ट्रंप ने कैपिटल बिल्डिंग में हिंसा की निंदा की - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 8 जनवरी 2021

ट्रंप ने कैपिटल बिल्डिंग में हिंसा की निंदा की

सत्ता के सुगम हस्तांतरण का किया वादा

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वाशिंगटन, आठ जनवरी, अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) में अपने समर्थकों की हिंसा की बुधवार को यह कहते हुए अंतत: निंदा की कि वे अमेरिका का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। सांसत में पड़े ट्रंप ने इसके साथ ही संकल्प लिया कि वह नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन को सत्ता का व्यवस्थित, निर्बाध और सुगम हस्तांतरण सुनिश्चित करेंगे। एक दिन पहले ही ट्रंप ने अपने समर्थकों से कैपिटल का रूख करने का आह्वान किया था, जहां भीड़ जबरन भीतर घुसी। ट्रंप ने एक नए वीडियो संदेश में कहा कि अमेरिका कानून-व्यवस्था का पालन करने वाला देश है और रहेगा। व्हाइट हाउस ने ट्रंप का यह वीडियो जारी किया। बृहस्पतिवार को इसे यूट्यूब पर पोस्ट किया गया है। इसमें ट्रंप कहते नजर आ रहे हैं, ‘‘सभी अमेरिकी लोगों की तरह, मैं भी हिंसा, अराजकता और उत्पात से हैरान और दुखी हूं। भवन की सुरक्षा तथा घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए मैंने तुरंत ही राष्ट्रीय गार्ड और कानून लागू करने वाली संघीय एजेंसी की तैनाती की।’’ इसमें उन्होंने कहा कि कैपिटल में घुसने वाले लोगों ने अमेरिका के लोकतंत्र के मंदिर को अपवित्र किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हिंसा और विनाशकारी गतिविधियों में लिप्त लोग हमारे देश का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। जिन्होंने कानून तोड़ा, उन्हें इसका खमियाजा भुगतना होगा। हम अभी हाल में एक चुनाव से गुजरे हैं और लोगों की भावनाएं उफान पर हैं लेकिन अब अपने गुस्से को ठंडा करना होगा तथा अमन बहाल करना होगा।’’ नए वीडियो में ट्रंप ने जिस तरह से टिप्पणियां की उनमें तथा पहले की टिप्पणियों में थोड़ी समानता थी जिनमें उन्होंने अपने दंगाई समर्थकों से कहा था, ‘‘हम आपसे प्रेम करते हैं’’। अमेरिका में लोकतंत्र पर एक अप्रत्याशित हमले में, बुधवार को निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हजारों समर्थकों ने वाशिंगटन डीसी स्थित कैपिटल (अमेरिकी संसद भवन) पर हमला किया और पुलिस के साथ भी उनकी झड़प हुई थी। इसमें चार लोगों की जान चली गई थी। इस दौरान ट्रंप समर्थकों ने संसद के संयुक्त सत्र को बाधित करने का प्रयास किया जिसमें नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की जीत की पुष्टि होनी थी। रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों की ओर से दबाव का सामना कर रहे ट्रंप ने महाभियोग की आशंका के बीच चुनाव परिणामों को भी स्वीकार कर लिया और बाइडन को सत्ता के सुगम हस्तांतरण का संकल्प भी लिया।


बाइडन 20 जनवरी को अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे। हिंसा और अराजकता के बीच अमेरिकी संसद ने बृहस्पतिवार को अपने संयुक्त सत्र में बाइडन तथा हैरिस के निर्वाचन की औपचारिक रूप से पुष्टि कर दी तथा ‘इलेक्टोरल कॉलेज’ मतों को भी मंजूरी दे दी गई। निवर्तमान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ‘‘चूंकि अब कांग्रेस ने परिणामों को प्रमाणित कर दिया है इसलिए नया प्रशासन 20 जनवरी को सत्ता की कमान संभालेगा’’ और अब उनका ध्यान ‘‘सत्ता का व्यवस्थित एवं सुगम हस्तांतरण सुनिश्चित करने पर है।’’ ट्रंप ने कहा, ‘‘हमें अमेरिका के लिए काम करते रहना चाहिए। मेरे अभियान दल ने चुनाव परिणामों के खिलाफ हर कानूनी कदम उठाया। मेरा एकमात्र लक्ष्य था चुनाव की सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता को बरकरार रखना और ऐसा करते हुए मैं अमेरिका के लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रहा था।’’ ट्रंप ने कहा कि उनका यह मानना है कि अमेरिका को चुनाव संबंधी कानूनों में सुधार करना चाहिए ताकि सभी मतदाताओं की पहचान और योग्यता का सत्यापन हो सके और भावी चुनावों में भरोसा और निष्ठा बनी रह सके। ट्रंप ने कहा कि 2020 अमेरिकियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है और अब वक्त उबरने का और मेल-मिलाप का है। उन्होंने कहा, ‘‘महामारी ने हमारे लोगों की जिंदगियों को बरबाद कर दिया, लाखों लोगों को इसकी वजह से अपने घरों में बंद होना पड़ा, हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा तथा अनगिनत लोगों की जान चली गई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस महामारी को हराने और दुनिया की सबसे महान अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। देशभक्ति, विश्वास, परोपकार, समुदाय और परिवार जैसे मूल्यों पर नए सिरे से जोर देने की जरूरत है।’’ इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कायली मैकनेनी ने संवाददाताओं से कहा था कि कैपिटल हिल में हुई हिंसा भयावह और निंदनीय तथा अमेरिकी मूल्यों की विरोधाभासी थी। उन्होंने कहा, ‘‘हम, राष्ट्रपति तथा उनका प्रशासन इसकी कड़ी निंदा करता है। यह अस्वीकार्य है तथा कानून तोड़ने वालों पर कानून के तहत मामला चलाया जाना चाहिए।’’ मैकनेनी ने कहा, ‘‘कैपिटल को हिंसक तरीके से घेरने वाले लोग हर उस चीज के विरोधी हैं जिसका यह प्रशासन समर्थन करता है। हमारा प्रशासन मानता है कि सभी नागरिकों को सुरक्षित, शांति और आजादी से जीने का अधिकार है।’’ ट्रंप ने कहा, ‘‘आपके राष्ट्रपति के तौर पर सेवाएं देना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।’’ कैपिटल में हुई घटना के परिणामस्वरूप बुधवार शाम से लेकर बृहस्पतिवार तक कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए, वहीं विपक्षी डेमोक्रेट सदस्यों ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने के नए सिरे से प्रयास शुरू कर दिए। डेमोक्रेटिक पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उप राष्ट्रपति माइक पेंस से अनुरोध किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘विद्रोह भड़काने’’ के कारण पद से हटाने के लिए वह अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन लागू करें।

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