ग्राम और शहर की बढ़ती दूरियों को कम करने में लगे हैं गो रूर्बन यात्रा वाले - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 19 नवंबर 2020

ग्राम और शहर की बढ़ती दूरियों को कम करने में लगे हैं गो रूर्बन यात्रा वाले

  • *गाँधी ग्राम, छैड़का में गो रूर्बन यात्रा ने देखा और समझा महात्मा गाँधी के आदर्शों पर बना एक गाँव

भोपाल,19 नवम्बर। गो रूर्बन यात्रा के तीसरे दिन गाँधी ग्राम, छैड़का में ग्राम वासियों के साथ संवाद कर जाना किस प्रकार वो जैविक खेती कर रहे है। छैड़का गाँव में 42 घर हैं और गाँव की कुल आबादी 450 हैं। यात्रा के प्रतिभागियों ने 6-7 घरों में जाके वहाँ रहने वालों को और से जानने की कोशिश की। छैड़का गाँव को आर के पालीवाल जी द्वारा 5 साल पहले गोद लिया गया, उस समय गाँव की स्थिति बहुत अच्छी नही थी। आज 5 साल के प्रयासों के बाद गाँव में बेहतर जल प्रबंधन है और पानी की समस्या कम हुई है। साथ ही सभी ने अरण्यानी फॉरेस्ट का भ्रमण किया जहाँ पर हेमंत जी ने बताया वहाँ के आदिवासी जीवन के बारे में और किस प्रकार वहां के लोग जैविक खेती और प्राकृतिक खेती कर रहें है। दोपहर के आदिवासी भोजन के बाद यात्रा अपने अगले पड़ाव भिलाई गाँव की तरफ बढ़ गए। 20 नवम्बर को यात्रा सुबह करीब 11 बजे गांधी भवन, भोपाल पहुंचेगी और यहाँ से दोपहर में अगले पड़ाव की और निकलेगी। गो रूर्बन एकता परिषद और अंश हैप्पीनेस सोसाइटी द्वारा शुरू की गई एक पहल है जिसका उद्देश्य ग्राम और शहर की बढ़ती दूरियों को कम करना और आपसी समझ बनाना है। गो रूर्बन द्वारा इससे पहले 7 शिविरों का आयोजन किया गया है।

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