बिहार में दिव्यांग पेंशन राशि 400 से बढ़ाकर हो चार हजार : मंच - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 4 दिसंबर 2020

बिहार में दिव्यांग पेंशन राशि 400 से बढ़ाकर हो चार हजार : मंच

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पटना 04 दिसंबर, बिहार विकलांग अधिकार मंच ने राज्य मे दिव्यांगों को मिलने वाली 400 रुपये की पेंशन राशि को बढ़ाकर चार हजार रुपये करने की मांग की। मंच के प्रमुख संरक्षक डॉ. अनिल सुलभ, राज्य सचिव राकेश कुमार, कोर कमेटी सदस्य एवं बिहार नेत्रहीन परिषद के संस्थापक महासचिव डॉ. नवल किशोर शर्मा ने गुरुवार को विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मौजूदा वैज्ञानिक युग में दिव्यांग जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं लेकिन वर्तमान सरकार प्रतिभा के अनुकूल उन्हें अवसर नहीं दे पा रही है। मंच ने सरकार से बिहार में दिव्यांगों को मिलने वाले पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये की मांग करते हुए कहा कि बेरोजगार दिव्यांगों को जब तक रोजगार नहीं दी जाती है तब तक उन्हें बेरोजगारी भत्ता की सुविधा दी जाए। मंच ने मांग करते हुए कहा कि शिक्षित एवं प्रशिक्षित दिव्यांगों को विशेष भर्ती अभियान के तहत आवेदन निकालकर रोजगार से जोड़ा जाए। दिव्यांगों के लिए बिहार सरकार अलग से दिव्यांग विभाग बनाए। सरकार दिव्यांग को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक उत्थान के लिए बिहार दिव्यांग आयोग का गठन शीघ्र करे। शिक्षित एवं प्रशिक्षित दिव्यांगों के रोजगार या नौकरी की समझ के लिए पटना में राज्य स्तर पर कैरियर काउंसलिंग सेंटर का गठन एवं राजकीय नेत्रहीन विद्यालयों पटना, दरभंगा और भागलपुर में स्थाई प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति की जाए। इसके साथ ही राजकीय नेत्रहीन एवं मूक बधिर विद्यालयों में शिक्षा विभाग द्वारा कार्यरत शिक्षकों के स्थान पर सीधी विशेष प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति समाज कल्याण विभाग करे। दिव्यांग बच्चों को विद्यालय ले जाने की सुविधा राज्य सरकार की ओर से नि:शुल्क सुनिश्चित की जाए। सभी निजी एवं सरकारी विद्यालयों में कम से कम दो विशेष शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाए। राज्य स्तर पर स्वरोजगार के लिए आवासीय व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र का गठन किया जाए, जहां दिव्यांग कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। पटना में राज्य स्तर पर दिव्यांग भवन बनवाया जाए तथा राज्य के कुल बजट में से 10 प्रतिशत दिव्यांगों पर खर्च की किया जाए और दिव्यांगों के विकास के संदर्भ में विशेष बजट का प्रावधान किया जाए।

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