माले विधायक दल की बैठक में लालू प्रसाद यादव की रिहाई की मांग उठी - Live Aaryaavart

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सोमवार, 8 फ़रवरी 2021

माले विधायक दल की बैठक में लालू प्रसाद यादव की रिहाई की मांग उठी

  • विधानसभा में सरकार को घेरने की रणनीति पर हुई बातचीत, छज्जू बाग स्थित विधायक दल कार्यालय में हुई बैठक


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पटना 8 फरवरी, आगामी 19 फरवरी से शुरू हो रहे बिहार विधानसभा के बजट सत्र को लेकर भाकपा-माले विधायक दल की एकदिवसीय बैठक आज पटना के छज्जूबाग स्थित भाकपा-माले विधायक में संपन्न हुई. बैठक में माले राज्य सचिव कुणाल, विधायक दल के प्रभारी राजाराम सिंह, विधायक दल के नेता महबूब आलम व माले के पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा शामिल थे. उनके अलावा बैठक में माले विधायक दल के उपनेता सत्यदेव राम, सचेतक अरूण सिंह, मनोज मंजिल, संदीप सौरभ, वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, सुदामा प्रसाद, रामबलि सिंह यादव, महानंद सिंह, गोपाल रविदास और अजीत कुशवाहा भी शामिल हुए. बैठक में माले विधायक दल ने सबसे पहला प्रस्ताव लिया है कि गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को अविलंब रिहा किया जाना चाहिए और उनके इलाज की उच्चतम व्यवस्था की जानी चाहिए. माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने कहा कि श्री लालू प्रसाद यादव जी ने अपनी सजा की आधी से अधिक अवधि जेल में काट भी ली है, इसलिए उन्हें बेल न देने का कोई मतलब समझ में नहीं आ रहा है. महबूब आलम ने विधायक दल की बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में आगामी बजट सत्र में सरकार को सदन में घेरने पर चर्चा हुई. यह भी तय हुआ कि वामपंथी दलों व महागठबंधन के अन्य दलों के विधायकों के साथ इस पर जल्द ही चर्चा की जाएगी और इस पर एक राय बनाई जाएगी कि विधानसभा के भीतर सरकार की असफलता को कैसे कारगर तरीके से पर्दाफाश किया जाए. उन्होंने कहा कि हम इस बात की गारंटी चाहते हैं कि विधानसभा में जनता के जरूरी सवालों पर चर्चा हो. हम विधानसभा के आगामी सत्र में मोदी सरकार द्वारा देश पर थोप दिए गए तीनों किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव लाने की मांग करेंगे. साथ ही, दिल्ली की तर्ज पर बिहार में भी भाजपा-जदयू सरकार की बढ़ती तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी. आशा, रसोइया, शिक्षक आदि तबकों के सवालों को प्रमुखता से उठाया जाएगा. माले विधायक दल ने कहा कि विधानसभा सत्र के पहले सभी विधायक अपने क्षेत्रों में जनसंवाद का कार्यक्रम चला रहे हैं और जनता से आए सवालों को एकत्रित कर रहे हैं. हम इन सवालों को सदन के अंदर मजबूती से उठायेंगे और सरकार को जवाब देने के लिए बाध्य करेंगे.

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