विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 29 दिसंबर - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 29 दिसंबर 2020

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 29 दिसंबर

भूतपूर्व सैनिकों के लिए विदिशा जिला मुख्यालय पर सर्वसुविधा युक्त विश्राम गृह के लिए दो कक्ष आंवटित किये जाये - विधायक भार्गव


विदिशाः- जिला मुख्यालय विदिशा पर भूतपूर्व सैनिको के लिए विश्राम गृह के रूप में मूलभूत सुविधा सहित ठहरने के लिए दो कक्ष आंवटित किये जाने के संबंध में भूतपूर्व सैनिक बहु उद्देशीय सामाजिक संगठन जिला विदिशा द्वारा विधायक शशांक भार्गव को मांग पत्र सौपा जिसके क्रम में विदिशा विधायक शशांक भार्गव ने कलेक्टर विदिशा को पत्र लिखकर कहा कि जिले भर में बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक ग्रामीण क्षेत्रो में निवास करते है जो अपने विभिन्न कार्याें से जिला मुख्यालय विदिशा आते है जिनके ठहरने की समुचित व्यवस्था नही होने से अकारण ही भारी रकम चुकाकर होटल एवं लाज में ठहरने हेतु मजबूर होना पड़ता है। भूतपूर्व सैनिकों ने राष्ट के प्रति पूरी निष्ठा एवं समार्पण भाव से कार्य किया है जिसके संबंध में हमारा दयित्व है कि जिले भर के भूतपूर्व सैनिकों को समय असमय ठहरने की उचित व्यवस्था हो उनके लिए पुरानी कलेक्ट्रेड परिसर अथवा नगर पालिका के खाली पडे भवन या अन्य किसी शासकीय रिक्त भवन में दो कमरे पेयजल एवं शौचालय सुविधा सहित उपलब्ध कराये जाये, जिससे की कभी भी कोई भी भूतपूर्व सैनिक समय असमय उक्त विश्राम गृह में ठहर सके। 


मौके पर 44 आवेदनों का निराकरण हुआ


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कलेक्टर डॉ पंकज जैन के द्वारा आज आहूत की गई जनसुनवाई कार्यक्रम में 65 आवेदकों ने अपने आवेदन प्रस्तुत कर व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया है। कलेक्टर डॉ जैन के द्वारा मौके पर 44 आवेदनों का निराकरण किया गया है। 


आवेदको तक पहुंचे 

कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने जनसुनवाई कक्ष में बैठे आवेदकों को अपने पास ना आकर स्वंय उनके पास पहुंच कर उनके हाथो से आवेदन लेने के उपरांत संबंधित आवेदकों से संवाद कर आवेदको के आवेदन पर त्वरित कार्यवाही हेतु रिमार्क टीप अंकित कर संबंधित विभाग के अधिकारी को देते जा  रहे थे। 


पुरानी जमा करें नई ले जाएं

जिला पंचायत के सभागार कक्ष में आज सम्पन्न हुई जनसुनवाई कार्यक्रम में दिव्यांग आवेदको के द्वारा ट्रायसाइकिल दिलाए जाने के आवेदन कलेक्टर डॉ जैन को प्रदाय किए है। ऐसी सभी आवेदकों से कहा कि पुरानी टूटी-फूटी साइकिल जमा कर नई प्राप्त करें।  जिला पंचायत के जनसुनवाई कक्ष में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नीतू माथुर, एसडीएम श्री गोपाल सिंह वर्मा, डिप्टी कलेक्टर द्वय श्री कुमार शानू देवड़िया, सुश्री अमृता गर्ग के अलावा विभिन्न विभागो के जिलाधिकारी मौजूद थे। 


राहत प्रकरणों के निराकरण मामलो में विदिशा प्रदेश में अव्वल, उत्कृष्ट कार्य करने वाले तहसीलदार व पटवारी सम्मानित हुए 


