विकास ही हमारा धर्म है : मोदी - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

विकास ही हमारा धर्म है : मोदी

development-relegion-modi
तिरुवनंतपुरम, 19 फरवरी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि विकास सभी के लिए है और यह उनकी सरकार का लक्ष्य और धर्म भी है। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से केरल में बिजली और शहरी क्षेत्र की कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विकास और सुशासन जाति, लिंग, धर्म या भाषा नहीं देखते। उन्होंने महान मलयाली कवि कुमारनसन की पंक्तियों का उल्लेख किया जिन्होंने कहा था, ‘‘मैं आपकी जाति नहीं पूछ रहा हूं बहन। मैंने आपसे पानी मांगा, मैं प्यासा हूं।’’ मोदी ने कहा, ‘‘विकास सभी के लिए है। यही सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का मूलमंत्र है। विकास ही हमारा लक्ष्य है, विकास ही हमारा धर्म है।’’ इस अवसर उन्‍होंने कहा कि ये परियोजनाएं केरल की विकास यात्रा में बहुत उपयोगी साबित होंगी। उन्होंने कहा, ‘‘ नई परियोजनाएं वास्‍तव में इस सुंदर राज्‍य का सशक्तिकरण करेंगी। केरल के लोगों ने देश की प्रगति में महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है।’’ प्रधानमंत्री ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया उनमें 320 केवी पुगलुर (तमिलनाडु) - त्रिशूर (केरल) बिजली संचरण परियोजना, 50 मेगावाट कासरगोड सौर ऊर्जा परियोजना और अरुविकारा में बने 75 एमएलडी (दस लाख लीटर प्रतिदिन) का जल प्रशोधन संयंत्र शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने तिरुवनंतपुरम में एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र तथा तिरुवनंतपुरम में ही स्मार्ट सड़क परियोजना की आधारशिला भी रखी। इस अवसर पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के साथ-साथ केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर के सिंह और आवास व शहरी मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी उपस्थित थे। पुगलुर - त्रिशूर पावर ट्रांसमिशन परियोजना एवं गलुर-त्रिशूर बिजली संचरण परियोजना एक वोल्टेज सोर्स कन्वर्टर (वीएससी) आधारित हाई वोल्टेड डायरेक्ट करेंट (एचवीडीसी) परियोजना है और इसमें भारत का पहला एचवीडीसी लिंक है जिसमें अत्याधुनिक वीएससी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। लगभग 5070 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, यह परियोजना पश्चिमी क्षेत्र से 2000 मेगावाट बिजली भेजने की सुविधा प्रदान करेगी और केरल के लोगों के लिए मांग में वृद्धि को पूरा करने में मदद करेगी। कासरगोड सौर ऊर्जा परियोजना को राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन के तहत विकसित किया गया है। कासरगोड जिले के पिवलीक, मींजा और चिप्पर गांवों में 250 एकड़ से ज्यादा जमीन पर फैली इस परियोजना का निर्माण केंद्र सरकार के करीब 280 करोड़ रुपये की मदद से किया गया है।

कोई टिप्पणी नहीं: