महिलाओं को सुरक्षित वातावरण बनाने में सहभागी बनें :डॉ. केके अमरया - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 1 फ़रवरी 2021

महिलाओं को सुरक्षित वातावरण बनाने में सहभागी बनें :डॉ. केके अमरया

  • घरेलू हिंसा होने पर डीआईआर भरवाने में सहयोग करें : रामप्रसाद कोली

co-oprate-for-women-empowerment
महिलाओं को सुरक्षित व हिंसा मुक्त वातावरण निर्मित करने एवं उनके साथ होने वाली हिंसा का विरोध करने हेतु स्वदेश ग्रामोत्थान समिति दतिया के तत्वावधान में शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय क्र 1 दतिया में संचालित बीएसडब्ल्यू के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को विभिन्न कानूनों की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजित उन्मुखीकरण कार्यक्रम में मुख्यअतिथि डॉ. के.के. अमरया नोडल अधिकारी तंबाकू नियंत्रण कानून, विशिष्ट अतिथि सुमित सोनी शिक्षाविद, राम प्रसाद कोली व वंशीधर शाक्यवार रहे वहीं कार्यक्रम में अध्यक्षता रामजीशरण राय सामाजिक कार्यकर्ता, पीएलव्ही दतिया ने की। उन्मुखीकरण कार्यक्रम में मुख्यअतिथि डॉ. के.के. अमरया द्वारा महिलाओं को सुरक्षित वातावरण बनाने में सहभागी बनने की अपील की साथ ही तंबाकू से बने पदार्थों के सेवन से होने वाले संक्रमण व बीमारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक शनिवार को स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को नवाचार के तहत उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे नई पद्धतियों व योजनाओं के बारे में जान सकें।  विशिष्ट अतिथि  शिक्षाविद सुमित सोनी ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के बारे में जानकारी देते हुए कानूनी प्रावधानों के बारे में बताया। रामप्रसाद कोली द्वारा महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के बारे में प्रचलित कानूनों घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के बारे में जानकारी देते हुए घरेलू हिंसा होने पर डीआईआर भरवाने में सहयोग करने के बारे में बताया।  प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा द्वारा आरंभ किए गए सम्मान अभियान के बारे में अध्यक्षता कर रहे रामजीशरण राय संयोजक डीसीआरएफ़ द्वारा  जानकारी देते हुए उपस्थित प्रतिभागियों से महिलाओं पर होने वाली हिंसा को रोकने के प्रयास में सहयोगी बनने की अपील की। साथ ही उनके द्वारा लैंगिक हिंसा से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 एवं पीसीपीएनडीटी एक्ट-1994 की प्रावधानों की जानकारी प्रदान की। जिसमें लिंग चयन में संलग्न चिकित्सा संस्थान प्रभारी व सहयोगी परिजनों को सजा व जुर्माने के प्रावधान होना बताया। सुश्री चित्रांशा अग्रवाल मेंटर्स द्वारा प्रेरक गीत सुनाया। बालमंच संयोजक ज्योति श्रीवास्तव ने बालमंच व बाल अधिकारों की जानकारी दी।  कार्यक्रम का संचालन करते हुए रविन्द्र सिंह सोलंकी मेंटर्स बीएसडब्ल्यू कार्यक्रम द्वारा लिंग लिंगानुपात के आंकड़ों के बारे में जानकारी बताया कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों व प्रतिभागियों का आभार व्यक्त सुधीर रावत मेंटर्स ने किया। कार्यक्रम में ज्योति श्रीवास्तव, ऋतु यादव, आकांक्षा लिटौरिया, नेहा वर्मा, अंकित गोस्वामी, बबिता झा, निशा वर्मा आदि छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त जानकारी बलवीर पाँचाल सदस्य मातृत्व स्वास्थ्य हकदारी अभियान ने दी।

कोई टिप्पणी नहीं: