बिहार : जीवन में रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है : सुमन सौरभ - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 11 दिसंबर 2020

बिहार : जीवन में रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है : सुमन सौरभ

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पटना. सांसारिक जीवन में रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है.इसका महत्व प्रबोध जन सेवा संस्थान के रक्तवीर बबूखी जानते और समझते भी हैं.देश की रक्षा करने में जुटी सैनिक की तरह ही काया की रक्षा करने में दिनरात लगे रहते हैं.संस्थान के वरीय सदस्यों के एक कॉल पर घर से कूच कर जाते हैं.अपना मकसद पूरा करने के बाद ही घर लौटते हैं. जी हां आज सड़क दुर्घटना में जयप्रकाश साव (45 वर्षीय) गंभीर रूप से घायल हो गये थे.जमुई जिले के सिकंदरा बाजार में रहने वाले जयप्रकाश साव को इलाज के दौरान रक्त की जरुरत आ पड़ी.जिसकी सूचना प्राप्त होते ही मानव रक्षक रक्तदाता परिवार के सहयोगी व सिकंदरा बाजार निवासी रक्तवीर आशीष कुमार व रक्तवीर सोनू कुमार के प्रयास उपरांत सिकंदरा के प्रसिद्ध मिष्टान भंडार से जुड़े रक्तवीर मनोज कुमार गुप्ता जी के द्वारा रक्तदान कर मानवता का कार्य किया गया. सुमन सौरभ "मानव रक्षक रक्तदाता परिवार" के तमाम सहयोगियों की ओर से रक्तवीर मनोज कुमार जी को तहे दिल से बधाई दिये हैं और साथ ही साथ सहयोगी रक्तवीर आशीष कुमार व रक्तवीर सोनू कुमार जी के प्रयास को नमन करते हैं. थेलेसीमिया (अंग्रेज़ी:Thalassemia) बच्चों को माता-पिता से अनुवांशिक तौर पर मिलने वाला रक्त-रोग है. इस रोग के होने पर शरीर की हीमोग्लोबिन निर्माण प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है जिसके कारण रक्तक्षीणता के लक्षण प्रकट होते हैं.इसकी पहचान तीन माह की आयु के बाद ही होती है.इसमें रोगी बच्चे के शरीर में रक्त की भारी कमी होने लगती है जिसके कारण उसे बार-बार बाहरी खून चढ़ाने की आवश्यकता होती है.ऐसे लोगों के बारे में सुमन सौरभ कहते हैं कि रक्तदाता तैयार रहते हैं रक्तदान करने के लिए.

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