बिहार : वीणा शाही ने भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन किया - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

गुरुवार, 29 अक्तूबर 2020

बिहार : वीणा शाही ने भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन किया

veena-shahi-join-congress
पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री एलपी शाही की पुत्रबहू व पूर्व मंत्री हैं वीणा शाही। उनकी पुत्री डा.उज्ज्वला मिश्रा भी राजनीति में सक्रिय हैं। वीणा शाही वैशाली से दो बार विधायक रह चुकी हैं। जबकि, दो पुत्र डॉ.शरद कुमार शाही व पूर्व विधायक हेमंत शाही दिवंगत हो चुके हैं। बहू किरण शाही, वीणा शाही व पौत्र हर्ष कुमार शाही परिवार की देखरेख कर रहे हैं। कांग्रेस में रहकर शाही परिवार राजनीति की है।मगर वीणा शाही ने कांग्रेस को छोड़ जदयू में चली गईं।मार्च 2009। पूर्व मंत्री वीणा शाही ने प्रदेश कांग्रस नेतृत्व पर टिकट बांटने में रुपयों के भारी लेन-देन के आरोप लगाये हैं। बिहार के पुराने कांग्रसी दिग्गज एल.पी. शाही की पुत्रवधु और पूर्व मंत्री श्रीमती शाही  कांग्रेस से नाता तोड़कर जदयू में शामिल हो गयी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा और बिहार के प्रभारी सरदार इकबाल सिंह ने उनके एक परिचित से दस लाख रुपये लिये जिसे लोकसभा चुनाव में बिहार की एक सीट से टिकट भी मिल गया है।श्रीमती शाही ने कहा कि कांग्रेस के पास खुद को साबित करने का मौका था लेकिन अनिल शर्मा और इकबाल सिंह की जोड़ी ने सबकुछ बर्बाद कर दिया।  जदयू को छोड़कर 2010 में पूर्व मंत्री वीणा शाही राजद में गयी। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने कहा कि जदयू की वीणा शाही राजद में शामिल हो गयी और आने वाले दिनों के भारी संख्या में विभिन्न दलों के लोग राजद में शामिल होने वाले हैं।लालू ने वीणा शाही को राजद की प्रदेश उपाध्यक्ष बना दिये थे। राजद से मोहभंग कर 2014 पूर्व मंत्री व राजद की प्रदेश उपाध्यक्ष वीणा शाही भाजपा में शामिल हो गईं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय के समक्ष सदस्यता ग्रहण की। उनके साथ ही उनके दामाद हर्ष कुमार भी भाजपा में शामिल हो गए। मंगल पांडेय ने कहा कि वीणा शाही के आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। वीणा शाही पूर्व मंत्री एलपी शाही की पुत्रवधू और स्व. हेमंत शाही की पत्नी हैं। वीणा शाही ने कहा कि देश का नेतृत्व सशक्त हाथ में होना चाहिए और वह हाथ नरेन्द्र मोदी का है। उन्होंने बताया कि राजद में रहना उनके जीवन के अमूल्य क्षणों की बर्बादी थी। अक्टूबर  2020 में पहले चरण के चुनाव के ठीक एक दिन पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है। वीणा शाही ने भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस के साथ हो गई है। बता दें वीणा शाही स्व. ललितेश्वर प्रसाद शाही की बहू हैं और वह 5 बार चुनाव लड़ चुकी हैं, जिसमें 2 बार जीत भी चुकी हैं। इस दौरान रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि वीणा शाही के कांग्रेस में आने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी। वहीं वीणा शाही की बेटी विदिशा शाही पहले से कांग्रेस में हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष सिसिल साह ने वीणा जी की घर वापसी पर हर्ष व्यक्त किया है।

कोई टिप्पणी नहीं: