बिहार : रघुवंश को मनाएगी राजद, पुत्र बनेंगे एमएलसी! - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 11 सितंबर 2020

बिहार : रघुवंश को मनाएगी राजद, पुत्र बनेंगे एमएलसी!

raghuvansh-son-will-be-mlc
पटना, राजद में रूठो-मनाओ का खेल जारी है। अब अगला पासा फेंकते हुए रघुवंश प्रसाद सिंह के पुत्र को एमएलसी बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। एमएलसी की 12 सीटों का चुनाव होना है। इनमें दो राज्यपाल कोटे का है। विधानसभा में अभी भी राजद सबसे बड़ी पार्टी है। सो, लालू प्रसाद के संकेत मिलते रघुवंश बाबू के इंजीनियर पुत्र को राजनीति में लाने की तैयार शुरू हो गई है। अभी रघुवंश बाबू फेफेड़े के संक्रमण से दिल्ली एम्स में भर्ती हैं। कल ही उन्होंने सादे कागज पर इस्तीफा भेजा था। यह वायरल होते लालू प्रसाद ने उन्हें रिम्स से ही पत्र लिख कर सार्वजनिक कर दिया था आप कहीं नहीं जाएंगे। पार्टी में ही रहेंगे। पर, स्वास्थ्य ईश्यू पर डाॅक्टर उन्हें नहीं घूमने की सलाह भी दी है। इधर, लालू प्रसाद ने दूसरी चाल चलते हुए उनके बेटे को एमएलसी के लिए पार्टी में बात चला दी। कारपोरेट में काम कर रहे रहे पुत्र एमएलसी बन भी जाएंगे।

इधर, जोड़ो-तोड़ो अभियान के तहत जद-यू ने कांग्रेस की विधायक पूर्णिमा यादव को पार्टी में मिला लिया है। वहीं रालोसपा के प्रवक्ता अभिषेक झा भी जद-यू के मंच पर आ गये हैं। अभिषेक भी पेशे से इंजीनियर हैं और लम्बे समय से लालासपा के साथ रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि नीतीश कुमार ने यह कार्य उन्होंने ललन सिंह को अलाॅट किया है। ललन सिंह अब तक आा दर्जन को पार्टी में मिला चुके हैं। यह सिलसिला अभी चलता रहेगा। उधर सबसे विस्फोटक जानकारी मिली है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता सदानन्द सिंह को भी जद-यू कहलगांव से पार्टी टिकट देने की तैयारी कर चुकी है। पिछली भागलपुर याा में नीतीश कुमार खुद उनके घर जाकर खाना खाते हुए उनके बेटे से बात की थी। सदानन्द सिंह का कांग्रेस में लम्बा कॅरियर रहा है और कई प्रमुख पदों पर भी रहें हैं। सदानन्द के पुत्र भी इंजीनियर हैं और क्षेत्र में कार्य करना शुरू कर दिए हैं।

कोई टिप्पणी नहीं: