बिहार : पाटलिपुत्र सीआईएन हॉस्पिटल में लेजली का निधन - Live Aaryaavart

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सोमवार, 25 जनवरी 2021

बिहार : पाटलिपुत्र सीआईएन हॉस्पिटल में लेजली का निधन

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पटना. पाटलिपुत्र सीआईएन हॉस्पिटल के चिकित्सक ने शनिवार को लेजली अंथौनी को ब्रेन डेड घोषित करने की बात परिजनों से किया.कुछ ही घंटों के बाद  रविवार को तड़के लेजली का निधन हो गया.सोमवार को एक बजे से अंतिम संस्कार का मिस्सा होगा. खबर है कि लेजली अंथौनी का निधन हो गया. उनका 01:52 AM हो गया.वे पाटलिपुत्र सीआईएन हॉस्पिटल में भर्ती थे. घर पर ब्रेन हेमरेज होने के बाद यहां पर 03 जनवरी को भर्ती किये गये.तब से बेसुध अवस्था में थे.जिसके कारण चाहकर भी ऑपरेशन करने के पक्ष में चिकित्सक नहीं थे.  हालांकि सीआईएन हॉस्पिटल के चिकित्सक व नर्सों का लगातार प्रयास रहा कि वे सामान्य स्थिति में आ सके.परिजन दवा-दारू और उनको चाहने वाले सृष्टिकर्ता से दुआ मांगते रहे. ब्रेन डेड और दिल काम करते रहने को चमत्कार मानकर और अधिक दवा और दुआ होने लगी.  बावजूद इसके उनको बचाया नहीं जा सका.  शनिवार को 20 दिनों के बाद चिकित्सक ने ब्रेन डेड हो जाने की बात कहीं और आज रविवार को निधन हो गया.दवा के बल पर दिल काम कर था वह बंद हो गया.यह सब प्रभु के विधि के तहत हो गया.हॉस्पिटल से पार्थिव शरीर को घर लाया गया.उनका पैतृक घर फेयर फिल्ड कॉलोनी में हैं. लेजली अंथौनी के निधन के बाद शोक की लहर फैल गयी है.वे सबके चहेते थे.असमायिक मौत हो जाने से परिजन व शुभचिंतकों के बीच गम छा गया है.


तुम हार गए 

मैं भी नहीं चाहता था तुम हारो

मग़र क्या करता नियति का बना  बदला नहीं जा 

सकता विधाता ने मुझे आदेश दिया जीवन बाँधने की ओर मैं

तुम्हारे शरीर को कंधों पर लिए

प्रभु के स्वर्गिक धाम तक आ गया मैं मृत्य जरूर हूँ मग़र जानता हूँ यही सत्य है

जीवन तो एक माया है देखो 

अपनों को रोते -विलखते 

तुम्हारी मृत्यु पर शोक करते

तुम्हारे लौटाने की दहाड़े मुझे

विचलित करती हैं परमात्मा

शाश्वत और  मनुष्य नश्वर  है

यही मैं  मृत्यु  बन रोज़ शरीर को अपने ऊपर लादे समझाता हूँ मग़र अज्ञानी मनुष्य

मेरी अटलता को समझ ही नहीं पाता 

तुम हारे नहीं प्रभु के साथ पुनः उत्थान में जीवंत कहे जाओगे.

सुषमा जॉन , 24 /01/ 2021


प्रसिद्ध लेखक स्व.केरोबिन बारनो साहू की सुपुत्री हैं कवयित्री सुषमा जोन पौल.फेयर फिल्ड कॉलोनी में रहती हैं.सरकारी रिटायर शिक्षिका हैं. +2 विद्यालय में वरीय शिक्षिका थीं.उन्होंने अपनी लेखनी से लेजली को श्रद्धांजलि दी हैं..


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