पटना एम्स में कोरोना मरीज वीरेंद्र शाह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 29 अक्तूबर 2020

पटना एम्स में कोरोना मरीज वीरेंद्र शाह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

कोरोना काल में अवसाद से आत्महत्या करने की घटना बढ़ रही है।आज पटना एम्स में कोरोना मरीज वीरेंद्र शाह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली...

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पटना। पटना एम्स में भर्ती कोरोना मरीज वीरेंद्र शाह ने रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कोरोना वार्ड के बाथरूम में मृतक का शव गमछे से लटका हुआ मिला है। 68 साल के मरीज सीवान के रहने वाले हैं और पिछले ही दिनों 7 अक्टूबर को वह अस्पताल में भर्ती हुए थे। डॉक्टरों की सूचना पर पुलिस ने सुबह 10 बजे  बाथरू​​​म की छत से शव बरामद किया है। गमछे से लटककर मृतक ने आत्महत्या की है। पुलिस एम्स के कोरोना वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों से बात कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण के कारण मरीज अवसाद में था, हालांकि पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। 68 वर्षीय कोरोना संक्रमित सीवान का रहने वाला है। 7 अक्टूबर को पटना एम्स में भर्ती हुआ था। बुखार के साथ उसे कोरोना के लक्षण थे। कोरोना वार्ड में उसका इलाज चल रहा था। रविवार की सुबह जब वार्ड के मरीज बाथरुम गए तो सीलिंग से शव लटका देख डर गए। सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टरों ने इसकी जानकारी पुलिस को दे दी। एम्स के डॉ संजीव कुमार का कहना है कि संक्रमित का शव सीलिंग से मरीज के गमछे से ही लटका मिला है। कारण अभी पता नहीं चल रहा है। प्रदेश में अब तक 6 कोरोना मरीजों ने सुसाइड किया है। पटना एम्स में अब तक तीन मरीज बाथरुम में फंदे से लटकर जान दे चुके हैं जबकि एक मरीज हाजीपुर में सुसाइड किया है। पटना मेडिकल कॉलेज में दो मरीजों ने सुसाइड किया है। पीएमसीएच के गुजरी वार्ड में सचिवालय कॉलोनी के एक कोरोना संक्रमित मरीज ने बाथरुम में सुसाइड किया था। गुजरी वार्ड में ही एक और मरीज ने बाथरुम में फंदे से लटककर जान दिया था। दोनो घटनाएं तीन माह पूर्व की हैं। सुसाइड के मामलों को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण से अवसाद में जाने के कारण घटना होती है। संक्रमित मरीजों को आत्मबल मजबूत करना चाहिए, परिवार वालों को भी मरीजों का आत्मबल बढ़ाने के लिए हमेशा बातचीत करते रहना चाहिए। बता दें कि 15 जून को आत्‍महत्‍या करने वाला मरीज पटना के ही खगौल इलाके का निवासी था।इस युवक को पटना एम्स में भर्ती कराया गया था और जांच में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद उसे एक आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। इस मामले में पटना के फुलवारी शरीफ पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर आत्महत्या की जांच शुरू की है।पटना एम्स प्रशासन ने इस आत्‍महत्‍या की पुष्टि की थी।कोरोना वायरस से संक्रमित एक युवक को यहां इलाज के लिए रखा गया था।यहां उसे क्वारंटाइन में रखा गया था, इस दौरान उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।सोमवार को उसकी आत्‍महत्‍या के बाद जब कोरोना टेस्‍ट की रिपोर्ट आई तो निगेटिव थी। इसके बाद  22 जून को एक युवक ने पंखे से लटककर जान दे दी थी। वह खगौल का रहने वाला था और 15 जून को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। युवक की मौत के कुछ घंटे बाद ही उसकी दूसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। फुलवारी शरीफ के थानेदार रफीकुर रहमान ने कहा कि 24 जुलाई को एक मरीज ने अस्पताल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली है। वह बिहटा के मोहम्मदपुर का रहने वाला है।मृतक की पहचान बिहटा के मोहम्मदपुर निवासी रोहित कुमार के रूप में की गई है।जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई। मरीज कोविड वार्ड से बाहर निकलकर छत पर गया और वहां से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं मरीज के सुसाइड करने से एम्स में हड़कंप मच गया।

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