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शुक्रवार, 6 नवंबर 2020

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों का दुनिया कर रही इंतजार

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वाशिंगटन, पांच नवंबर, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में निवर्तमान राष्ट्रपति एवं रिपब्लिकन पार्टी उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है और दुनिया बड़ी बेसब्री से नतीजों का इंतजार कर रही है। वहीं,दुनिया के कई हिस्सों से अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया और शासन प्रणाली की आलोचना भी सुनाई दे रही है। जापान के वित्तमंत्री तारो असो ने कहा, ‘‘ मुझे बताया जा रहा है कि नतीजे स्पष्ट होने में कुछ समय लगेगा। मुझे पता नहीं कि यह कैसे हमें प्रभावित करेगा।’’ पेरिस में रहने वाले स्पेन के नागरिक जेवियर साएंज ने कहा, ‘‘ मेरा विचार था कि सुबह तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और मुझे नया लेख पढ़ने को मिलेगा। कोई नहीं जानता कि कौन जीतेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इससे स्तब्ध हूं। तुरंत किसी विजेता का सामने नहीं आना अपने में आप में कुछ गलत होने का संकेत है।’’


रूस के विपक्षी नेता अलेक्सी नवलनी, जिन्हें क्रेमिलन को चुनौती देने और रूस को अधिक लोकतांत्रिक बनाने की मांग करने की वजह से कथित तौर पर जहर दिया गया था, ने कहा कि नतीजों में देरी संकेत देता है कि लोकतंत्र काम कर रहा है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘सुबह उठा और विजेता देखने के लिए ट्विटर पर गया। अब भी स्थिति अस्पष्ट है। यह है चुनाव।’’ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मौरिसन ने भी नतीजों में देरी को लोकतंत्र का प्रदर्शन करार दिया। उन्होंने सिडनी में पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे अमेरिका के लोकतंत्र पर पूरा भरोसा है और मुझे उनकी संस्थाओं पर भरोसा है और महान संस्थाओं और लोकतंत्रों के साथ यह खास चीज होती है कि उनके सामने चाहे जो भी चुनौतियां आती हैं वे उनसे निपटते हैं, जिस तरह हमारे यहां होता है।’’ बहरहाल, दुनिया के कई हिस्सों में इसे लेकर चिंता है कि अमेरिका विभाजनकारी चुनाव प्रचार के बाद कैसे उबरेगा। ट्रंप ने असामान्य तौर पर और अपरिपक्व तरीके से अपनी जीत का दावा किया है और चु नावको उच्चतम न्यायालय में घसीटने की धमकी दी है जिससे परेशानी बढ़ गई है और उनकी तुलना तानाशाहों से की जा रही है। सीरिया के विश्लेषक डैनी मक्की ने कहा, ‘‘यह कुछ ऐसा है कि अगर ट्रंप नहीं तो हम देश को जला देंगे।’’ वहीं, यरोप ने मतगणना के दौरान संयम की अपील की है। ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप के जन्मस्थान स्लोवानिया के दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री यानेज यांसा ने दावा किया, ‘‘यह स्पष्ट है कि अमेरिका की जनता ने डोनाल्ड ट्रंप को चुना है लेकिन वह एकमात्र आवाज हैं जो पुख्ता नतीजे से पहले सामने आए हैं।’’ जर्मनी के उप चांसलर ऑलफ स्कोल्ज ने मतगणना पूरा होने पर जोर दिया। जर्मनी की रक्षामंत्री एन्नीग्रेट क्राम्प-कारेनबावर ने कहा, ‘‘नतीजों की वैधता की लड़ाई शुरू हो गई है और यह बहुत विस्फोटक स्थिति है। आतंरिक बाजार मामलें की यूरोपीय संघ की आयुक्त थियेरी ब्रेटन ने कहा, ‘‘चुनाव के नतीजे कुछ भी हो एक बात तय है कि वे सालों और दशकों से हमारे साझेदार हैं।’’ जिम्बाब्वे में सत्तारूढ़ जेडएएनयू-पीएफ पार्टी प्रवक्ता पैट्रिक चिनामासा ने कहा, ‘‘ पूर्व दास मालिकों से लोकतंत्र के बारे में सीखने के लिए कुछ भी नहीं है।’’

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