पूरे परिवार और समर्थकों की नजरें 6 नवंबर को हाईकोर्ट की तरफ टिकी - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 5 नवंबर 2020

पूरे परिवार और समर्थकों की नजरें 6 नवंबर को हाईकोर्ट की तरफ टिकी

चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के लिए कल यानी 6 नवंबर की तारीख बेहद अहम है क्योंकि झारखंड हाई कोर्ट के कॉज लिस्ट के नंबर 18 पर मामला सूचीबद्ध है....

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रांची। राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला मामले में जेल में बंद हैं.दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में कल यानी 6 नवंबर की तारीख बेहद अहम है.सभी की निगाहें झारखंड हाईकोर्ट पर जाकर टिक गयी है. वहीं लालू समर्थकों को एक खुशखबरी मिली है.साल 2017 में भागलपुर में आपत्तिजनक भाषण का आरोप लगाकर लालू प्रसाद यादव पर बिहार में  मुकदमा दर्ज कराया गया था. जिसमें उनको जमानत मिल गयी है. दरअसल दुमका ट्रेजरी मामले में लालू प्रसाद यादव को 7 साल की सजा हुई थी और सजा की आधी अवधि गुजर जाने को आधार बनाते हुए लालू प्रसाद यादव के अधिवक्ता द्वारा जमानत अर्जी दाखिल की गई है जिस मामले पर सुनवाई की तारीख निर्धारित है. लालू यादव को जमानत दिलाने के लिए लालू यादव के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने पूरी तैयारी कर ली है प्रभात कुमार बताते हैं कि उन्होंने सारे कैलकुलेशन तैयार कर लिए हैं जिस आधार पर लालू यादव ने 42 महीने और 28 दिन जेल में गुजारे हैं जो की सजा की आधी आधी से ज्यादा है इसीलिए उन्हें उम्मीद है कि इस ग्राउंड पर लालू यादव को जमानत जरूर मिलेगी.  वहीं, उन्होंने बताया कि पिछले दो अन्य मामलों में लालू यादव को जमानत मिली थी उस मामले पर भी बेल की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और बैल बॉन्ड भर दिया गया है बस अब इंतजार है दुमका मामले में अदालत के फैसले का. बहरहाल हाईकोर्ट से लालू प्रसाद यादव को राहत मिलती है या झटका लगता है यह तो हाईकोर्ट के फैसले के बाद स्पष्ट होगा लेकिन इतना साफ है कि लालू यादव सहित उनके पूरे परिवार और समर्थकों की नजरें 6 नवंबर को हाईकोर्ट की तरफ टिकी है.


लालू के अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने बताया कि दुमका कोषागार मामले में दाखिल जमानत पर जल्द सुनवाई के लिए अर्जेंट मेंशन कर दिया गया है. उन्होंने संभावना जताई है कि यह मामला 6 नवंबर को सुनवाई के लिए निर्धारित हो भी सकता है. हाई कोर्ट ने लालू की बीमारी व जेल में मिले लोगों की रिपोर्ट तलब करते हुए सुनवाई के लिए 6 नवंबर की तारीख निर्धारित की है. उसी दिन लालू की जमानत पर भी सुनवाई करने का आग्रह किया गया है. चारा घोटाले के सजायाफ्ता लालू प्रसाद ने दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में  दायर जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई करने का आग्रह हाईकोर्ट से किया है. इसके लिए हाईकोर्ट में आवेदन देकर कहा गया है कि छह नवंबर को लालू से संबंधित एक मामले की सुनवाई है. इसी दिन जमानत याचिका पर भी सुनवाई की जाए. चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव के जमानत पर सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट में 6 नवंबर की तारीख निर्धारित है. लेकिन उससे पहले साल 2017 में भागलपुर भाषण से जुड़ा मानहानि के एक मामले में लालू प्रसाद यादव को राहत मिली है. दरअसल, लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) पर साल 2017 में भागलपुर में आपत्तिजनक भाषण का आरोप लगाते हुए बिहार में ही मुकदमा दर्ज कराया गया था. जिस मामले पर पिछले 30 अक्टूबर 2020 को सुनवाई हुई.  इसमें रिम्स से ही लालू प्रसाद यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में उपस्थित भी हुए. मामले पर जानकारी देते हुए लालू प्रसाद यादव के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने बताया कि मामले पर सुनवाई के बाद अदालत ने लालू प्रसाद यादव को जमानत दे दी और जमानत से संबंधित रिलीज ऑर्डर भी 4 नवंबर को रांची पहुंच गया.  वहीं उन्होंने बताया कि अब लालू प्रसाद यादव के बाहर आने का एक और रास्ता भी साफ हो गया है बस अब दुमका मामले में जमानत की देरी है. आपको बता दें कि दुमका मामले की सुनवाई 6 नवंबर को है. वहीं, इस मामले में जमानत मिलने के बाद लालू यादव के जेल से बाहर आने का रास्ता भी साफ हो जाएगा. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सोमवार को एमपीएमएलए की विशेष कोर्ट पटना में ऑनलाइन पेशी हुई. जमानत अर्जी पर सुनवाई करने के बाद एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने लालू प्रसाद को नियमित जमानत दे दी है. सोमवार को लालू यादव की पेशी एक मानहानि के चल रहे एक मुकदमे में हुई है. विशेष कोर्ट ने इस मामले में उनकी पेशी के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया था. इस मामले में उनकी उपस्थित होने पर लालू प्रसाद की ओर से नियमित जमानत अर्जी दायर की गई. इस जमानत अर्जी पर सुनवाई करने के बाद एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने लालू प्रसाद को नियमित जमानत दे दी. परिवादी के वकील विनय शंकर दूबे के मुताबिक लालू प्रसाद के खिलाफ उदयकांत मिश्र ने यह मुक’दमा वर्ष 2017 में दायर किया था, जिसमें वादी ने लालू प्रसाद पर मानहानि करने का आ’रोप लगाया था कि भागलपुर कि एक सभा में वादी के परिवार पर आपत्तिजनक टिप्पणी और सृजन घोटाला में नाम बदनाम करने का आरोप लगाया है.

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