लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के कारण दिन भर के लिए स्थगित - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

बुधवार, 3 फ़रवरी 2021

लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के कारण दिन भर के लिए स्थगित

parliament-postpond-for-day
नयी दिल्ली 03 फरवरी, बजट सत्र के दूसरे दिन किसानों के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष ने भारी हंगामा किया जिसके कारण अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। चार बार के स्थगन के बाद श्री बिरला ने नौ बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की, विपक्ष के सभी सदस्य सदन के बीचोबीच आकर हंगामा और नारेबाजी करने लगे। उन्होंने सदस्यों से अपनी सीट पर जाने का आग्रह करते हुए कहा कि सदस्यों की सहमति हो तो सदन की कार्यवाही का समय बढ़ा दिया जाये लेकिन सदन में हंगामा जारी रहा। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जनता ने अपने इलाके की समस्याओं को उठाने के लिए यहां भेजा है नारेबाजी या ताली बजाने के लिए नहीं। उन्होंने सांसदों से कहा कि वह संसद की मर्यादा को खत्म कर रहे हैं। विपक्षी दलों के हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान व्यवधान नहीं उत्पन्न करने की परंपरा रही है। इस दौरान व्यवधान उत्पन्न नहीं करना हमारा संवैधानिक दायित्व भी है। वहीं कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बजट पर चर्चा से पहले किसानों के मुद्दे पर चर्चा करना आवश्यक है। किसानों पर जिस प्रकार का अत्याचार और अन्याय हो रहा है, वह उसकी आवाज उठाएंगे। सरकार ने सड़कों पर जिस प्रकार कीलें लगायी है, उससे लगता है दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ने बार-बार सदस्यों से अपने स्थान पर जाने का आग्रह किया लेकिन विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी और शोर शराबा करते रहे। हंगामा बढ़ने लगा तो उन्होंने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही चार बार स्थगित की गयी तथा प्रश्नकाल और शून्यकाल शोर शराबे की भेंट चढ़ गये।

कोई टिप्पणी नहीं: