विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 11 ऑक्टूबर - Live Aaryaavart

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रविवार, 11 अक्तूबर 2020

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 11 ऑक्टूबर

 प्रगति द्वार की ओर बढ़ते कदम को रोके ना-जिपं उपाध्यक्ष श्रीमती गुड्डीबाई

  • महिलाओं के उत्थान निर्णयों में उनकी सहभागिता हो-कलेक्टर डॉ जैन
  • अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजन हुआ

vidisha news
अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस 11 अक्टूबर को जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन एसएटीआई के कैलाश सत्यार्थी सभागृह में किया गया था। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती गुड्डीबाई लालाराम अहिरवार ने बालिकाओं एवं महिलाओं से कहा कि प्रगति के द्वार की ओर अग्रसर हुए कदमों को रोके ना उनकी प्रगति से ही समाज की अन्य महिलाओं को मार्ग प्रशस्त होंगे। प्राचीन काल से ही महिलाओं को जो अधिकार मिलने चाहिए में धीरे-धीरे वृद्वि हुई है अब सामाजिक तौर पर महिलाएं भी पुरूषो के बराबरी दर्जे की अपेक्षा अनेक मामलों में आगे बढ गई है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शैक्षणिक सुविधाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक निर्णय लिए गए है। प्रदेश में लिंगानुपात के अंतर में कमी आए इसके लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना ने महती भूमिका निभाई है।  जिला स्तरीय किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य श्रीमती मंजरी जैन ने बालिकाओं की शिकायतो की प्राप्ति हेतु टोल फ्री नम्बरों को रेखांकित करते हुए कहा कि अब प्रत्येक पुलिस थाना में एक-एक बाल कल्याण पुलिस अधिकारी नियुक्त किए गए है जो बालिकाओं एवं महिलाओं से संबंधित प्रकरणों में शासन के मापदण्डानुसार कार्यवाहियों का त्वरित सम्पादन करते है। उन्होंने सामाजिक जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि महिलाएं खुद अपने निर्णय लेकर आगे बढे़ इसके लिए हर संभव प्रयास शासन स्तर पर संभव हुए है। उन्होंने बालिकाओं एवं महिलाओं को कानूनन प्रावधानो के तहत प्रदाय अधिकारो को रेखांकित किया।  कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने कहा कि अनादिकाल से अधिकांश समाज पुरूष प्रधान हुआ करते है जिसमें महिलाओं के उत्थान हेतु शनैःशनैः प्रगति हुई है। वर्तमान युग में अब पुरूष और महिलाएं समतुल्य है। अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा अन्य विधाओं में अब महिलाओं ने पुरूषो को पीछे छोडा है।  कलेक्टर डॉ जैन ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं के विकास उत्थान में लिए जाने वाले निर्णयों में अब महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसके लिए बकायदा अधिनियमों का प्रावधान नियत किया गया है। उन्होंने सामाजिक जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि किसी भी समाज का विकास आधुनिक परिवेश में महिलाओं, बालिकाओं के सर्वागीण विकास को अनदेखा कर संभव नही है।  कलेक्टर डॉ जैन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सर्वागीण विकास हेतु अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे है। जिनका लाभ उन तक पहुंचे के लिए हर संभव प्रयास जिले में किए जा रहे है। उन्होंने प्रवीण्य सूची में स्थान हासिल करने वाली बालिकाओं को बधाई देते हुए कहा कि समाज को प्रगति की ओर ले जाएं। इस कार्य में अन्य की महत्वपूर्ण सहभागिता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि बालिकाएं एक नही बल्कि दो कुलो को विकास की ओर अग्रसर करती है।  अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ स्वाति ने बालिकाओं के मानसिक, शारीरिक विकास के दौरान होने वाले परिवर्तनो को रेखांकित करते हुए कहा कि अब हर क्षेत्र की प्रतियोगिताओें में महिलाओं को नकारा नही जा सकता है वे अपनी मेहनत और लगन से सर्वोच्च शिखर को प्राप्त कर रही है। उन्होंने महिलाओं के प्रति संकीर्ण मानसिकता प्रवृत्ति को छोड़ने की ओर इशारा करते हुए कहा कि आधुनिक युग में अब पुरूष व महिलाएं समतुल्य है। जिला विधिक सहायता अधिकारी ने महिलाओं को प्रदाय कानून अधिकारो पर प्रकाश डालते हुए जिला विधिक सहायता के माध्यम से प्रदाय प्रावधानो पर जानकारी दी है। कार्यक्रम को यूएनए की एफपीए की प्रतिनिधि श्रीमती निधि दुबे ने पास्को एक्ट, शोषण के तहत शारीरिक भावनात्मक, लैंगिग एवं उपेक्षा से कैसे बचाव करें इसके लिए कानूनन प्रावधान क्या-क्या है पर प्रकाश डाला। इससे पहले महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश शिवहरे ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस आयोजन के उद्वेश्यों पर गहन प्रकाश डालते हुए आयोजनों की मूलअवधारणा से अवगत कराया है।  आंगतुक अतिथियों द्वारा शैक्षणिक, प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा खेल, रंगोली सहित अन्य विधाओं में उत्कृष्ट स्थान हासिल करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं के सर्वागीण विकास को रेखांकित किया गया है। एसएटीआई के कैलाश सत्यार्थी सभागृह में सम्पन्न हुए उक्त कार्यक्रम में शामिल अतिथियों के प्रति आभार महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक श्री विकास शर्मा ने तथा कार्यक्रम का संचालन श्रीमती दीप्ति शुक्ला ने किया। आयोजन स्थल पर शैक्षणिक संस्थाओ के अलावा अन्य विधाओं में प्रगति के शिखर सोपान को हासिल करने वाली बालिकाएं, उनके परिवारजन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, गणमान्य नागरिक एवं मीडियाकर्मी मौजूद थे।

मध्यप्रदेश संदेश का भी वाचन कर रहें सीसीसी में भर्ती मरीज

जिला मुख्यालय पर संचालित कोविड केयर सेन्टर में भर्ती मरीजो के लिए मनोरंजन हेतु विविध सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है वही उनके ज्ञानवर्धन हेतु हर रोज अखबारो की आपूर्ति हो रही है इसके अलावा मध्यप्रदेश शासन की पत्रिका मध्यप्रदेश संदेश की प्रतियां भी कोविड केयर सेन्टर में भर्ती मरीजो को पढ़ने हेतु मुहैया कराई जा रही है।  मध्यप्रदेश संदेश में प्रकाशित ज्ञानवर्धन प्रेरणादायी लेखो को आत्मसात कर कोविड केयर सेन्टर में भर्ती मरीजो को जीवन में आगे बढने के लिए प्रेरित कर रही है। यह कहना है कोरोना वायरस कोविड 19 केयर सेन्टर में भर्ती मरीजो का। गौरतलब हो कि जनसम्पर्क विभाग के माध्यम विंग की प्रकाशित पत्रिका मध्यप्रदेश संदेश की प्रतिमाह दस-दस प्रतियां विदिशा जिला मुख्यालय के कोविड केयर सेन्टर में भर्ती मरीजो को अध्ययन हेतु उपलब्ध कराई जा रही है। 

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