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विदिशा जिले में कीटव्याधि और अन्य प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुई फसलों की राहत राशि पीड़ित कृषकों के बैंक खातो में जमा कराने के कार्य सम्पादन में विदिशा जिला प्रदेश में अव्वल है। उक्त आश्य की जानकारी आज सम्मान समारोह में अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने दी। नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में सोमवार को राहत राशि के प्रकरणो का शत प्रतिशत निराकरण करने वाले तहसीलदार और पटवारियों को अपर कलेक्टर श्री वृदावंन सिंह के द्वारा सम्मानित किए गए है। संबंधितों को उत्कृष्ट कार्य सम्पादन के लिए प्रमाण पत्र प्रदाय किए गए है।  अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने कहा कि राजस्व कार्यो में पटवारी केन्द्र धूरी है। उनके समर्पण और शासकीय कार्यो के प्रति उत्तरदायी व संवेदनशीलता के कारण ही राहत राशि वितरण के मामले में जिले की ख्याति प्रदेश में अव्वल है।  अपर कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि राहत का मतलब है तत्काल मदद। जिले में वर्ष 2020 की खरीफ फसल में हुई कीटव्याधि के नुकसान का आरबीसी के प्रावधानो के तहत शीघ्र सर्वे कर प्रकरण तैयार कराने के उपरांत समय पर पीड़ित कृषकों को राशि मिलना निश्चित ही इस कार्य की कडी में पटवारियों की महती भूमिका रही है उनके समर्पण और त्याग से ही हम समय पर यह कार्य सम्पादित करा पाए है। जिले के पटवारियों का हौंसला अफजाई करने के लिए यह सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया है ताकि अन्य पटवारीगण उत्कृष्ट कार्यो से प्रभावित होकर वे भी सम्मान के हकदार बनें। सम्मान समारोह को विदिशा एसडीएम श्री गोपाल सिंह वर्मा, राहत राशि के ओआईसी तथा डिप्टी कलेक्टर श्री रोशन राय ने भी अपने विचार व्यक्त किए है। सम्मानित होने वाले तहसीलदार श्री हर्ष विक्रम सिंह, नायब तहसीलदार श्री सिद्वांत सिंघला के अलावा पटवारी संघ के अध्यक्ष श्री राजकुमार ने भी अपने अनुभवो को सांझा किया है। सम्मान समारोह कार्यक्रम में शत प्रतिशत या 99 प्रतिशत तक राहत राशि का वितरण करने वाले तीन तहसीलदार तथा 65 पटवारियों को अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदाय किए गए है। आज नटेरन तहसील के 18, बासौदा एवं त्योंदा तहसील के 15, गुलाबगंज एवं ग्यारसपुर के पांच तथा विदिशा शहरी एवं ग्रामीण तहसील के 27 पटवारी सम्मानित हुए है।


जिला स्तरीय प्लानिंग कमेटी गठित 


ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशो के अनुपालन में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत जिला स्तरीय प्लानिंग कमेटी डीपीसी गठन करने का आदेश कलेक्टर डॉ पंकज जैन के द्वारा जारी किया गया है।  जिला स्तरीय प्लानिंग कमेटी के अध्यक्ष कलेक्टर स्वंय होंगे इसके अलावा समिति में जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सीईओ, शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी, आरईएस के कार्यपालन यंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय के कार्यपालन यंत्री को सदस्य नियुक्त किया गया है।  जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नीतू माथुर ने बताया कि गठित समिति जिले की त्रि-स्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायो द्वारा तैयार किए गए प्लान का अनुमोदन करेगी। 


नोडल व सहायक अधिकारी नियुक्त


भारत सरकार द्वारा पंचायती राज मंत्रालय एवं 15वें वित्त आयोग के निर्देशो के अनुरूप जिला एवं खण्ड स्तरीय प्लानिंग तैयार करने के लिए जिला व खण्ड स्तरीय नोडल व सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नीतू माथुर के द्वारा जारी किया गया है।  जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ को जिला नोडल अधिकारी तथा जिले के समस्त जनपदो के सीईओ को ब्लाक नोडल अधिकारी जबकि जनपदो के सहायक यंत्रियों को सहायक ब्लाक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। 


मुख्यमंत्री संबल योजना के भौतिक सत्यापन हेतु निर्देश 


मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के लंबित प्रकरणो का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश श्रम विभाग के द्वारा जारी किए गए है। ततसंबंध में जिला श्रम पदाधिकारी श्री सुधीश कमल ने बताया कि विदिशा जिले की जनपदो एवं नगरीय निकायों में लंबित प्रकरणों का भौतिक सत्यापन किया जाना है उन प्रकरणो की संख्या व सत्यापन के लिए निर्धारित मापदण्डो की जानकारी संबंधितों को पूर्व में दी जा चुकी है। जिला श्रम पदाधिकारी श्री सुधीश कमल ने बताया कि विदिशा में संबल योजना के कुल 15 हजार 45 प्रकरणो का सत्यापन कराया जाना है। जिसमे जनपदवार प्रकरणो की जानकारी इस प्रकार है विदिशा में 275, ग्यारसपुर में 122, बासौदा में 61, नटेरन में चार हजार 381, लटेरी में 61, सिरोंज में एक हजार 392, कुरवाई में 120 प्रकरणो का सत्यापन किया जाना है इसी प्रकार निकाय क्षेत्रों अंतर्गत विदिशा नगरपालिका में पांच हजार 154, बासौदा में 58, शमशाबाद में 70, लटेरी में 232, कुरवाई में 22 तथा सिरोंज नगरपालिका में एक हजार 997 प्रकरणों का भौतिक सत्यापन पूर्ण कर प्रमाण पत्र प्रेषित करने का आग्रह संबंधितों से श्रम विभाग के माध्यम से किया गया है। 


’पंजीकृत गौ-शालाओं को दी जाने वाली दान राशि आयकर मुक्त होगी’


अब पंजीकृत गौशालाओं को दी जाने वाली दान राशि पर आयकर से छूट मिलेगी। गौ-रक्षा एवं गौ-संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा पंजीकृत गौ-पालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड को दी जाने वाली दान राशि को आयुक्त आयकर विभाग द्वारा आयकर में छूट प्रदान की गई है। इसके तहत् पंजीकृत गौ-शालाओं को दी जाने वाली दान राशि भी आयकर मुक्त होगी। शासन द्वारा आमजन द्वारा दिये जाने वाले सहयोग के लिए ऑनलाईन पोर्टलू  www.gopalanboard.mp.gov.in शुरू किया गया है जिसके माध्यम से गौ-शालाओं को चारे, पानी, शेड एवं अन्य कार्यों के लिए दान दिया जा सकता है।


अनुसूचित-जनजाति वर्ग के छात्रावासों की शिष्यवृत्ति दर बढ़ी


आदिम-जाति कल्याण विभाग ने अनुसूचित-जनजाति के छात्रावास और आश्रमों में रहने वाले विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति की दर में वृद्धि की है। वर्ष 2020-21 में बालकों की शिष्यवृत्ति 1300 रुपये और बालिकाओं के लिये 1340 रुपये प्रतिमाह की स्वीकृति विभाग द्वारा दी गई है। प्रदेश में अनुसूचित-जनजाति के छात्रावास और आश्रम में रहने वाले विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति की दर प्रत्येक वर्ष मार्च में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर निर्धारित की जाती है। इस वर्ष बढ़ी हुई शिष्यवृत्ति की दर एक जुलाई, 2020 से प्रभावशील होगी।


शीतलहर और पाले का प्रकोप फसलों को कर सकता है प्रभावित, कृषि विज्ञान केन्द्र देवास के वैज्ञानिकों द्वारा फसलों को पाले से बचाव की सलाह


प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र  ने फसलों को पाले के बचाने के संबंध में सलाह दी है। उन्होंने बताया कि जिले में सर्दी का असर बढ़ना शुरू हो गया है। संभावना है कि शीतलहर और पाले का प्रकोप फसलों को प्रभावित कर सकता है। जब आसमान साफ हो, हवा न चले और तापमान कम हो जाए तब पाला पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। दिन के समय सूर्य की गर्मी से पृथ्वी गर्म हो जाती है तथा पृथ्वी से यह गर्मी विकिरण द्वारा वातावरण में स्थानांतरित हो जाती है। फलस्वरूप रात्रि में जमीन का तापमान गिर जाता है, क्योंकि पृथ्वी को गर्मी नहीं मिलती है। तापमान कई बार 0 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच जाता है। ऐसी अवस्था में ओस की बूंदे जम जाती है। इस अवस्था को पाला कहते हैं।


पाले से कैसे बचाव करें 

उन्होंने बताया कि फसल पर पाले की आंशका को ध्यान में रखते हुए घुलनशील सल्फर 1.5 किग्रा. या पोटेशियम सल्फेट (0रू0रू50) 2 किलोग्राम एवं घुलनशील बोरॉन 500 ग्राम 500 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें। जो पौधों की कोशिकाओं में एकत्रित जल को जमने से बचाता है। पाले की आशंका को देखते हुए यह सुझाव दिया जाता है कि किसान भाई खेत में हल्की सिंचाई करें। जिससे फसल के आसपास गर्म वातावरण निर्मित होने से तापमान नहीं गिरता है, जिससे फसलों को बचाया जा सकता है। सिंचाई फव्वारा विधि द्वारा करने की स्थिति में यह ध्यान रखें कि स्प्रिंक्लर लगातार प्रातःकाल से सूर्योदय तक चलायें जिससे फसलों को बचाया जा सकता है। यदि फव्वारा सुबह के 4 बजे तक चलाकर बंद कर दिया जाता है तो ऐसी स्थिति में फसलों की पत्तियों पर उपस्थित जल जमकर नुकसान पहुंचाता है। इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी फव्वारा सूर्योदय के पहले बंद न करें। खेतों के आसपास मेढ़ों पर घास-फूस एकत्रित कर धुआं करें जिससे फसल के चारों तरफ तापमान गिरने से बचाया जाकर फसलों को सुरक्षित किया जा सकता है। खेत की मेढ़ पर पेड़ व झाडियों की बाड़ लगाएं पाले से बचाव के लिए कम से कम खेत की उत्तर-पश्चिम दिशा में मेढ़ पर झाडि़यों की बाड़ लगाये। इससे शीतलहर द्वारा होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।


पाला के प्रकार

काला पाला यह उस अवस्था को कहते हैं, जब जमीन के पास हवा का तापमान बिना पानी के जमे शून्य डिग्री सेल्सियस से कम हो जाता है। वायुमंडल में नमी इतनी कम हो जाती है कि ओस का बनना रूक जाता है, जो पानी को जमने से रोकता है। सफेद पालारू इसमें वायुमंडल में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से कम हो जाता है। इसके साथ ही वायुमंडल में नमी ज्यादा होने की वजह से ओस बर्फ के रूप में बदल जाती है। पाले की यह अवस्था सबसे ज्यादा हानि पहुंचाती है। यदि पाला अधिक देर तक रहे, तो फसल में अधिक नुकसान होता है।


जानिए कैसे पौधों को हानि पहुंचाता है पाला

पाले से प्रभावित पौधों की कोशिकाओं में उपस्थित पानी सर्वप्रथम अंतरकोशिकीय स्थान पर इकट्ठा हो जाता है। इस तरह कोशिकाओं में निर्जलीकरण की स्थिति बन जाती है। दूसरी ओर अंतरकोशिकीय स्थान में एकत्र जल जमकर ठोस रूप में परिवर्तित हो जाता है, जिससे इसके आयतन बढ़ने से आसपास की कोशिकाओं पर दबाव पड़ता है। यह दबाव अधिक होने पर कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, द्रव्य बाहर की आ जाती है। इस प्रकार फसल की कोमल पत्तियों एवं टहनियों को काफी नुकसान पहुंचता है।


नर्सरी में पौधों को पाले से कैसे बचायें

गांव में पुआल का इस्तेमाल पौधों को ढकने के लिए किया जा सकता है। पौधों को ढकते समय इस बात का ध्यान जरूर रखें कि पौधों का दक्षिण-पूर्वी भाग खुला रहे ताकि पौधों को सुबह व दोपहर को धूप मिलती रहे। पुआल का प्रयोग दिसंबर से जनवरी तक करें, तत्पश्चात् हटा दें। नर्सरी पर छप्पर डालकर भी पौधों को खेत में रोपित करने पर पौधों के थावलों के चारों ओर कड़बी या मूंज की टाटी बांधकर भी पौधों को पाले से बचाया जा सकता है।


