बिहार : बजट संतुलित और सभी वर्गों के हित में : नीतीश - Live Aaryaavart

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सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

बिहार : बजट संतुलित और सभी वर्गों के हित में : नीतीश

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पटना :  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2021-22 के बिहार बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि बजट संतुलित और सभी वर्गों के हित को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से अब तक राज्य की अर्थव्यवस्था में विकास दर डबल डिजिट में रही है। यह बजट विकास दर को और गति देगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2021-22 के कुल बजट व्यय का आकार 2,18,302.70 करोड़ रूपये है, जिसमें राज्य के विकास योजना मद में 1,00,518.86 करोड़ रूपये एवं स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय मद में 1,17,783.84 करोड़ रूपये है। इस बजट में शिक्षा विभाग के लिए 38,035.93 करोड़ रुपये प्रस्तावित है, जिसमें राजस्व मद में 36,971.29 करोड़ रूपये एवं पूंजीगत मद में 1,064.64 करोड़ रूपये प्रस्तावित है। पिछले वर्ष की तुलना में वित्तीय वर्ष 2021-22 में बजट में 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि प्रस्तावित है। स्वास्थ्य विभाग के लिए गत वर्ष की तुलना में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 21 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि प्रस्तावित है। इस बजट में स्वास्थ्य प्रक्षेत्र हेतु 13,264.87 करोड़ रूपये प्रस्तावित है जिसमे राजस्व मद में 10,827.19 करोड़ रूपये तथा पूंजीगत मद में 2,437.68 करोड़ रूपये प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा सड़क प्रक्षेत्र में व्यय किये जाते हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए सड़क प्रक्षेत्र में 15,227.74 करोड़ रूपये का व्यय अनुमानित है जिसमें सड़कों के रखरखाव एवं मरम्मत मद में 2,850.00 करोड़ रूपये अनुमानित है। पिछले वर्ष की तुलना में वित्तीय वर्ष 2021-22 में व्च्त्डब् मद में 93 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि प्रस्तावित है।

 

वर्ष 2021-22 में कुल 7,850 किलोमीटर ग्रामीण पथों एवं 731 उच्चस्तरीय पुलों का निर्माण कार्य कराने का लक्ष्य है, जिस पर कुल 4,518 करोड़ रूपये का व्यय प्रस्तावित है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 8,000 किलोमीटर ग्रामीण पथों की मरम्मति/उन्नयन किये जाने का लक्ष्य है, जिस पर कुल 2000 करोड़ रूपये का व्यय प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021-22 में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण एवं पिछड़ा तथा अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण तथा समाज कल्याण से संबंधित विभागों द्वारा 12,274.49 करोड़ रूपये व्यय किया जाना प्रस्तावित है। वर्ष 2020-21 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2021-22 में कल्याण प्रक्षेत्र के बजट में 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा प्रक्षेत्र में वर्ष 2021-22 में 8,560.00 करोड़ रूपये प्रस्तावित है, जिसमंे राजस्व मद में 7,047.00 करोड़ रूपये एवं पूंजीगत मद में 1,513.00 करोड़ रूपये प्रस्तावित है। पिछले वर्ष की तुलना में वित्तीय वर्ष 2021-22 में ऊर्जा विभाग के बजट में 53 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन के अंतर्गत आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 4,671 करोड़ रूपये का बजट में प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत उच्चतर शिक्षा के लिए महिलाओं को प्रोत्साहन स्कीम हेतु 600 करोड़ रूपये, हर खेत तक सिंचाई का पानी स्कीम हेतु 550 करोड़ रूपये, युवा शक्ति-बिहार की प्रगति अंतर्गत विभिन्न स्कीम हेतु 550 करोड़ रूपये, पशु एवं मत्स्य संसाधन का विकास स्कीम हेतु 500 करोड़ रूपये, उद्यमिता विकास के स्कीम हेतु 400 करोड़ रूपये और सभी गांव सोलर लाइट हेतु 150 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपरोक्त कार्यक्रमों के अतिरिक्त सात निश्चय-1 योजना के विभिन्न स्कीमों के रखरखाव एवं अनुरक्षण मद में तथा जल-जीवन-हरियाली मिशन स्कीम हेतु राशि का प्रावधान वित्तीय वर्ष 2021-22 में किया गया है।


आज प्रस्तुत किये गये बजट के पश्चात मुख्यमंत्री ने बिहार विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि उप मुख्यमंत्री ने विधानसभा में आज बजट पेश करते हुए बहुत अच्छे ढ़ंग से संक्षेप में सारी बातें बतायी हैं। बजट के महत्वपूर्ण विषयों पर उन्होंने चर्चा भी की है। हमलोगों ने बजट में हर क्षेत्र का ख्याल रखा है। पिछली बार शुरू की गयी सात निश्चय की योजना के अन्तर्गत जो काम बचे रह गये जैसे कुछ जगहों पर सड़कों एवं पक्की गली का निर्माण या हर घर नल का जल का काम पूर्ण नहीं हुआ है, उन सारे कार्यों को पूर्ण करने का भी बजट में उल्लेख किया गया है। हमलोगों की कोशिश होगी कि जितनी योजनायें पहले से चल रही हैं उन्हें एक वर्ष के अंदर पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके अलावा जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत जो काम चल रहे हैं, उसे निरंतर आगे बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय पार्ट-2 की परिकल्पना की गई है, उसे कैबिनेट ने पास किया है। विभिन्न विभागों ने इसके लिये जरूरी योजनाएं बनायी हैं। इस बजट में इसके लिये प्रावधान किया गया है और नये वित्तीय वर्ष 2021-22 में सारा काम शुरू हो जायेगा। कृषि, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा पर और ज्यादा पैसा खर्च करने का निर्णय लिया गया है। पिछले 11-12 माह से कोरोना का दौर चला है, जिसका प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के दौर में लोगों को राहत पहुंचाने के लिये केन्द्र से सहयोग तो मिला ही है, साथ ही राज्य सरकार ने भी बड़े पैमाने पर राशि व्यय की है। इस पर 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि व्यय की गई है। उन्होंने कहा कि बजट में अगले साल के लिये एक-एक चीज का प्रावधान किया गया है ताकि बिहार की और प्रगति हो। हमलोग इस बात को लेकर वचनबद्ध हैं, उसका अनुपालन करना चाहते हैं, क्रियान्वित करना चाहते हैं, जिसका बजट में प्रावधान किया गया है। कोरोना काल में पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव पड़ा है, इसके बावजूद हमलोग सभी काम को आगे बढ़ाना चाहते हैं। सबके सहयोग से बिहार को आगे बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय पार्ट-2 के अंतर्गत सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्र में हर प्रकार से लोगों को रोजगार के लिये प्रेरित करेंगे। 20 लाख से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिले, इसके लिये हमलोग काम करेंगे। राज्य में मेडिकल मेडिकल और इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय बनाने की सारी तैयारी चल रही है। साथ ही खेल के लिये राजगीर में खेल विश्वविद्यालय बनाया जायेगा। राजगीर में स्टेडियम के निर्माण कार्य के अलावा खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिये पहले से काम हो रहा है। इन सब चीजों को ध्यान में रखते हुए सब लोगों ने निर्णय किया कि राजगीर में ही खेल विश्वविद्यालय बनेगा, इस पर पहले ही बात हो चुकी थी। स्पोट्र्स को बढ़ावा देने के लिये हमलोग प्रारंभ से ही पूरी कोशिश कर रहे हैं। नई पीढ़ी को खेल के प्रति आकर्षण होना चाहिये। सबको पढ़ना चाहिये, साथ ही खेल-कूद के प्रति भी आकर्षण रहने से उनका स्वभाव ही नहीं बेहतर होगा बल्कि भविष्य भी और बेहतर बनेगा।

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