धनखड़ ने किया लक्ष्मी रतन शुक्ला का इस्तीफा स्वीकार - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 5 जनवरी 2021

धनखड़ ने किया लक्ष्मी रतन शुक्ला का इस्तीफा स्वीकार

dhankhad-accept-lakshmi-ratan-shukla-rtesignation
कोलकाता, 05 जनवरी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी रतन शुक्ला ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया और राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राजभवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक श्री धनखड़ ने मुख्यमंत्री की सलाह पर श्री शुक्ला का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। बयान में कहा गया, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सलाह के मद्देनजर, मैं, पश्चिम बंगाल का राज्यपाल, जगदीप धनखड़ संविधान के तहत प्रदत्त शक्तियों के तहत तत्काल प्रभाव से श्री लक्ष्मी रतन शुक्ला की मंत्रिपरिषद के सदस्य के तौर पर सभी शक्तियां वापस लेता हूं।” खेल मंत्री (सीनिया) अरूप विश्वास खेल मंत्रालय का अतिरिक्त पोर्टफोलियो संभालेंगे। पूर्व ऑल राउंडर क्रिकेटर एवं हावड़ा नॉर्थ से पहली बार विधायक बने श्री शुक्ला ने जब खेल का मैदान छोड़कर राजनीतिक करियर की शुरुआत की तो सुश्री बनर्जी ने कई वरिष्ठ नेताओं को छोड़कर उन्हें खेल मंत्री के पद के लिए चुना था। श्री शुक्ला पार्टी के सबसे बड़े नेताओं में से एक शुभेंदु अधिकारी के 26 नवंबर को परिवहन मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद सुश्री बनर्जी के नेतृत्व वाला तृणमूल मंत्रालय छोड़ने वाले दूसरे मंत्री बन गये हैं। वर्तमान मंत्रालय का कार्यकाल मई 2021 में समाप्त होने जा रहा है और अगले चार से पांच महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। श्री शुक्ला का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कई नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिसकी आगामी विधानसभा चुनाव में 200 से अधिक सीटें हासिल करने पर नजर है। सुश्री बनर्जी ने नाबन्ना में कहा, “उन्होंने (श्री शुक्ला) ने लिखा है कि वह अपने कार्यकाल तक विधायक बने रहेंगे लेकिन वे राजनीति छोड़ना चाहते हैं। मैं उनके फैसले का स्वागत करती हूं और उन्हें शुभकामनाएं देती हूं। वह एक खिलाड़ी हैं और खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं तथा मैं उन्हें शुभकामनाएं देती हूं।” श्री शुक्ला ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की इच्छा जतायी और तृणमूल छोड़ने का भी प्रस्ताव रखा है।

कोई टिप्पणी नहीं: