बिहार : अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अब शुद्ध और पोषक भोजन मिलेगा - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 14 जनवरी 2021

बिहार : अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अब शुद्ध और पोषक भोजन मिलेगा

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पूर्णिया. राज्य स्वास्थ्य समिति की हरी झंडी के बाद सदर अस्पताल के करीब रहने वाले दीदियों की तलाश की गयी। पहले 60 दीदी का चयन किया गया। 30 दीदी को ट्रेनिंग दी गयी। केरल में जीविका की तरह कुंटुंब श्री है। वहां की दीदियों के द्वारा पूर्णिया आकर इन दीदियों को सात दिनों तक प्रशिक्षण दिया गया। ट्रेनिंग के बाद ग्रेडिंग की गयी। इसके बाद 15 दीदी का चयन दीदी की रसोई के लिए किया गया। शेयर केपिटल व शेयर होल्डर लेकर दीदी की रसोई चला रही है। लॉकडाउन के समय जब सब कुछ बंद था। दीदी की रसोई में खाना पक रहा था। अस्पताल आने वाले मरीजों के अलावा आइसोलेशन सेंटर में कोरोना के मरीजों को खाना खिलाकर दीदियों ने मानवता की मिशाल पेश की। मरीज के दरवाजे तक दीदी खाना पहुंचाती रही। दीदी को तीन वक्त के खाना के लिए प्रतिदिन 97.69 रुपये मिलते हैं। अभी प्राफिट कम है। कैबिनेट के द्वारा 50 रुपया बढ़ाए जाने की खबर से दीदी उत्साहित हैं। किरण दीदी समेत बाकी दीदी कहती हैं कि मरीजों की सेवा के साथ बचत भी हो जाती है। मरीजों को खाना खिलाकर खुशी मिलती है। अनुमंडलीय अस्पतालों में भी रसोई होगी शुरू जीविका दीदी चाहती हैं कि सदर अस्पताल की तर्ज पर अनुमंडलीय अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में भी दीदी की रसोई शुरू किया जा सकता है। जीविका की सोच है कि वह मरीजों की सेवा के लिए काम करती हैं। सेवा के साथ आमदनी भी हो रही है। पहले बेरोजगार थी। अब वह नौकरी कर रही है। दीदियों को खाना खिलाने पर बिल के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। पहले 10 वार्ड में दो वार्ड का भुगतान जिला स्वास्थ्य समिति एवं बाकी आठ वार्ड का सुपरिंटेंडेंट दफ्तर से होता था। मगर पिछले माह चिट्ठी आयी है। अब सारा भुगतान जिला स्वास्थ्य समिति से हो रहा है। सारा बिल समिति को भेजा जा रहा है। पूर्णिया में दीदी की रसोई की शुरूआत का वाकया भी है। 2019 में पूर्णिया के जिलाधिकारी प्रदीप कुमार झा थे। सदर अस्पताल के निरीक्षण के लिए वह पहुंचे। उन्होंने वहां देखा कि कुछ मरीज पॉलीथिन में खाना खा रहे हैं। डीएम को यह अच्छा नहीं लगा। उन्होंने बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति को चिट्ठी लिखी। स्वास्थ्य समिति की स्वीकृति के बाद सदर अस्पताल पूर्णिया में जीविका की रसोई से मरीजों को खाना दिया जाने लगा। मालूम हो कि सात जनवरी को पूर्णिया के दमगाड़ा में संवाद कार्यक्रम में दीदी की रसोई का स्टॉल लगाया गया था।सीएम ने करीब आधे घंटे तक दीदियों के साथ बातचीत की थी।उन्होंने दीदी के रसोई की सराहना भी की थी।इसके बाद 12 जनवरी को कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगायी गयी। सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक के दौरान फैसला लिया गया कि बिहार के सभी जिलों और अनुमंडल अस्पतालों में मौजूद कैंटीन अब जीविका दीदियां चलाएंगी। दीदी की रसोई के नाम से यह कैंटीन चलेगी।इसके साथ ही प्रति मरीज को रोज के भोजन के लिए मिलने वाली राशि को 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये कर दिया गया है।बैठक के बाद कैबिनेट के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि मरीजों को अस्पतालों में शुद्ध और पोषक भोजन देने का फैसला लिया गया है।साथ ही इससे महिलाओं की आर्थिक समृद्धि भी होगी।

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