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बुधवार, 6 जनवरी 2021

बिहार : ऐपवा व स्कीम वर्कर्स 9 जनवरी को बिहार में विरोध करेगा : शशि यादव

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पटना। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की बिहार राज्य की अध्यक्ष सरोज चौबे ने कहा कि बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भी महाजंगल राज कायम हो गया है।बदायूं जिले में निर्भया गैंगरेप जैसी हैवानियत सामने आई है। यहां 50 साल की आंगनबाड़ी सहायिका से गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई। दरिंदों ने प्राइवेट पार्ट में रॉड जैसी चीज भी डालने की कोशिश की। आंगनबाड़ी सहायिका के शरीर के अन्य हिस्सों में गम्भीर चोटें आई हैं। इस मामले में एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी हुई हैं। एसएसपी संकल्प शर्मा ने लापरवाही बरतने के आरोप में थानाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि  3 जनवरी की शाम 50 साल की आंगनबाड़ी सहायिका मंदिर में पूजा करने गई थी। इस दौरान मंदिर पर मौजूद महंत सत्यनारायण, चेला वेदराम व ड्राइवर जसपाल ने गैंगरेप की जघन्य वारदात को अंजाम दिया और 3 जनवरी की रात को ही अपनी गाड़ी से आंगनबाड़ी सहायिका की खून से लथपथ लाश उसके घर फेंक कर फरार हो गए।  परिजनों ने उघैती थाना पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी,लेकिन पुलिस परिजनों को गुमराह कर थाने के चक्कर कटवाती रही। पुलिस ने पहले तो आंगनबाड़ी सहायिका की गैंगरेप के बाद हत्या की घटना को झूठा बताकर कुएं में गिरने मौत होने की बात कही। आलाधिकारियों के संज्ञान में आने व मीडिया में मामला आने के बाद पुलिस ने आंगनबाड़ी सहायिका के घर वालों की तहरीर पर महंत सत्यनारायण, चेला वेदराम व ड्राइवर जसपाल के खिलाफ गैंगरेप के बाद हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया,लेकिन पुलिस ने 4 जनवरी को आंगनबाड़ी सहायिका के शव पोस्टमॉर्टम न कराकर 5 जनवरी को करीब 48 घंटे बाद कराया।


पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी आंगनबाड़ी सहायिका के साथ हुई जघन्य वारदात उजागर हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। साथ ही प्राइवेट पार्ट में रॉड जैसी चीज डालने की भी बात सामने आ रही है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथी ही एसएसपी संकल्प शर्मा ने लापरवाह थानाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप को निलंबित किया है। जबकि 2 आरोपी अभी फरार है।जिनकी तलाश जारी है। आंगनबाड़ी सहायिका पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नहीं गैंगरेप के बाद हत्या व प्राइवेट पार्ट में रॉड जैसी चीज डालने की पुष्टि हुई है।आंगनबाड़ी सहायिका के शरीर पर चोट के गम्भीर निशान भी मिले हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पसली,पैर फेंफड़े भी डैमेज हुए हैं। गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में लापरवाही बरतने व घटना को दबाने के मामले में थानाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह को एसएसपी संकल्प शर्मा ने निलंबित कर दिया है। थानाध्यक्ष ने पुलिस के आलाधिकारी को ग़ुमराह करते हुए बताया था की महिला की कुएं में गिरने से मौत हुई है, लेकिन ग्रामीणों व परिजनों के हंगामे के बाद थानाध्यक्ष की लापरवाही उजगार हुई। जब एसएसपी ने संकल्प शर्मा ने थानाध्यक्ष को निलंबित कर कार्यवाही की है। ऐपवा की बिहार राज्य की सचिव शशि यादव ने कहा कि बंदायू घटना पर ऐपवा ने बयान जारी की है।यूपी के बंदायू ( उघेतीगांव) के मंदिर में आंगनबाड़ी महिला कर्मी के साथ रेप और हत्या की जघन्य घटना- ऐपवा ने की कड़ी निंदा

• अपराधियो को बचा रही है यूपी पुलिस

• योगी सरकार इस्तीफा दें

• फरार बलात्कारियों की गिरफ्तारी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा की मांग

• ऐपवा व स्कीम वर्कर्स 9 जनवरी को बिहार में विरोध करेगा।


उत्तर प्रदेश के बंदायू जिले के उघेती गाँव  में  महिला आंगनबाड़ी कर्मी के साथ मंदिर  के महंत और उसके दो सहयोगी ने सामूहिक बलात्कार किया।   मेडिकल रिपोर्ट  से ज्ञात हुआ है कि महिला के गुप्तांग में लोहे का रॉड डाला गया, उसके आंतरिक अंगों में भी काफी चोटें  आईं है, अनियंत्रित रक्तस्राव के कारण महिला की मौत हो गई है।  तीनों अपराधियों में से, मुख्य दोनों अपराधी अभी भी फरार हैं। इस पूरी मामले में पुलिस के बयान  और उनकी भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।  ऐपवा आंगनबाड़ी महिलाकर्मी  की मौत पर शोक व्यक्त करती है और दुख की इस घड़ी में उसके परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करती है। ऐपवा मानती है की उसके परिवार को न्याय तभी मिलेगा जब हत्यारे बलात्कारियों को त्वरित और कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।  योगी राज में महिलाओं के साथ बलात्कार और हत्या की घटनाएं आम परिघटना बनती जा रही है।  जनता को न्याय दिलाने के बजाय पुलिस सत्ता संरक्षण में अपराधियो का साथ दे रही है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को  मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहने का कोई हक नहीं है। ऐपवा उनके इस्तीफे की मांग करती है। 

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