पोल्ट्री फार्मिग का पंजीयन पशु पालन विभाग में करवाना आवश्यक, वर्तमान में स्थापित तथा नवीन कुक्कुट प्रक्षेत्रध्हेचरी का पंजीयन प्रारम्भ


पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक ने बताया कि पोल्ट्री फार्मिग का पंजीयन पशु पालन विभाग में करवाना आवश्यक होगा जिससे इसे व्यवस्थित एवं विकसित किया जा सके एवं आवश्यकता होने पर जानकारी के आधार पर तकनीकी सहायता दी जा सके। इस कारण से किसी भी गतिविधि को नियंत्रित करना तथा लाभान्वित करना संभव हो सकेगा। पोल्ट्री उद्योग को सुरक्षा प्रदान करने तथा विभिन्न गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए वर्तमान में स्थापित तथा नवीन कुक्कुट प्रक्षेत्रध्हेचरी का पंजीयन प्रारम्भ किया गया है जिससे कुक्कुट प्रक्षेत्रध्हेचरी की संख्या का सही आकलन हो सके। इससे भविष्य में लाभकारी नीतियों का निर्धारण एवं अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि पंजीयन के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा साथ ही निर्धारित पंजीयन शुल्क भी जमा कराना होगा। उन्होंने बताया कि 500 से अधिक व 1000 तक किसी भी प्रकार के पक्षियों की क्षमता वाले फार्म को 100 रूपये।  1000 से 5000 तक की क्षमता वाले फार्म को 200 रूपये। 5000 से 10 हजार तक की क्षमता वाले फार्म को 500 रूपये एवं 10 हजार से अधिक किसी भी प्रकार के पक्षियों की क्षमता वाले फार्म को 1000 रूपये पंजीयन शुल्क देना होगा। प्रारम्भ में 05 वर्षों के लिए पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किया जावेगा बाद में हर 03 वर्ष में नवीनीकरण कराना होगा।


अशासकीय विद्यालयों की मान्यता नवीनीकरण हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर


माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध सभी अशासकीय विद्यालय 31 दिसंबर 2020 तक मान्यता नवीनीकरण का आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। मान्यता नवीनीकरण शुल्क का भुगतान 31 दिसंबर 2021 तक एकमुश्त या तीन किस्तों में किया जा सकेगा। यह निर्णय कोविड-19 महामारी के दौरान अशासकीय विद्यालय के संचालन में आ रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2020-21 के लिए आरटीई एवं माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा मान्यता नियम 2017 के तहत मान्यता नवीनीकरण की आवेदन प्रक्रिया में छूट प्रदान की गई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध सभी अशासकीय विद्यालयों के संचालक विद्यालय की मान्यता एवं संबद्धता बगैर किसी निरीक्षण अथवा परीक्षण के आगामी 5 वर्ष के लिए नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। 


मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग 4 जनवरी को


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 4 जनवरी, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त कलेक्टर्स, कमिश्नर्स, पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस महानिरीक्षकों से संवाद करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में विगत 9 दिसम्बर को आयोजित कलेक्टर्स, कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस के कार्यवाही विवरण का पालन प्रतिवेदन, मध्यप्रदेश में मनरेगा के क्रियान्वयन, प्रदेश में रोजगार मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, प्रधानमंत्री शहरी पथ-विक्रेता स्वनिधि योजना एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ-विक्रेता योजना का क्रियान्वयन, नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 की तैयारियों, मध्यप्रदेश में गौ-शालाओं के संचालन एवं प्रबंधन, प्रदेश में खनिज के अवैध उत्खनन की रोकथाम, स्व-सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये बैंक लिंकेज, मार्केट लिंकेज एवं उनके माध्यम से किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की जायेगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संबंधित अधिकारियों को उपस्थित रहने एवं कोविड-19 संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।


प्रत्येक ग्राम पंचायतों में आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु दल गठित, मानीटरिंग हेतु सभी एसडीएम एवं तहसीलदार होंगे नोडल अधिकारी


जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए दल गठित किए गए है ततसंबंध में कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए है। उन्होंने जारी कार्यक्रम के अनुसार नियत ग्राम पंचायत में पहुंचकर पात्रताधारी हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाने की  प्रक्रिया का क्रियान्वयन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी एसडीएम एवं तहसीलदार  को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समयावधि में कार्य किया जाए। उक्त कार्य की मानीटरिंग हेतु सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों एवं तहसीलदारों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है । उल्लेखनीय है कि लोक सेवा केन्द्रों की समीक्षा में आयुष्मान कार्ड योजना अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की संख्या में कमी को दृष्टिगत रखते हुए आवेदनों में वृद्धि हेतु निर्देश दिए हैं । लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया शासन निर्देशानुसार प्रारंभ कर दी गई है, परंतु आवेदन काफी कम संख्या में प्राप्त हो रहे हैं। कलेक्टर ने जिला स्तर पर आयुष्मान कार्ड की समीक्षा बैठक निर्देश दिए कि लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनाने के प्रचार प्रसार में वृद्धि की जाये जिससे आम जनता को इसकी जानकारी मिल सके । इस संबंध में कलेक्टर डॉ जैन ने लोक सेवा केन्द्रों के संचालकों को  निर्देश दिए हैं कि लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु चलित रथ के माध्यम से संपूर्ण जिले में प्रचार प्रसार किया जाए।


सफलता की कहानी : खेत तालाब निर्माण से आमदनी में हुआ इजाफा, प्रताप सिंह किरार, परिवार सहित है खुश, कहते है, वाटरशेड गांव के लिए वरदान

 

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विदिशा विकासखण्ड के ग्राम कटसारा में माइक्रोवाटर शेड से कराए गए जल संचय के कार्यो का लाभ स्थानीय कृषकों को मिलने लगा है जिससे उनकी आमदनी में इजाफा हुआ है जहां पहले वे एक ही फसल ले पाते थे अब फसल परिवर्तन चर्क का अनुसरण कर फसलों का उत्पादन ले रहे है।  वाटरशेड योजना से लाभांवित हितग्राही श्री प्रताप सिंह किरार ने अपने खेत में तीन लाख दस हजार की लागत से तालाब का निर्माण कराया है प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत। खेत तालाब से सिंचाई में वृद्वि हुई है जल भण्डारण के कारण ही प्रताप सिंह किरार ने धान की फसल ली है वही खेत तालाब की पार पर अरहर भी लहरा रही है जिससे आमदनी में और वृद्वि होगी। हितग्राही प्रताप सिंह किरार का कहना है कि उद्याकिनी विभाग की पहल पर लौकी, गिल्की, करैला के बीज रोपित किए गए थे जिससे सब्जी का उत्पादन शुरू हो गया है। हितग्राही प्रताप सिंह किरार ने बताया कि भविष्य में अपने खेत तालाब के जल भराव क्षमता का और अधिक उपयोग कर उसमें मछली पालन की योजना बना रहा हूं।  


सफलता की कहानी : जिले के किसानों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि  प्रगतिशील कृषक थान सिंह का कहना है कि समय पर मिली मदद 


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किसानों की आय दोगुना करने तथा कृषि संबधी कार्यों के लिए समय पर राशि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान सम्मान कल्याण योजना एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का संचालन किया जा रहा हैं। विदिशा विकासखण्ड के ग्राम सुनपुरा के प्रगतिशील कृषक श्री थान सिंह यादव ने कहा मुझे किसान सम्मान निधि के 6000 रुपये मिलते थे, इस राशि का उपयोग मै अपने कृषि कार्यों में किया हूं। प्रगतिशील कृषक श्री यादव ने बताया कि उन्नत बीज क्रय करने में यह राशि मददगार साबित हुई है।  इसी प्रकार इस क्षेत्र के अन्य किसान ने कहा मुझे साल भर में किसान सम्मान निधि का 2000 रुपये के मान से 6000 रुपये मेरे खाते में आ जाते है, जिसका उपयोग वे अपनी खेती में करते है। वे कहते है कि में इस राशि से खाद बीज खरीद लेते है।

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