संवैधानिक संस्थाओं का आदर नहीं करते राहुल गाँधी : जावडेकर - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

गुरुवार, 17 दिसंबर 2020

संवैधानिक संस्थाओं का आदर नहीं करते राहुल गाँधी : जावडेकर

rahul-gandhi-not-respacting-institution-jawdekar
नयी दिल्ली 17 दिसंबर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मन में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति कोई आदर नहीं है और यही वजह है कि उन्होंने बुधवार को रक्षा मामलों की संसदीय समिति की बैठक से बहिर्गमन किया। श्री जावडेकर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को इस बात का ज्ञान नहीं है कि समिति के सामने साल भर में कौन से विषय रखे जाएंगें, जबकि ये विषय बैठकों में चर्चा के बाद ही तय होते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में समिति की 14 बैठकें हुईं जिसमें सिर्फ दो बैठकों में वह उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि 'जब विषय सुझाने का अवसर था तब श्री गांधी और उनके साथियों ने कुछ नहीं कहा और अब भाजपा पर यह कहकर दोष मढ़ रहे हैं कि बैठक में महत्वपूर्ण विषय नहीं उठाए जा रहे हैं। स्थायी समिति की बैठक विरोध जताने या जनता के लिए भाषण देने का स्थान नहीं है। ' श्री जावडेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी की सरकार के दौरान भी श्री गांधी ने मंत्रिमंडल से मंजूर अध्यादेश की प्रति को सार्वजनिक तौर पर पत्रकार वार्ता में फाड़ दिया था जिससे साबित होता है कि संविधान के प्रति उनकी कोई आस्था नहीं है। उन्होने स्थायी समिति की बैठक का बहिर्गमन करके एक बार फिर संवैधानिक व्यवस्थाओं का अपमान किया है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सासंद राहुल गांधी और कुछ अन्य सदस्यों ने बुधवार को रक्षा मामले की संसदीय समति की बैठक का बहिर्गमन करते हुए आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दों की बजाए सशस्त्र बलों की वर्दी पर चर्चा करके समय बर्बाद किया जा रहा है। श्री गांधी बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा और लद्दाख में तैनात सुरक्षा बलों को मज़बूत बनाने से संबंधित मसले उठाना चाहते थे। 

कोई टिप्पणी नहीं: