बिहार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस्तीफा दें - Live Aaryaavart

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सोमवार, 12 अक्तूबर 2020

बिहार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस्तीफा दें

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पटना. उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 19 साल की लड़की के साथ हुए गैंगरेप और हत्या के मामले में देशभर में आक्रोश है. 47 महिला वकीलों ने इस केस की जल्द सुनवाई करने और आरोपियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की है. वहीं ऐपवा बिहार की राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे जघन्य बलात्कार काण्ड में  प्रशासनिक लापरवाही के जबाबदेह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस्तीफा दें. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में 47 महिला वरिष्ठ वकीलों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) एसए बोबडे और कोलेजियम के सदस्य जजों को इस बारे में चिट्ठी लिखी है.महिला वकीलों ने इस केस की जल्द सुनवाई करने और आरोपियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की है. इन 47 महिला वकीलों के द्वारा लिखे लिखे गए पत्र में हाथरस में लापरवाही बरतने वाले सभी पुलिसकर्मियों और प्रशासन के कर्मचारियों साथी साथ मेडिकल अधिकारियों, सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ उचित और तत्काल एक्शन लिए जाने की अपील की गई है. चिट्ठी में आग्रह किया गया है कि उनके खिलाफ तत्काल जांच कराने और उन्हें सस्पेंड किया जाए. महिला वकीलों के द्वारा लिखे गए पत्र से ये उम्मीद की गई है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करेगा. हालांकि, कई  घटनाओं को उजागर करते हुये इस पत्र में पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठाया गया है. महिला वकीलों ने अपने पत्र में लिखा है कि पीड़ित का परिवार अभी अपने को खोने का अहसास शुरू ही हुआ था कि उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने क्रूर रूप दिखा दिया. पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता के परिवार की सहमति के बगैर ही उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया. आपको बता दें  कि इस मामले पर  देश की सबसे बड़ी अदालत में एक याचिका भी दायर की जा चुकी है. इस याचिका में हाथरस केस की जांच सीबीआई से कराने या सुप्रीम कोर्ट या फिर हाइकोर्ट सिटिंग जज या रिटायर जजों की निगरानी में एसआईटी बनाने का आग्रह किया गया है.

गुरुवार को आई पीड़िता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट

हाथरस कांड की पीड़ि‍ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) सामने आ गई है. सफ़दरजंग हॉस्पिटल (Safdarjung Hospital) के डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में कहा गया है कि युवती की मौत गले की हड्डी टूटने से हुई. रिपोर्ट में कहा गया है कि बार-बार गला दबाने से हड्डी टूटी थी. गले पर चोट के निशान भी मिले हैं. हालांकि, रिपोर्ट में रेप की बात नहीं कही गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि गला दबाने से सर्वाइकल स्पाइन टूट गई थी, जो मौत की मुख्य वजह बनी. इससे पहले अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में भी गले की हड्डी टूटने की बात कही गई थी. मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया था कि गला दबाने की वजह से सर्वाइकल स्पाइन का लिगामेंट टूट गया था. मेडिकल रिपोर्ट में भी रेप की बात से इनकार किया गया था.

अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन( ऐपवा) की राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे एवं राज्य सचिव शशि यादव ने बयान जारी कर हाथरस में गैंगरेप की शिकार पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए घटना की कड़ी निंदा की है.साथ ही उत्तर प्रदेश में बढ़ रही बलात्कार की  घटनाओं की भी कड़ी निंदा की. आगे उन्होंने कहा कि मौजूदा घटना में पीड़िता न सिर्फ बलात्कारियों के जघन्य कृत्य का शिकार हुई अपितु प्रशासन ने भी उसके साथ घोर अन्याय किया. 7 दिन तक बलात्कार का एफआईआर नहीं दर्ज हुआ और बलात्कारी भी उस समय गिरफ्तार किए गए जब घटना के खिलाफ आंदोलन तेज होने लगा.पीड़िता के साथ न  सिर्फ गैंगरेप किया गया  बल्कि उसका गला दबाया गया. गला दबाने के क्रम में उसकी जीभ कट गई .उसकी पिटाई की गई जिसकी वजह से उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई.अति तो तब हो गई जब सफदरजंग  अस्पताल में उसकी मौत के बाद उसकी लाश को परिजनों को न  सौंपकर रात के अंधेरे में प्रशासन ने दाह संस्कार कर दिया.ऐपवा मामले को रफा-दफा करने की इस कार्रवाई का घोर विरोध करता है.यही नहीं दाह संस्कार के समय उसके मां-बाप को कमरे में बंद कर दिया गया था.इसीलिए हम मांग करते हैं कि फास्ट ट्रैक कोर्ट चला कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए , प्रशासनिक अधिकारियों एवं बलात्कारियों पर एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए, पीड़ित परिवार को एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस्तीफा दें .

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