नालंदा : ज्ञान भूमि पर बिहार संवाद यात्रा का शांति पूर्ण आगाज - Live Aaryaavart

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शनिवार, 13 फ़रवरी 2021

नालंदा : ज्ञान भूमि पर बिहार संवाद यात्रा का शांति पूर्ण आगाज

  • नालंदा के ज्ञान भूमि पर हमने बिहार संवाद यात्रा का शांति पूर्ण आगाज किया एवं संकल्प लिया कि हम समग्र विकास की ओर राज और समाज में संवाद की प्रक्रिया को सेतू बनकर, मानवता और प्रकृति को जोड़ कर भारत पुनर्निर्माण अभियान के परिकल्पना को साकार करते रहेंगे.....

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नालंदा. शुक्रवार 12 फरवरी को प्राचीन ज्ञानस्थली  नालंदा में भारत पुनर्निर्माण अभियान के तहत बिहार संवाद यात्रा के प्रथम चरण का समापन हो गया. 31जनवरी को जय प्रकाश नारायण जी के जन्म स्थली सिताबदियारा से बिहार संवाद यात्रा का प्रथम चरण का शुभारंभ सारण के डीएम डॉक्टर नीलेश रामचंद्र देवरे और  जलपुरुष राजेन्द्र सिंह ने संयुक्त रूप से किया. भारत पुनर्निर्माण अभियान के साहसिक, सामाजिक और उत्साह के साथ संवाद के अनमोल पल जो जल और जीवन की संकल्पना को सशक्त करता है.सारण के डीएम डॉक्टर नीलेश रामचंद्र देवरे ने बापू की स्मृतियों को प्रार्थना द्वारा संचालित किया. तत्पश्चात बापू के सिद्धांतों को निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए आत्मसात करने का आह्वान किया. जलपुरुष राजेंद्र सिंह जी ने (जे पी), जय प्रकाश नारायण जी के उर्जा को महसूस किया और उनके विचार प्रवाह से सभी जन को प्रेरित किया. पीपल का वृक्षारोपण करते हुए उन्होंने प्रकृति सम्मत समाज के प्रयासों को निरन्तर जारी रखने के लिए चिह्नित किया.हमें यह भी याद दिलाया कि गांधी जी ने कहा है कि हर जन के जरुरतों को पूरा करने के लिए प्रकृति सक्षम है परंतु किसी एक के लालच को वह पूरा नहीं कर सकती है. मनोहर मानव जी ने इस बिहार संवाद यात्रा का संयोजन सफलता पूर्वक किया है और मानवता के प्रति जागरूक करने के लिए पर्यावरण संरक्षण, नाबराबरी, गरीबी उन्मूलन, श्रम शक्ति की प्रतिष्ठा, वसुधैव कुटुंबकम् के स्वर्णिम उद्देश्य को भारत पुनर्निर्माण अभियान का आगाज घोषित किया है. इस यात्रा में शामिल सभी साथियों को बधाई! इंसानियत, विचार प्रवाह, संपूर्ण क्रांति की पुकार सशक्तहो!  जल और जीवन से जोड़ कर संवाद द्वारा संचालित करने के एतिहासिक कदम निर्माण कार्य की ओर अग्रसर हो! लोक कल्याण संस्थान के प्रयोजन में जिला समाहरणालय नालंदा  के सभा कक्ष में जल- जीवन- हरियाली को केंद्र में रखते हुये एक संवाद सह कार्यशाला का आयोजन हुआ. मौके पर उप विकास आयुक्त ने संयोजक मनोहर मानव ,सर्वसेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदन पाल  सहित सभी सदस्यों का स्वागत किया. यात्रा के प्रथम चरण का समापन कार्यक्रम के मौके पर  पर  संवाद यात्रा  के संयोजक मनोहर मानव ने  उन्होंने  यात्रा के लक्ष्यों को बताते हुए कहा कि  प्रकृति हमें सृजनशील,संवेदनशील,विवेकशील, मानवीय ,समतामूलक व्यक्ति और समाज निर्माण की सहज प्रक्रिया से जोड़ता है.राज और समाज के साझा प्रयास से जल-जीवन -हरियाली अभियान को सफल बनाएं.जिले में चल रहे जल -जीवन -हरियाली अभियान के  बारे में जानकारी ली.और मुख्य चुनौतियों पर वार्ता की.उन्होंने कहा कि  संपूर्ण मानव समाज को जल संवर्धन और संपूर्ण प्रकृति के संरक्षण  के लिए आगे आना चाहिये.


मौके पर सारण, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, औरंगाबाद, जहानाबाद, बोधगया और नालंदा जिले के अधिकारियों ने अपने जिले में जल- जीवन-हरियाली संबंधित अन्य कार्य की जानकारी दी और अपने अनुभव साझा किये. इस यात्रा में जुड़े स्मृति राज और सिद्धार्थ मास्केरी   सोलिफाय के संस्थापक हैं. उनका कहना है कि बिहार संवाद यात्रा के द्वारा सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना है. मौलाना एजाज शाहीन चतुर्वेदी महामंत्री वर्ल्ड पीस आर्गनाइजेशन, ने नफरत पर प्रहार करते हुये मानवता का संदेश दिया. संस्थान के सचिव अपर्णा त्रिपाठी ने यात्रा के लक्ष्यों को यात्री दल के साथी  को बताया.यात्री दल के साथी सद्भावना  मंच ( भारत) के संस्थापक दीपक कुमार ने शांति सद्भावना का संदेश दिया. कार्यक्रम में पदाधिकारियों सहित यात्री दल में स्मृति राज,सिद्धार्थ मास्केरी, अपर्णा त्रिपाठी, प्रदीप प्रियदर्शी, मौलाना ए आर शाहीन, चतुर्वेदी, दीपक कुमार, रवि कुमार आदि शामिल है.यह यात्रा  पर्यावरण संरक्षण,प्रेम, सदभावना आदि को समर्पित है. इस अवसर पर यात्रा दल के सदस्यों के साथ उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, निदेशक डी आर डी ए, विभिन्न नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे. बताया गया कि हर जिलों की भौगोलिक स्थिति व चुनौतियां अलग -अलग है.भारत पुनर्निर्माण अभियान के तहत बिहार संवाद यात्रा एवं लोक कल्याण संस्थान के प्रयोजन में बिहार के 13 जिले के समाहरणालय के सभा कक्ष में एक संवाद - सह -कार्यशाला का आयोजन किया जाता रहा.कार्यक्रम में स्मृति राज के द्वारा यात्री दल के साथियों का परिचय कराया जाता. बिहार संवाद यात्रा के संयोजक मनोहर मानव  पर्यावरण संरक्षण, लोक शासन की संकल्पना आदि यात्रा के मुद्दे पर अपनी बातो को रखते.यात्रा के लक्ष्यों को बताते और कहते कि बिहार के हर जिले में अलग अलग चुनौतियां है , अलग अलग भौगोलिक स्थिति है.इसीलिए संपूर्ण मानव समाज को जल संवर्धन के लिए आगे आना चाहिये. विदित हो कि बिहार संवाद यात्रा जलवायु परिवर्तन , नफरत के बदले अहिंसा की ताकत , गैर बराबरी उन्मूलन , श्रम केंद्रित समाज निर्माण आदि मुद्दों को लेकर बिहार के कई जिलों में संवाद किया गया.

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