 8 सितंबर 2020

बिहार : जदयू के वर्चुअल रैली को आशा के अनुरूप सफलता नहीं मिली

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पटना,07 सितम्बर। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जदयू के द्वारा आयोजित वर्चुअल रैली में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता के समक्ष अपने विचार रखें।जदयू ने आज की रैली के माध्यम से नारा दिया है कि ‘परखा है जिसको चुनेंगे उसी को’। मगर आशाओं के विपरीत सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर जदयू के वर्चुअल रैली को बहुत ज्यादा रिस्पांस नहीं मिला।जदयू के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर लाइव 3700, रिएक्शन 3400, लाइक 2300 और डिसलाइक 642। जदयू के ऑफिशियल टि्वटर लाइव1000 और लाइक 774। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ऑफिसियल पेज  पर लाइव 3400, रिएक्शन 4700,लाइक 3800 और डिसलाइक 1300। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ऑफिसियल पेज टि्वटर लाइव 1306 और डिसलाइक 1093। हालांकि इस निश्चय संवाद वर्चुअल रैली के लिए जदयू के द्वारा बनाए गए वेबसाइट पर विजिटर काउंटर नहीं डिस्प्ले होने के कारण यह कह पाना मुश्किल है कि जदयू की आधिकारिक वेबसाइट पर कितनी बड़ी संख्या में लोग वर्चुअल रैली से कनेक्ट रहें।



एक बात और गौरतलब रहे कि जदयू के कार्यकर्ताओं तथा पार्टी के टिकट चाहने वालों ने सीएम नीतीश के भाषण वाली इस रैली को अपने फेसबुक और टि्वटर अकाउंट पर लाइक-शेयर किया।मगर पार्टी के बड़े नेता लाइक-शेयर करने में पीछे रह गए।पार्टी के सीएम नीतीश के बाद दूसरे कद्दावर नेता समझे जाने वाले राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह के टि्वटर अकाउंट तथा पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह के टि्वटर अकाउंट पर तो लाइव वीडियो शेयर तक नहीं था।इतना ही नहीं पार्टी के कई प्रमुख नेता नीतीश सरकार के मंत्री,पार्टी के कई विधायक भी आज के जदयू के वर्चुअल रैली को अपने फेसबुक-टि्वटर अकाउंट में शेयर करने में पीछे रह गए।वही बड़ी संख्या में जदयू से विधानसभा का टिकट चाहने वाले नेताओं ने वर्चुअल रैली को न सिर्फ अपने सोशल मीडिया अकाउंट में शेयर किया।बल्कि व्यवस्थित तरीके से इसके लिए दर्शक भी उपलब्ध कराए।भले ही जदयू के द्वारा वर्चुअल रैली के सफलता तथा करोड़ों के दर्शक को लेकर कुछ भी दावा किया जाए।मगर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर मिले रिस्पांस से यह जाहिर होता है कि जदयू के वर्चुअल रैली को आशा के अनुरूप सफलता नहीं मिली। ओम प्रकाश चौबे ने कहा कि शिक्षा पर भी तो बोलिये 1832 कंप्यूटर टीचर दिनों से मरने की अनुमति आपसे मांगने को मजबूर हैं आप वो भी उनको नहीं दे रहे हैं।

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