गुलाबी गेंद से भिड़ने को तैयार भारत और इंग्लैंड - Live Aaryaavart

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बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

गुलाबी गेंद से भिड़ने को तैयार भारत और इंग्लैंड

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अहमदाबाद, २३ फरवरी, भारत और इंग्लैंड आईसीसी टेस्टचैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के लिए बुधवार से दुनिया के सबसे अधिक दर्शक क्षमता वाले क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले तीसरे एवं दिन रात्रि टेस्ट मैच में गुलाबी गेंद से उम्मीदों का चिराग जलाने उतरेंगे। भारत और इंग्लैंड इस समय सीरीज में 1-1 बराबरी पर हैं अगले दो टेस्टों में इस बात का फैसला होना है कि इन दोनों मैं से कौन सी टीम विश्व चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुंचेगी। यानी इनका लॉर्ड्स का सफर अहमदाबाद से होकर निकलना है। यदि ये दोनों टेस्ट ड्रा रह जाते हैं तो ऑस्ट्रेलिया की टीम फाइनल में पहुंच जायेगी। भारत को यह सीरीज 2-1 या 3-1 से जीतनी है जबकि इंग्लैंड को 3-1 से जीतनी है। यह दिलचस्प है कि विश्व चैंपियनशिप फ़ाइनल की दूसरी टीम का फैसला दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम में होना है जिसकी दर्शक क्षमता एक लाख 10 हजार है। सरदार पटेल स्टेडियम ने 2014 से किसी अंतर्राष्ट्रीय मैच का आयोजन नहीं किया है और इस मैदान के नवनिर्मित हो जाने के बाद इसमें पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच दिन रात्रि का होने जा रहा है। इस मैदान पर हाल में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के कुछ टी-20 मैच आयोजित हुए थे और अब मोटेरा में नयी फ्लड लाइट्स के बीच गुलाबी गेंद से टेस्ट मैच होने जा रहा है। भारत अपना दूसरा दिन रात्रि टेस्ट आयोजित कर रहा है। गुलाबी गेंद ज्यादा स्विंग लेती है और इसमें लाल गेंद के मुकाबले ज्यादा तेजी रहती है। दोनों टीमों ने पहले दो टेस्टों में अपने गेंदबाजों के दम पर जीत हासिल की थी और मोटेरा में भी कुछ ऐसा ही हो सकता है। गुलाबी गेंद से टेस्ट मैचों का इतिहास छह साल पुराना है और इन टेस्टों में तेज गेंदबाजों का दबदबा रहा है। दुनिया भर में खेले गए दिन रात्रि टेस्ट मैचों में तेज गेंदबाजों ने 24.47 के औसत से 354 विकेट लिए हैं जबकि स्पिनरों ने 35.38 के औसत से 115 विकेट लिए हैं। मोटेरा की पिच कैसा व्यवहार करेगी , यह देखना दिलचस्प होगा। भारत के लिए इस मैच से पहले अच्छी खबर है कि उसके तेज गेंदबाज उमेश यादव ने फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है और वह टीम में शामिल कर लिए गए हैं। भारत के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा का यह 100 वां टेस्ट होगा और वह इसे यादगार बनाने की पूरी कोशिश करेंगे। हालांकि इशांत का कहना है कि टीम की नजरें इस बात पर लगी हैं कि टीम जीत हासिल कर विश्व चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुंचे।


इंग्लैंड के पास जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड के रूप में दुनिया के दो सर्वश्रेष्ठ स्विंग गेंदबाज हैं जबकि भारत इशांत और बुमराह पर भरोसा करेगा। इस मैच में दोनों टीमों के लिए गेंदबाजी संतुलन चुनना सबसे बड़ी चुनौती रहेगी। मुश्ताक अली ट्रॉफी के मैचों में स्पिनरों को भी फायदा मिला था, इसे देखते हुए दोनों टीमें तेज और स्पिन आक्रमण का सही संतुलन ढूंढेंगी। इस मुकाबले केको लेकर दोनों टीमों के प्रमुख खिलाड़ियों का अलग-अलग कहना है। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन मानते हैं कि दिन रात्रि टेस्ट में स्विंग की ज्यादा भूमिका नहीं होगी जबकि भारतीय ओपनर रोहित शर्मा का कहना है कि शाम के समय फ्लड लाइट्स के जलने के वक्त बल्लेबाजी करना ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगा। डे नाईट टेस्ट में परिस्थितियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। रात में ओस का फैक्टर भी रहेगा जो गेंदबाजी करने वाली टीम को परेशानी में डालता है। मोटेरा स्टेडियम में एलईडी फ्लड लाइट्स लगी हैं जो बाकी फ्लड लाइट्स से अलग होंगी और टेस्ट पर इसका भी असर देखने को मिलेगा। भारत चेन्नई में दूसरा टेस्ट रिकॉर्ड अंतर से जीतने वाली टीम में ज्यादा परिवर्तन नहीं होगा यदि कोई परिवर्तन होता है तो चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को बाहर बैठना पड़ सकता है। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की जगह बुमराह एकादश में लौटेंगे। जो पांच बल्लेबाज चेन्नई में खेले थे उनका टीम में स्थान सुरक्षित है इनके साथ ऋषभ पंत विकेटकीपर, दोनों स्पिनर रविचंद्रन आश्विन और अक्षर पटेल तथा तेज गेंदबाज इशांत और बुमराह रहेंगे। पांचवें गेंदबाज के लिए उमेश और सिराज के बीच मुकाबला रहेगा। आलराउंडर हार्दिक पांड्या ने नेट्स में गुलाबी गेंद के साथ गेंदबाजी की है लेकिन टीम इण्डिया उन्हें खेलने का जोखिम नहीं उठाएगी क्योंकि वह हाल में चोट से उबरे हैं। बल्लेबाजी को मजबूत करने और बीच में पांच-छह ओवर डलवाने के लिए पांड्या को शामिल किया जा सकता है। दोनों टीमें अपनी अंतिम एकादश का चयन परिस्थितियों को देखकर करेंगी लेकिन दोनों का लक्ष्य जीत हासिल कर अपनी उम्मीदों को बनाये रखना रहेगा। क्योंकि दोनों टीमों के लिए यह करो या मरो का मुकाबला है। मोटेरा की फ्लड लाइट्स सामान्य फ्लड लाइट्स की तरह नहीं है। स्टेडियम की छत पर एलईडी लाइट्स का घेरा बनाया गया है जो दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम की तरह है और इसे रिंग ऑफ फायर कहा जा रहा है ।

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