किसानों को भ्रमित किया जा रहा है : मोदी - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 18 सितंबर 2020

किसानों को भ्रमित किया जा रहा है : मोदी

opposition-confusing-farmer-modi
नयी दिल्ली,17 सितंबर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि से जुड़े विधेयकों को लेकर हो रहे विरोध पर गुरुवार को इन्हें ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि किसानों को भ्रमित करने में बहुत सारी शक्तियां लगी हुई हैं और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और सरकारी खरीद की व्यवस्था बनी रहेगी तथा अन्नदाता सशक्त होंगे। सरकार के लोकसभा में आज पेश कृषि से जुड़े विधेयकों के विरोध में मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री अकाली दल की प्रतिनिधि हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दे दिया है। इस बीच श्री मोदी ने आश्वासन दिया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंडियों में सरकारी खरीद की व्यवस्था बनी रहेगी। श्री मोदी ने लोकसभा में विधेयकों के पारित होने पर देर रात कई ट्वीट किये। उन्होंने कहा,"लोकसभा में ऐतिहासिक कृषि सुधार विधेयकों का पारित होना देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। ये विधेयक सही मायने में किसानों को बिचौलियों और तमाम अवरोधों से मुक्त करेंगे।" प्रधानमंत्री ने कहा,"इस कृषि सुधार से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नए-नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनका मुनाफा बढ़ेगा। इससे हमारे कृषि क्षेत्र को जहां आधुनिक टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा, वहीं अन्नदाता सशक्त होंगे।" श्री मोदी ने आगे लिखा," किसानों को भ्रमित करने में बहुत सारी शक्तियां लगी हुई हैं। मैं अपने किसान भाइयों और बहनों को आश्वस्त करता हूं कि एमएसपी और सरकारी खरीद की व्यवस्था बनी रहेगी। ये विधेयक वास्तव में किसानों को कई और विकल्प प्रदान कर उन्हें सही मायने में सशक्त करने वाले हैं।" उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा," किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से मेरा अनुरोध है कि वे लोकसभा में कृषि सुधार विधेयकों पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जी द्वारा दिए गए भाषण को जरूर सुनें। जय किसान।"

कोई टिप्पणी नहीं: